Top 10 Short Story in Hindi For Class 6 हिंदी में शीर्ष 10 लघु कहानी

Short Story in Hindi For Class 6:- Here I'm sharing the top 10 Short Story in Hindi For Class 6 which is very valuable and teaches your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that's why I'm sharing with you.

Top 10 Short Story in Hindi For Class 6

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

Short Story in Hindi For Class 6 

1. दसवाँ व्यक्ति Short Story in Hindi For Class 6

दसवाँ व्यक्ति Short Story in Hindi For Class 6


सोहन एक बेरोजगार युवक था। वह कुछ कार्य करना चाहता था। इसलिए उसने महल के द्वार पर खड़े होकर राजा से नौकरी माँगने का निर्णय लिया। अगले दिन वह महल के द्वार पर खड़े होकर राजा का इंतजार करने लगा।

समय व्यतीत करने के लिए वह महल के अंदर आने जाने वाले व्यक्तियों की गिनती करने लगा। पूरे दिन उसने अन्दर जाने वाले दस अजनबी व्यक्तियों की गिनती की। लेकिन शाम तक उनमें से सिर्फ नौ ही व्यक्ति बाहर आए थे।

शाम को जब राजा महल से बाहर आए तो सोहन ने उनसे नौकरी की। बात की लेकिन दुर्भाग्यवश राजा ने उसे मना कर दिया। तब सोहन ने राजा से कहा, "महाराज,

महल के अंदर जाने वाले दस अजनबियों में से सिर्फ नौ ही अजनबी बाहर आए हैं। एक व्यक्ति अब भी अंदर ही है।" यह सुनकर राजा ने उसी वक्त अपने सैनिकों को उस दसवें व्यक्ति को ढूँढने का आदेश दिया।

वह व्यक्ति राजा के ही कमरे में छुपा हुआ था। सैनिकों ने उसे पकड़ लिया। वह व्यक्ति दुश्मन देश का जासूस था, जो राजा को मारने आया था। यह देखकर राजा सोहन से बहुत खुश हुआ और उसने उसे अपना अंगरक्षक बना लिया।
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2. काजी का न्याय Short Story in Hindi For Class 6


काजी का न्याय Short Story in Hindi For Class 6


एक दिन तीन भाई न्याय पाने के लिए काजी के पास गए। उनका मामला बड़ा अनोखा था। वे काजी से बोले, "हमारे पिता की मृत्यु हो चुकी है। मरने से पहले हमारे पिता ने कहा था कि आधी जायदाद बड़े बेटे की होगी.

जायदाद का एक-चौथाई हिस्सा दूसरे बेटे और जायदाद का छठवाँ हिस्सा तीसरे बेटे का होगा। इसलिए हमने उनकी मृत्यु के बाद जमीन-जायदाद को उसी तरह बाँट लिया।

लेकिन हम ग्यारह ऊँटों को नहीं बाँट पा रहे हैं। हम उन्हें किस प्रकार बाँटे?" उनकी बात सुनकर कुछ देर तो काजी सोच में पड़ गया लेकिन फिर बोला,

"यदि तुम्हें एतराज न हो तो मैं तुम्हारे पशु समूह में अपने ऊँट को भी शामिल करना चाहता हूँ।" वे बोले, "नहीं, हमें कोई एतराज नहीं है।" अब उनके पास बारह ऊँट हो गए थे।

तब बड़े बेटे को बारह ऊँटों के आधे छह ऊँट मिले, वहीं दूसरे बेटे को एक-चौथाई के हिसाब से तीन ऊँट मिले और सबसे छोटे बेटे के हिस्से छठवें भाग के हिसाब से दो ऊँट आए।

बटवारा करने के बाद काजी ने अपना ऊँट वापस ले लिया। तीनों भाई काजी के चतुराईपूर्ण न्याय से बहुत खुश थे।
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3. सोच-समझकर बोलो In Hindi Short Story For Class 6


सोच-समझकर बोलो  In Hindi Short Story For Class 6


एक गाँव में एक गरीब किसान और उसकी पत्नी रहते थे। एक बार देवी को उनकी गरीबी पर दया आ गई। वह उनके पास आई और बोली, "तुम लोग वर्षों से गरीबी में रह रहे हो। इसलिए मैं तुम्हारी सहायता करना चाहता हूँ।

