Top 10 Short Moral Story In Hindi For Class 10 नैतिक कहानी

Short Moral Story In Hindi For Class 10:- Here I'm sharing the top ten Short Moral Story In Hindi For Class 10 For Kids which is very valuable and teaches your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that's why I'm sharing with you.

Top 10 Short Moral Story In Hindi For Class 10

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

Top 10 Short Moral Story In Hindi For Class 10

1. चतुर अर्जुन In Hindi Moral Short Story For Class 10


In Hindi Moral Short Story For Class 10



एक दिन अर्जुन और उसका छोटा भाई करण दोनों घर में अकेले थे। उनके पिताजी एक पुलिस अधिकारी थे। वे एक लाल रंग की फाइल घर लाए थे। उसमें सभी कुख्यात आतंकवादियों के बारे में जानकारी थी।

अर्जुन जानता था कि पापा ने वह फाइल एक अलमारी में सुरक्षित रखी हुई है। अर्जुन और करण खेल रहे थे कि तभी दो आतंकवादी उनके घर में घुस आए और बोले, "लाल फाइल कहाँ है?" अर्जुन बड़ा चालाक था।

वह बोला, "शयनकक्ष की अलमारी में ऊपर रखी गई है। मैं वहाँ तक नहीं पहुँच सकता।" दोनों आतंकवादी लाल फाइल को हासिल करने के लिए उस कमरे में गए। जब वे अलमारी में फाइल ढूँढ रहे थे,

तब अर्जुन ने धीरे-से उस कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और पिताजी को भी फोन कर दिया जल्दी ही उसके पिताजी पुलिस लेकर वहाँ पहुँच गए।

दोनों आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार अर्जुन ने अपनी चतुराई से दोनों आतंकवादियों को पकड़वा दिया। सभी ने उनकी खूब सराहना की।



2. भेड़िए की योजना Story In Hindi For Class 10



Story In Hindi For Class 10



एक बार पूरे देश में सूखा पड़ गया। बारिश के अभाव में सभी नदी-नाले सख गए। कहीं पर भी अन्न का एक दाना नहीं उपजा। बहुत से जानवर भूख और प्यास से मर गए। पास ही के जंगल में एक भेड़िया रहता था।

उस दिन वह अत्यधिक भूखा था। भोजन न मिलने की वजह से वह बहुत दुबला हो गया था। एक दिन उसने जंगल के पास स्थित चरागाह में भेड़ों का झुंड देखा। चरवाहा उस समय वहाँ पर नहीं था।

वह अपनी भेड़ों के लिए पीने के पानी की बाल्टियाँ भी छोड़कर गया था। भेड़ों को देखकर भेड़िया खुश हो गया और सोचने लगा, 'मैं इन सब भेड़ों को मारकर खा जाऊँगा और सारा पानी भी पी जाऊँगा।

फिर वह उनसे बोला, "दोस्तो, मैं अत्यधिक बीमार हूँ और चलने-फिरने में असमर्थ हूँ। क्या तुम में से कोई मुझे पीने के लिए थोड़ा पानी दे सकता है।" उसे देखकर भेड़ें सतर्क हो गई। तब उनमें से एक भेड़ बोली,

"क्या तुम हमें बेवकूफ समझते हो? हम तुम्हारे पास तुम्हारा भोजन बनने के लिए हरगिज नहीं आएँगे।" इतना कहकर भेड़ें वहाँ से भाग गई।

इस प्रकार भेड़ों की सतर्कता के कारण भेड़िए की योजना असफल हो गई और बेचारा भेड़िया बस हाथ मलता ही रह गया।
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3. बेवकूफ भेड़िया Short Story In Hindi


Short Story In Hindi

एक दिन एक छोटा मेमना जंगल के किनारे स्थित चरागाह में चर रहा था। अचानक एक भेड़िए की निगाह उस पर पड़ी। वह उसे देखकर सोचने लगा, 'वाह! आज तो ठीक भोजन के समय ही मुझे मेरा शिकार मिल गया।

