Top 10 Hindi Moral Stories For Class 8 हिंदी में 2021

Hindi Moral Stories For Class 8:- Here I’m sharing the top 10 Hindi Moral Stories For Class 8 which is very valuable and teaches your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that’s why I’m sharing with you. 

    यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

1. लोमड़ी की चालाकी New Hindi Moral Stories For Class 8

लोमड़ी की चालाकी New Hindi Moral Stories For Class 8

एक दिन एक लोमड़ी अचानक एक कुएँ में गिर गई। कुएँ में गिरकर वह चिल्लाने लगी,”बचाओ-बचाओ, कोई मुझे बचाओ।” उधर से गुजर रही एक बकरी कुएँ से पानी पीने के लिए रुकी।

कुएँ के पास आकर जब उसने झाँककर देखा तो कुएँ के अंदर लोमड़ी को देखकर पूछा, “बहन! तुम यहाँ क्या कर रही हो?” लोमड़ी चालाक थी।बड़े मीठे स्वर में बोली, इस कुएँ का पानी बहुत मीठा है।

मैं हमेशा यही पानी पीती हूँ। मैं आज इसमें इसलिए आई हूँ, कि ज्यादा पानी पी सकूँ। तुम भी अंदर आ जाओ और जी भर कर पानी पियो। यह सुनते ही बकरी कुएँ में कूद पड़ी।

उसकी पीठ पर चढ़कर लोमड़ी कुएँ से बाहर आ गई। बाहर आकर उसने हँसते हुए बकरी से कहा, “कुछ भी करने से पहले उसका परिणाम जरूर जान लो।”  

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2. आलसी गधा Latest Hindi Moral Stories For Class 8

आलसी गधा Latest Hindi Moral Stories For Class 8

एक व्यापारी के पास एक गधा था। वह गधे पर बाजार से माल ढोकर लाता था। एक दिन व्यापारी ने नमक के बड़े-बड़े बोरे गधे की पीठ पर लादे। इतने भारी बोझ से गधे का दम निकला जा रहा था।

अचानक रास्ते में नदी के किनारे उसका पैर फिसला और वह नदी में जा गिरा। किसी तरह संभलकर वह उठा तो हैरान था, क्योंकि उसकी पीठ पर लदा भार अचानक हल्का हो गया था। दरअसल, नमक पानी में घुल गया था। ।  

अगले दिन फिर व्यापारी ने गधे की पीठ पर नमक के भारी बोरे लादे। गधा जब नदी पर पहुँचा तो जान-बूझकर फिसलकर पानी में जा गिरा। उसकी पीठ का भार फिर कम हो गया।

गधे के मालिक ने देख लिया था कि आज गधा जान बूझकर फिसला है, इसलिए उसने गधे को सबक सिखाने की सोची। अगले दिन उसने गधे की पीठ पर रूई के बोरे लादे।

नदी पर आकर गधा जैसे ही फिसलकर नदी में गया तो रूई ने पानी सोख लिया और भारी हो गई। गधे को अब अपने ऊपर पछतावा हो रहा था।  

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3. शेर का पीछा करता गधा Amazing Hindi Moral Stories For Class 8

शेर का पीछा करता गधा Amazing Hindi Moral Stories For Class 8

एक सुबह एक गधा और एक मुर्गा मिलकर भोजन कर रहे थे। अचानक एक शेर आया और उसने गधे की तरफ आक्रामक होकर जैसे ही पंजा बढ़ाया वैसे ही मुर्गे ने जोर-जोर से बांग देना आरंभ कर दिया।

शेर इस आवाज़ से डर गया और भाग खड़ा हुआ। गधे ने सोचा कि क्यों न शेर को सबक सिखाया जाए और उसने शेर का पीछा करना शुरू कर दिया।

शेर मुर्गे की आवाज से डर कर भाग रहा था लेकिन थोड़ी दूर के बाद आवाज़ सुनाई देना बंद हो गई। गधा उस शेर का पीछा करते-करते यह भूल चुका था कि भागते-भागते वह मुर्गे की आवाज़ की सीमा से बाहर आ चुका था।

जैसे ही आवाज़ बंद हुई वैसे ही शेर पलटा और उसने गधे पर आक्रमण कर दिया। इस प्रकार अपनी बेवकूफी के कारण गधा मारा गया।  

Amazing Hindi Moral Stories For Class 8 शिक्षाः अपनी सामर्थ्य को जाने बगैर कोई भी काम करना क्षति को निमंत्रण देने के समान है।

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4. धूर्त मेंढक In Hindi Moral Stories For Class 8