तुम लोग आज जो भी तीन इच्छाएँ करोगे, वे तुरंत ही पूरी हो जाएँगी।" वे बोले,"इस दया के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद" उस रात वे रसोई में बैठकर सोच रहे थे कि क्या इच्छा की जाए। तभी किसान की पत्नी बोली,

"मेरी चिकन खाने की बड़ी इच्छा है।" उसके ऐसा कहते ही प्लेट में चिकन प्रकट हो गया। किसान ने उसे डाँटते हुए कहा, "बेवकूफ औरत! तुमने एक वरदान बर्बाद कर दिया। यह चिकन तुम्हारी नाक पर चिपक जाए।"

उसने जैसे ही यह बोला, चिकन उसकी पत्नी की नाक पर चिपक गया। यह देखकर वे दोनों डर गए। पत्नी बोली, "मेरी इच्छा है कि यह चिकन मेरी नाक से छूट जाए।" ऐसा कहते ही चिकन उसकी नाक से हट गया।

इस तरह उनके तीनों वरदान व्यर्थ हो चुके थे। इस प्रकार उन दोनों ने अपनी बेवकूफी के कारण बोलने से पहले सोचा नहीं और अमीर बनने का सुनहरा मौका गंवा दिया।
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4. अंतिम इच्छा In Hindi Short Story For Class 6


एक राजा थे। उनके दरबार में एक विदूषक था। वह बहुत चालाक था वह न सिर्फ अच्छे-अच्छे चुटकुले सुनाता था, बल्कि शासन के कार्यों में भी राजा की सहायता करता था।

वह विदूषक कई बार तो राजा के ऊपर ही किस्से बनाकर सुना देता था। एक दिन राजा को उसकी किसी बात से अपना अपमान महसूस हुआ। वे क्रोधित होते हुए बोले, "सैनिको इस उदंड आदमी को बंदी बना कर कैदखाने में डाल दो।

कल इसे फाँसी दी जाएगी।" अगले दिन विदूषक को दरबार में लाया गया। राजा उससे बोले,"तुम्हें जल्दी ही फाँसी दे दी जाएगी। यदि तुम्हारी कोई अंतिम इच्छा हो तो हमें बताओ?" उसे अवश्य ही पूरा किया जाएगा।

यह सुनकर उस चालाक विदूषक ने कहा, "महाराज, मेरी अंतिम इच्छा है कि मैं बुढ़ापे की मौत मरूँ।" उसकी बात सुनकर राजा को हँसी आ गई। उन्होंने उसे माफ कर दिया। इस प्रकार चतुर विदूषक ने चालाकी से अपनी जिंदगी बचा ली।
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5. जैसी करनी वैसी भरनी For Class 6 Short Story In Hindi


जैसी करनी वैसी भरनी For Class 6 Short Story In Hindi


एक बूढ़ा सन्यासी था। अपने जीवन-यापन के लिए वह प्रतिदिन पास के गाँव में जाकर भिक्षा माँगता था। यद्यपि वह भिक्षा माँगकर पेट भरता था, परन्तु फिर भी अपना भोजन जरूरतमंदों के साथ अवश्य बाँटता था।

एक दिन वह एक वृद्धा के घर भिक्षा माँगने के लिए गया। उसने भिक्षा माँगी तो उस वृद्धा ने भोजन न होने का बहाना बनाकर उसे टाल दिया। अगले दिन एक बार फिर वह वृद्धा के घर भिक्षाटन के लिए गया।

यह देखकर वृद्धा बुरी तरह चिढ़ गई। उसने खाने में जहर मिलाकर सन्यासी को दे दिया। सन्यासी ने भोजन लिया और अपनी कुटिया में वापस आ गया। वह जैसे ही भोजन करने बैठा, तभी एक युवक उसके पास आया और बोला,

"मैं बहुत भूखा हूँ। कृपया मुझे खाने के लिए कुछ भोजन दे दो।" । सन्यासी ने पूरा भोजन उसे ही दे दिया। युवक ने जैसे ही भोजन खाया, उसे उल्टियाँ होने लगी और थोड़ी ही देर बाद वह मर गया। यह देखकर सन्यासी आश्चर्यचकित रह गया।

वास्तव में वह युवक और कोई नहीं उसी वृद्धा का इकलौता पुत्र था। इस प्रकार अपनी दुष्ट प्रवृत्ति के कारण उस वृद्धा ने अपने इकलौते पुत्र को खो दिया। किसी ने ठीक ही कहा है- जैसी करनी वैसी भरनी।
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6. हठ का परिणाम For Class 6 Short Story In Hindi