में इसे किसी भी तरह खाकर अपनी भूख मिटाऊँगा।' यह सोचकर भेड़िया तेजी से दौड़ा और उसने मेमने को पकड़ लिया। वह उसे खाने ही वाला था कि तभी मेमना बोला, "मुझे खाने से पहले मेरी अंतिम इच्छा पूरी करने की कृपा करो।"

भेड़िया उसकी बात मान गया और बोला, "तुम्हारी अंतिम इच्छा क्या है?" वह बोला, "मैं चाहता हूँ कि तुम बाँसुरी बजाओ और मैं उसकी धुन पर नृत्य करूँ। नृत्य करते-करते जब मैं थक जाऊँगा, तब तुम मुझे खा लेना।"

भेड़िया मान गया और उसने बाँसुरी बजाना शुरू की। तब मेमने ने उसकी धुन पर नृत्य करना प्रारंभ किया। बांसुरी की आवाज सुनकर कुछ भेड़ें वहाँ पर आ गई।

भेड़िए के समीप छोटे से मेमने को देखते ही उन्होंने भेड़िए के ऊपर धावा बोल दिया। भेड़िया किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा।

उसने सोचा, 'मैं भी कितना बेवकूफ हूँ। क्यों मैंने अपने आप को संगीतज्ञ समझ लिया? यह मेरे लिए ही परेशानी का कारण बना।'

4. मेहनत की कमाई In Hindi Stories For Class 10


In Hindi Stories For Class 10

सोनू एक आलसी लड़का था। वह अपना समय यूँ ही आवारागदी करने में व्यतीत करता था। इस कारण वह हमेशा कार्य करने से जी चुराता था। एक दिन उसे पैसों से भरा एक थैला मिला।

वह अपने भाग्य पर बहुत खुश हुआ। वह यह सोच-सोचकर खुश हो रहा था कि उसे बिना प्रयास के ही इतने सारे पैसे मिल गए। सोनू ने कुछ पैसों से मिठाई खरीदी, कुछ पैसों से कपड़े व अन्य सामान खरीदा।

इस प्रकार उसने पैसों को व्यर्थ खर्च करना प्रारंभ कर दिया। तब उसकी माँ बोली, "बेटा, पैसा यूँ बर्बाद न करो। इस पैसे का उपयोग किसी व्यवसाय को शुरू करने में करो।" सोनू बोला, "माँ मेरे पास बहुत पैसा है।

इसलिए मुझे कार्य करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है।" धीरे-धीरे सोनू ने सारा पैसा खर्च कर दिया अब उसके पास एक फूटी कौड़ी भी नहीं थी।

इस तरह वह एक बार फिर अपनी उसी स्थिति में आ गया। सोनू को एहसास हुआ कि यदि उसने वह धन परिश्रम से कमाया हुआ होता तो उसने अवश्य उसकी कद्र और उपयोगिता समझी होती।

5. दिवास्वप्न Short Moral Story In Hindi For Class 10


Short Moral Story In Hindi For Class 10

एक प्रसिद्ध ज्योतिषी था। वह हमेशा सूर्य-चन्द्रमा.ग्रह-नक्षत्रों की दशा देखकर लोगों का भविष्य बताने में व्यस्त रहता था। कभी-कभी तो वह चलते हुए भी आकाश को देखने में इतना व्यस्त रहता कि उसे होश ही नहीं रहता था कि उसके कदम कहाँ पड़ रहे हैं।

एक दिन वह अन्य दिनों की तरह आकाश को देखता हुआ चला जा रहा था। उसे रास्ते में पड़ा एक बड़ा पत्थर नहीं दिखा। उसे जोर की ठोकर लगी और वह कंटीली झाड़ियों में जा गिरा।

कुछ राहगीरों ने उठने में उसकी सहायता की। उन्होंने ज्योतिषी से पूछा, "तुम इन कंटीली झाड़ियों में कैसे गिर गए?" तब ज्योतिषी ने उन्हें पूरा घटनाक्रम सुना दिया। उनमें से एक राहगीर बोला,

"तुम भविष्यवाणी करते हो, किंतु तुम्हारी आँखों के सामने क्या है, ये तुम्हें दिखाई नहीं देता, ये बड़े आश्चर्य की बात है। तुम्हें सपनों की दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया में जीना चाहिए।"