धूर्त मेंढक In Hindi Moral Stories For Class 8

एक बार एक मेंढक ने बुरी नीयत से एक चूहे से दोस्ती कर ली। वह उसका विश्वास जीतकर उसे मारकर खा जाना चाहता था। एक दिन खेल खेल में मेंढक ने चूहे का एक पंजा अपने साथ बांध लिया।

पहले उन दोनों ने जौ खाए और फिर पानी पीने के लिए तालाब पर गए। जैसे ही चूहे ने पानी पीना शुरू किया वैसे ही मेंढक ने उसे पानी के अन्दर खींच लिया। वह उसे गहराई में ले गया।

वहाँ पर चूहे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। थोड़ी देर बाद उसका शव पानी की सतह पर तैरने लगा। तभी एक चील उस पर झपटी और उसने अपने तेज़ तथा पैने नखों वाले पंजों से उसे जकड़ लिया। मेंढक का पाव चूहे के साथ बंधे होने के कारण वह भी चील का भोजन बन गया।  

In Hindi Moral Stories For Class 8 शिक्षाः केवल अपना स्वार्थ देखने वाले को अंतत: भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

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5. दो मित्र और भालू For Class Hindi Moral Stories

दो मित्र और भालू For Class Hindi Moral Stories

दो दोस्त एक घने जंगल से गुजर रहे थे। जब उन्होंने देखा कि एक भालू उनकी तरफ आ रहा है तो उनमें से एक शीघ्र ही ऊँचे वृक्ष पर चढ़ गया और छुप गया। परन्तु दूसरा दोस्त कुछ समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे।

वह असहाय सा खड़ा रह गया। तब उसे अपनी पाठशाला का एक सबक याद आया कि भालू मरे हुए आदमी का शिकार नहीं करते। वह बिल्कुल एक मृत व्यक्ति की भाँति धरती पर साँस रोककर सीधा लेट गया।

भालू उसके पास आया और उसे सूंघकर चला गया। थोड़ी देर बाद उसका मित्र पेड़ से उतरकर आया और उससे पूछने लगा,

“मित्र, भालू ने तुम्हारे कान में क्या बुदबुदाया?” उसने उत्तर दिया, “भालू ने कहा कि संकट की घड़ी में जो भाग जाए वह सच्चा मित्र नहीं होता।”  

For Class 8 Hindi Moral Stories शिक्षा: एक सच्चा मित्र ही संकट की घड़ी में साथ देता है।

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6. शेर का इलाज Moral Stories In Hindi For Class 8

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एक बार जंगल का राजा शेर काफी बीमार पड़ गया। जंगल के सभी जानवर उसे देखने उसकी गुफा में आए। सिर्फ एक लोमड़ी नहीं आ पाई। भेड़िये ने इस बात का फायदा उठाया और शेर को लोमड़ी के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया।

लड़की को जब आसपास के जानवरों से यह बात पता लगी तो वह अगले दिन शेर के पास गई और गैरहाज़री का कारण बताते हुए बोली, “महाराज,

मैं आपकी बीमारी की औषधि ढूँढने के लिए बहुत दूर चली गई थी और मैं उसमें सफल हो गई हूँ।” उसने बात जारी रखते हुए कहा, “आपको एक जीवित भेड़िये को जलाकर उसकी खाल से अपने पूरे शरीर को ढकना होगा।

वह आपको गरमाहट देगी और उससे आप एकदम पहले की तरह स्वस्थ हो जाएंगे।” जंगल में जिंदा भेड़िये को जलाने का आदेश जारी कर दिया गया और इस प्रकार वह भेड़िया मृत्यु को प्राप्त हो गया।

Moral Stories In Hindi For Class 8 शिक्षाः जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं वे उसमें स्वयं ही गिर जाते हैं।Related:- 

7. शेर की दावत में बैल Hindi Moral Stories For Class 8

शेर की दावत में बैल Hindi Moral Stories For Class 8

एक बार जंगल के राजा शेर ने रात्रि को भोजन में बैल का मांस खाने की इच्छा से एक योजना बनाई। वह बैल से आग्रह करते हुए बोला,

“दोस्त, तुम्हारे लिए मैंने एक भेड़ का शिकार किया है और आज रात तुम मेरे महल में शाही भोज के लिए आमंत्रित हो।” बैल ने उसका आमंत्रण स्वीकार कर लिया।

रात होने पर जब बैल वहाँ पहुँचा तो उसने देखा कि वहाँ बड़ी-बड़ी सींके लगी है और घड़ों में पानी उबल रहा है। लेकिन वहाँ कोई मृत भेड़ नहीं थी।

एक भी शब्द कहे बिना वह वापस जाने लगा तो शेर खीजकर बोला, “मैंने तो तुम्हें बिना कोई नुकसान पहुँचाए भोजन के लिए बुलाया लेकिन तुम बिना कोई कारण बताए ही जा रहे हो।