हठ का परिणाम For Class 6 Short Story In Hindi


एक ब्राह्मण था। उसके पास सब कुछ था, बस कमी थी तो एक पुत्र की। इसलिए वह सभी सुख-सुविधाएँ होने के बावजूद भी दुखी रहता था। उसने पुत्र-प्राप्ति के लिए भगवान से कई बार प्रार्थना की।

यहाँ तक कि उसने घर छोड़ दिया और हिमालय पर जाकर कई वर्षों तक तपस्या की। भगवान उसकी तपस्या से प्रसन्न हुए और बोले, "पुत्र माँगो, क्या माँगते हो?" ब्राह्मण बोला, "भगवान,

मैं एक पुत्र चाहता हूँ।" भगवान बोले, "पुत्र, मैं तुम्हारी यह इच्छा पूरी नहीं कर सकता। कुछ और माँग लो?" ब्राह्मण बोला, "नहीं, मुझे सिर्फ पुत्र ही चाहिए।" भगवान बोले, "मैं तुम्हें पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद देता हूँ।

लेकिन ये हमेशा याद रखना कि अधिक हठ दुख को जन्म देता है।" जल्दी ही ब्राह्मण को एक पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई। बड़ा होते-होते वह बहुत ही उदंड हो गया।

वह झूठा और बेईमान भी था। दुष्ट बेटे की वजह से ब्राह्मण का नाम मिट्टी में मिल गया। तब ब्राह्मण सोचने लगा, 'भगवान ने सत्य ही कहा था।
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7. तीन दोस्त Short Story in Hindi For Class 6


तीन दोस्त Short Story in Hindi For Class 6

एक बार तीन दोस्त कहीं जा रहे थे रास्ते में उन्होंने एक होटल देखा। उन्होंने उसे खरीदकर एक नया व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। वे होटल के बाहर उसे खरीदने को लेकर आपस में सलाह-मशवरा करने लगे।

तभी एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला, "मैं इस होटल का मालिक हूँ। मैंने सुना है कि तुम लोग मेरे होटल को खरीदने की इच्छा रखते हो। तुम लोगों के पास कितने पैसे हैं?" उनमें से एक बोला, "हमारे पास पाँच लाख रुपए हैं।"

वह बोला, "ठीक है, तुम पैसे मुझे दे दो और ये होटल के कागजात ले लो।" उसने उनसे पैसे लिए और उन्हें कागजात सौंप दिए। कागजात सौंपने के बाद वह बोला, "आज से तुम इस होटल के मालिक हो।"

तीनों दोस्त खुशी-खुशी होटल के अन्दर गए और भरपेट खाना खाया। वेटर बिल लेकर आया तो वे बोले, "हम इस होटल के नए मालिक हैं।"

वास्तविक होटल मालिक ने आकर उन कागजों का निरीक्षण किया और उन्हें बताया कि ये कागज फर्जी हैं। अब तीनों दोस्तों को होटल का बिल चुकाने के लिए वहाँ के सारे गंदे बर्तन धोने पड़े।

तब उन्हें अहसास हुआ कि जल्दबाजी हमेशा हानिकारक होती है। किसी भीकार्य को अच्छी तरह सोच-समझकर करना चाहिए।

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8. मोनू की याददाश्त Short Story in Hindi For Class 6


मोनू की याददाश्त Short Story in Hindi For Class 6


एक दिन मोनू बीमार पड़ गया। डॉक्टर ने उसे खिचड़ी खाने की सलाह दी। मोनू की याददाश्त बहुत कमजोर थी, इसलिए वह घर जाते हुए रास्ते में 'खिचड़ी-खिचड़ी' बोलता हुआ जा रहा था।

शीघ्र ही वह खिचड़ी शब्द भूल गया और 'खा चिड़ी, खा चिड़ी' बोलने लगा। जब वह एक खेत से होकर गुजर रहा था, तो खेत के मालिक ने उसे 'खा चिड़ी, खा चिड़ी' कहते सुन लिया।

उसने मोनू को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया और बोला, "तुम चिड़ियों को मेरी फसल खाने को कह रहे हो। 'खा चिड़ी' के बदले 'उड़ चिड़ी' बोलो।" . अब मोनू ने 'उड़ चिड़ी, उड़ चिड़ी' बोलना शुरू कर दिया।