यह सुनकर ज्योतिषी को बड़ी शर्म महसूस हुई और उसने ये सबक पूरी जिदगी याद रखा।

6. सबक For Class 10 Short Story In Hindi


For Class 10 Short Story In Hindi

एक समय की बात है। एक आश्रम में रवि नाम का एक शिष्य रहता था। वद बहुत अधिक नटखट था। वह प्रत्येक रात आश्रम की दीवार फॉँदकर यहाँ-व और बाहर जाने की बात कोई नहीं जानता।

सुबह होने से पहले लौट आया। वह सोचता था कि उसके आश्रम से घूमता लेकिन उसके गुरुजी यह बात जानते थे। वे रवि को रंगे हाथ पकड़ना चाहते थे। एक रात हमेशा की तरह रवि सीढ़ी पर चढ़ा और दीवार फॉदकर बाहर कूद गया।

उसके जाते ही गुरुजी जाग गए। तब उन्हें दीवार पर सीढ़ी लगी दिखाई दी। कुछ घंटे बाद रवि लौट आया और अंधेरे में दीवार पर चढ़ने की कोशिश करने लगा। उस वक्त उसके गुरुजी सीढ़ी के पास ही खड़े थे।

उन्होंने रवि की नीचे उतरने में मदद की और बोले, "बेटा, रात में जब तुम बाहर जाते हो तो तुम्हें अपने साथ एक गर्म साल अवश्य रखनी चाहिए।

गुरुजी के प्रेमपूर्ण वचनों का रवि पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने अपनी गलती के लिए क्षमा माँगी। साथ ही उसने गुरु को ऐसी गलती दोबारा न करने का वचन भी दिया।

7. चालाक चिड़िया Short Story In Hindi

Short Story In Hindi

एक व्यक्ति ने अपने पालतु चिड़ियों के लिए एक बड़ा-सा पिंजड़़ा बनाया उस पिंजरे के अंदर चिड़िया आराम से रह सकती थीं। वह व्यक्ति प्रतिदिन उन चिड़ियों को ताजा पानी और दाना देता।

एक दिन उस व्यक्ति की अनुपस्थिति में एक चालाक बिल्ली डॉक्टर का वेश धारण कर वहाँ पहुँची और बोली, "मेरे प्यारे दोस्तो पिंजड़े का दरवाजा खोलो। मैं एक डॉक्टर हूँ और तुम सब के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए यहाँ आई हूँ।"

समझदार चिड़ियाएँ बिल्ली की चाल को तुरंत समझ गईं। वे उससे बोली, "तुम हमारी दुश्मन बिल्ली हो। हम तुम्हारे लिए दरवाजा हरगिज नहीं खोलेंगे। यहाँ से चली जाओ।" तब बिल्ली बोली,

"नहीं, नहीं। मैं तो एक डॉक्टर हूँ। तुम मुझे गलत समझ रहे हो। मैं तुम्हें कोई हानि नहीं पहुँचाऊँगी। कृपया दरवाजा खोल दो।"

लेकिन चिड़िया उसकी बातों में नहीं आई। उन्होंने उससे स्पष्ट रूप से मना कर दिया। आखिरकार मायूस होकर बिल्ली वहाँ से चली गई।

8. जिंदगी का आनंद[ Hindi Moral Story ]


Hindi Moral Story

एक दिन रोहित मोहित से मिला। उसने मोहित से पूछा, "मोहित, जिंदगी कैसी चल रही है? तुम तो बड़े खुश नजर आ रहे हो।" मोहित बोला, "हाँ, अभी कुछ समय पहले मेरी शादी हो गई।"

रोहित बोला, "वाह! ये तो बड़ी अच्छी खबर है। मुबारक हो।" मोहित बोला, "धन्यवाद। वैसे मुझे मुबारकबाद की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मुझे एक काली एवं भद्दी पत्नी मिली जो कि मुझे पसंद नहीं आई।"

रोहित ने दुखी स्वर में कहा, "अरे यार, मुझे पता नहीं था।" "नहीं, नहीं, मुझे किसी बात का दुख नहीं है, क्योंकि मुझे दहेज में एक बड़ा बंगला भी तो मिला," मोहित ने खुशी-खुशी कहा।