नाशुक्र बैल!” तब बैल ने उत्तर दिया, “मैंने यहाँ कोई मृत भेड़ नहीं देखी। इसका मतलब है कि तुमने भेड़ के बदले आज बैल का मांस खाने की पूरी तैयारी कर रखी थी।”  

Hindi Moral Stories For Class 8शिक्षा: किसी की मीठी-मीठी बातों में कभी भी नहीं आना चाहिए।

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8. लोमड़ी की मुक्ति Hindi Moral Stories For Class 8

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एक बार एक कौए ने कहीं से मांस का एक टुकड़ा चुराया और उसे चोंच में दबाकर वह एक वृक्ष की शाखा पर जा बैठा। एक लोमड़ी बहुत देर से यह सब देख रही थी। मांस के टुकड़े को देखकर उसके मुँह में भी पानी आ रहा था।

तभी उसके दिमाग में एक युक्ति आई। वह पेड़ के नीचे खड़ी हो गई और कौए से बोली, “मित्र कौए, तुम इस दुनिया के सबसे सुन्दर पक्षी हो। तुम्हारा व्यक्तित्व बहुत ही प्रभावशाली और उज्जवल है।

तुम्हारी सुन्दरता का तो कोई मुकाबला ही नहीं है। अगर तुम्हारे पास मीठी आवाज भी…” इससे पहले कि लोमड़ी अपनी बात पूरी करती कौए ने गाना गाने के लिए मुँह खोल दिया। मुँह खुलते ही मांस का टुकड़ा उसकी चोंच से नीचे गिर पड़ा। लोमड़ी ने तुरंत उसे लपक लिया और भाग गई।  

Moral Stories In Hindi For Class 8 शिक्षाः झूठी प्रशंसा से सावधान रहना चाहिए।

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9. बंदर की आपत्ति Hindi Moral Stories For Class 8

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एक दिन जंगल में एक नदी के पास काफी सारे जानवरों का हुजूम राजा के चुनाव के लिए इकट्ठा हुआ था। छोटे-बड़े सभी जानवर बहुत उत्साहित थे। तभी उनमें से एक हाथी बोला,

“मेरा आकार बहुत बड़ा है तथा मैं बहुत बलशाली हूँ। इसलिए राजा के पद के लिए मैं ही उपयुक्त हूँ।” ऊँट ने उसकी बात काटते हुए कहा, “नहीं, राजा बनने के लिए तो मैं ही उचित हूँ।

मैं बलिष्ठ और सुडौल हूँ और काफी दिनों तक बिना खाए-पिए भी रह सकता हूँ।” तभी एक बंदर उनकी बात काटते हुए बोला, “नहीं,

तुम दोनों इस पद के लिए अनुचित हो। ऊँट को कभी गुस्सा नहीं आता तो फिर वह दोषी को दंड कैसे देगा? हाथी भाग नहीं सकता तो फिर वह दुश्मनों से हमें कैसे बचाएगा?”

Hindi Moral Stories For Class 8 शिक्षा: कभी-कभी छोटी चीजें भी हमारी तरक्की के रास्ते में रुकावट बन जाती हैं।

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10. मूर्ख बंदर Moral Stories In Hindi For Class 8

मूर्ख बंदर Moral Stories In Hindi For Class 8

कुछ मछुआरे नदी किनारे रोजमर्रा के अपने कार्य कर रहे थे। वे नदी में अपने जाल डाल रहे थे और मछलियों के फँसने का इंतजार कर रहे थे।

कुछ देर बाद उन्होंने तय किया कि थोड़े समय के लिए कार्य से अवकाश लिया जाए। किनारे पर अपने जाल छोड़कर दोपहर का भोजन करने के लिए वे किनारे से थोड़ी दूर चले गए।

वहाँ एक पेड़ था जिसकी एक शाखा पर बैठा बंदर मछुआरों की इन सारी गतिविधियों को चकित भाव से देख रहा था। वह उन गतिविधियों की नकल करने के लिए बहुत उत्सुक था।

मछुआरों के हटने पर बंदर को मौका मिल गया। वह पेड़ से नीचे उतरा और उसने मछुआरों द्वारा किए गए कार्यों को करने की कोशिश की। लेकिन उसने जैसे ही जाल को छुआ वैसे ही वह उसमें उलझ गया।

उसका जीवन खतरे में पड़ गया। वह डूबने लगा। जान बचाने की कोशिश करते हुए वह चिल्लाने लगा, “मैं जिसका भागी था वही मुझे मिला। पहले से सीखे बगैर मुझे मछली पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए थी।”  

Hindi Moral Stories For Class 8 शिक्षाः अल्प ज्ञान खतरनाक होता है।

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