रास्ते में एक बहेलिए ने चिड़िया पकड़ने के लिए जाल बिछाया हुआ था। उसने मोनू के शब्द सुने तो उसे बड़ा गुस्सा आया। उसने मोनू को जोरदार तमाचा मारते हुए कहा, "अरे, 'उड़ चिड़ी, उड़ चिड़ी' मत बोलो।

इससे तो चिड़िया उड़ जाएंगी। तुम 'फँस चिड़ी, फँस चिड़ी' बोलो।" अब मोनू 'फँस चिड़ी, फँस चिड़ी' बोलते हुए चलने लगा। आगे रास्ते में उसे लुटेरों के एक गिरोह ने पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया।

वे बोले, "तुम हमें फँसवाकर पकड़वाना चाहते हो।" इस प्रकार बेचारे मोनू को अपनी कमजोर याददाश्त के कारण बार-बार पिटाई खानी पड़ी।


9. पाँच मूर्ख मित्र Short Story in Hindi For Class 6

पाँच मूर्ख मित्र Short Story in Hindi For Class 6

एक बार पाँच मूर्ख मित्र एक गाँव जा रहे थे। रास्ते में पड़ने वाली नदी को उन सभी ने तैरकर पार किया। जब वे नदी के दूसरे किनारे पहुंचे तो उनमें से एक मित्र बोला, "दोस्तो, हमें गिनकर देख लेना चाहिए कि हम सभी पूरे तो हैं।

कहीं ऐसा न हो कि हम में से कोई नदी में डूब गया हो।" सभी दोस्त उसकी बात से सहमत थे। इसलिए उनमें से चार पंक्तिबद्ध होकर खड़े हो गए और पाँचवे दोस्त ने गिनती शुरू की, "एक, दो, तीन, चार। अरे! हमारा पाचवाँ मित्र कहाँ है?

वह गायब है।" एक अन्य मित्र ने भी उसी तरह गिनती की और एक मित्र को कम पाया। वह चिल्लाकर बोला, "हमारा पाँचवा मित्र नदी में डूब गया!" बस, फिर क्या था, वे सभी जोर-जोर से रोने लगे। एक राहगीर वहाँ से गुजर रहा था।

जब उसने उनसे उनके दुख का कारण पूछा तो उन्होंने उसे कारण बता दिया। तब राहगीर ने उन सबको एक पंक्ति में खड़ा कर पाँचों को गिना और बोला, "देखो, तुम पूरे पाँच हो।" ये सुनकर वे सभी बड़े खुश हुए।

राहगीर, "तुम सभी गिनती करते हुए अपने को छोड़कर बाकी चारों को गिन रहे थे। इसलिए एक कम हो रहा था।" राहगीर की बात सुनकर उन्हें अपनी मूर्खता का एहसास हुआ।
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10. भगवान बड़ा दयालु है Short Story in Hindi For Class 6

भगवान बड़ा दयालु है Short Story in Hindi For Class 6

एक राजा का बहुत बड़ा फलों का बगीचा था। जिसमें विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ लगे हुए थे। माली रोज विभिन्न पेड़ों के सभी पके हए फलों को एकत्र कर राजा को भेंट करता था।

एक दिन माली ने कुछ चेरियाँ एकत्र की और उन्हें राजा के लिए ले गया। उस दिन राजा का मिजाज बहुत खराब था। उसने एक चेरी को चखा तो उसका स्वाद बहुत खट्टा पाया। अब तो राजा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।

उसने गुस्से से वह चेरी माली पर दे मारी। माली को चोट लगी, लेकिन वह बोला,"भगवान बड़ा दयालु है।" माली के शब्द सुनकर राजा आश्चर्यचकित होकर बोला,

"मैंने तुम्हें मारा और और तुम कह रह रहे हो भगवान बड़ा दयालु है। क्यों?" माली बोला, "महाराज, मैं तरबूज लाने जा रहा था। लेकिन किस्मत से मैंने अपना इरादा बदल लिया।

मैं तो ये कल्पना कर रहा था कि यदि आप तरबूज फेंककर मुझे पर मारते तो मेरा क्या होता! इसलिए मैंने कहा कि भगवान बड़ा दयालु है। राजा उसकी बात सुनकर हँस पड़ा।
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