रोहित बोला,"मोहित तुम बड़े किस्मत वाले हो।" "नहीं यार, ऐसा भी नहीं है। दरअसल हुआ यह कि उस बंगले में आग लग गई और बंगला जलकर राख हो गया।" मोहित ने रोहित से कहा।

रोहित ने दुखी स्वर में कहा, "अरे! ये तो वास्तव में बड़ी बुरी खबर है।" मोहित बोला, "नहीं, मैं बंगले के जलने पर खुश हूँ, क्योंकि उसमें मेरी बीवी भी थी। वह भी आग में जलकर मर गई।"

रोहित ने दोनों हाथों से अपना सिर थाम लिया और सोचने लगा, 'मोहित, तुम कभी भी जिंदगी का आनंद लेने से नहीं चूकोगे।'

9. जादुई बर्तन Short Story For Students of Class 10 In Hindi


Short Story For Students of Class 10 In Hindi

एक दिन एक किसान एवं उसकी पत्नी खेत जोतकर उसमें बीज बो रहे थे जब वे खेत में हल चला रहे थे. तभी हल से कुछ टकराया। उन्होंने देखा तो वह ताँबे का एक बड़ा-सा खाली बर्तन था।

वे उस बर्तन को घर ले आए। रास्ते में उन्होंने बर्तन में हल रख दिया। जब वे घर पहुँचे तो उन्होंने बर्तन को देखा। बर्तन के अन्दर दो हल देखकर वह दोनों आश्चर्यचकित रह गए। उसकी पत्नी बोली,

"मुझे लगता है. यह एक जादुई बर्तन है हम इस बर्तन में जो कुछ भी रखेंगे, वह दोगुना हो जाएगा।" अब किसान ने बर्तन के अन्दर पैसे रख दिए और वे दोगुने हो गए फिर उसने और पैसे रखे, वे भी दोगुने हो गए।

अब तो वे दोनों पैसे पर पैसा बनाने लगे। अगले दिन बदकिस्मती से किसान की पत्नी पैर फिसलने के कारण उस बर्तन में जा गिरी। किसान ने उसे बाहर निकाला, परन्तु अब उस बर्तन में एक पत्नी और थी।

उसने दूसरी पत्नी को भी बाहर निकाला। जादुई बर्तन के कारण वह व्यक्ति बड़ी मुसीबत में फँस गया था। किसी ने ठीक ही कहा है कोई चीज लाभदायक होने के साथ हानिकारक भी हो सकती है।
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10. चौकीदार कुत्ता In Hindi Short Story For Class 10


In Hindi Short Story For Class 10

एक किसान के पास भेड़ों का एक झुंड था। किसान अपनी भेड़ों को एक भेड़िए से बचाने का बड़ा प्रयास करता, लेकिन असफल रहता। भेड़िया सिर्फ एक भेड़ को छोड़कर अब तक उसकी सारी भेड़ों को खा चुका था।

एक दिन किसान अपनी पत्नी से बोला, "मैं इस आखिरी भेड़ को बेच दूंगा।" भेड़ किसान की यह बात सुनकर सोचने लगी, इस कसाई के हाथों मारे जाने से बेहतर है कि मैं आजाद रहूँ।'

इसलिए भेड़ चौकीदार कुत्ते को साथ लेकर रात को वहाँ से चली गई। तभी भेड़िए की निगाह उन पर पड़ी। वह भेड़ को अपना भोजन बनाना चाहता था, परन्तु कुत्ते की उपस्थिति में यह संभव नहीं था।

इसलिए वह भेड़ से बोला, "हे भेड़! यहाँ आओ मैं तुम्हारा दोस्त बनना चाहता हूँ।" कुत्ता भेड़िए की मंशा भाँप गया। कुत्ते ने पास के ही पेड़ के नीचे एक शिकंजा लगा देखा।

अत: वह बोला, "यदि तुम उस पवित्र पेड़ को छू लोगे तो हम तुम पर विश्वास कर लेंगे।" भेड़िया जैसे ही पेड़ को छूने गया, वह शिकंजे में फँस गया। अब किसान की भी समस्या हल हो गई। वह खुशी-खुशी भेड़ और कुत्ते को वापस ले आया।
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