Top 10 Stories In Hindi With Moral Values नैतिक मूल्य कहानियां

Stories In Hindi With Moral Values:- Here I’m sharing the top ten Stories In Hindi With Moral Values For Kids which is very valuable and teaches your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that’s why I’m sharing with you.  

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

1. ईर्ष्यालु गधा #1 In Hindi Moral Stories With Moral Values

In Hindi Moral Stories With Moral Values

  एक सिपाही के पास एक गधा और एक घोड़ा था। घोड़े को वह युद्ध के मैदान में उपयोग करता था। जब युद्ध नहीं होता था, तब वह गधे से सामान ढोने का कार्य लिया करता था। इस तरह उसे कुछ पैसा भी मिल जाता था।

गधा घोड़े से ईर्ष्या करता था। वह सोचता था कि घोड़े की जिंदगी उसकी तुलना में ज्यादा आसान है। उसे कोई परिश्रम भी नहीं करना पड़ता। एक दिन युद्ध की सूचना आई। यह खबर सुनकर गधा बड़ा खुश था।

उसने सोचा, ‘यह तो बड़ी अच्छी खबर है! घोड़ा युद्ध के मैदान में जाएगा और मैं यहाँ पर आजाद रहूँगा।’ इसलिए गधे ने घोड़े को छेड़ना शुरू कर दिया।

लेकिन फिर जल्दी ही यह खबर आ गई कि संधि पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। इस वजह से युद्ध स्थगित हो गया है। यह जानकर सिपाही फिर से गधे को सामान ढोने के लिए ले जाने लगा। इस प्रकार गधे की आशाओं पर पानी फिर गया।

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2. नटखट गोलू #2 New Stories In Hindi With Moral Values

New Stories In Hindi With Moral Values

  एक दिन शरारती गोलू अपनी गुलेल एवं पत्थर लेकर पेड़ पर बैठा हुआ था। तभी उसने एक पंडित को वहाँ से गुजरते हुए देखा। पंडित का गंजा सिर सूर्य की रोशनी में चमक रहा था।

गोलू अपने को नहीं रोक पाया और उसने अपनी गुलेल से पत्थर मारकर पंडित के सिर को लहूलुहान कर दिया। चोट लगने के कारण पंडित दर्द के मारे चिल्ला उठा।

आसपास दृष्टि दौड़ाने पर उसने गोलू को गुलेल थामे देखा तो उसे नीचे उतरने को कहा जब गोलू नहीं उतरा तो वह बोला. “बेटा तुम्हारा निशाना एकदम सही है।

कल इसी रास्ते से महाराज होकर गुजरेंगे। तुम उनके सिर को अपना निशाना बनाना। तब वे खुश होकर तुम्हें पुरस्कार देंगे।” अगले दिन जब राजा वहाँ से गुजरे तो गोलू ने निशाना साधकर उनके सिर पर पत्थर दे मारा।

राजा दर्द से कराह उठा। उसने अपने सिपाहियों से गोलू को पकड़ने के लिए कहा। राजा बोला, “इस शरारती लड़के को सौ कोड़े मारे जाएँ।”

गोलू क्षमा माँगने लगा। लेकिन राजा ने उसे माफ नहीं किया और इस तरह उस पंडित ने उसे एक अच्छा सबक सिखा दिया।    

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3. समझदार गधा #3 With Moral Value Story In Hindi

With Moral Value Story In Hindi

  एक धोबी अपने गधे पर बैठकर गंदे कपड़े लाते हुए जा रहा था। उसे गं्ध पर बैठे देखकर रास्ते में कुछ लोगों ने उसे छेड़ते हुए कहा, “देखो, एक गधा दूसरे गधे की सवारी कर रहा है।”

यह कहकर वे उसके ऊपर हँसने लगे। धोबी जवाब देते हुए बोला, “मैं बेवकूफ नहीं हूँ और मेरा गधा राजा के मंत्रियों की तुलना में कहीं अधिक समझदार है।” जल्दी ही यह बात राजा के कानों तक भी जा पहुँची।

राजा ने धोबी को बुलाया। ने उससे “तुम यह कैसे कह धोबी राज दरबार में उपस्थित तो राजा पूछा, हुआ सकते हो कि तुम्हारा गधा मेरे मंत्रियों की तुलना में अधिक समझदार है?”

धोबी बोला,”महाराज, एक दिन में अपने गधे के साथ पुल पार कर रहा था कि तभी मेरे गधे का पैर पुल पर लगी लकड़ी की सिल्लियों के बीचोंबीच फँ गया। उस दिन से वह पुल को हमेशा सावधानीपूर्वक पार करता है।

लेकिन आपके मंत्री, जिन्हें निर्माण कार्यों के लिए राजकोष से भरपूर पैसा मिलता है, पुल की मरम्मत करवाने में असमर्थ हैं।”

राजा समझ गया कि उसके मंत्री उसे धोखा दे रहे हैं। इसलिए उसने उन सबको कड़ी फटकार लगाई और धोबी को पुरस्कार देकर विदा किया।  

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4. ईर्ष्या #4 Latest Stories In Hindi With Moral Values 

With Moral Value Story In Hindi

  एक दिन एक आदमी जंगल से गुजर रहा था। अचानक उसके पैर में एक बड़े-से पत्थर से ठोकर लगी। उसने पत्थर को उस रास्ते से उठाकर एक पेड के नीचे रख दिया।

कुछ समय बाद एक चित्रकार उस पेड़ की छाया में चित्र बनाने बैठा तो चित्र बनाते हुए लाल रंग की कुछ बूँदें उस पत्थर के ऊपर भी गिर गईं और वह रोली की तरह लगने लगा।

थोड़े समय बाद एक फूल बेचने वाला माला गूँथने के लिए पेड़ के नीचे बैठा और जब वह गया तो कुछ फूल पत्थर के आस-पास गिर गए।

अब तो वहाँ से होकर जो भी लोग गुजरते, वे उस पत्थर को भगवान की मूर्ति मानकर उसकी पूजा करने लगे। यह देखकर पेड़ को ईर्ष्या हुई। उसने सोचा, “पहले लोग मेरी छाँव में बैठने के लिए आते थे।

लेकिन अब सब सिर्फ इस पत्थर की पूजा करने आते हैं।’ इसलिए पेड़ ने पत्थर को जोर से लात मारी। जब लोग पत्थर की पूजा करने आए तो उन्होंने देखा कि पत्थर कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा है।

उनमें से एक व्यक्ति बोला, भगवान इस स्थान को छोड़कर चले गए है। इसका मतलब यह जगह अपवित्र है और यहाँ पर बुरी आत्माओं का वास है। अत: हमें इस पेड़ को काट देना चाहिए।” इस तरह अपनी ईर्ष्या के कारण पेड़ को सजा भुगतनी पड़ी।

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5. निडर मोनू #5 Latest Hindi Story With Moral Value

Latest Hindi Story With Moral Value

  एक दिन मोनू जंगल से होकर गुजर रहा था। अचानक डाकुओं के एक गिरोह ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। वे सभी अपने हाथों में चाकू लिए हुए खड़े थे। उनका सरदार चिल्लाते हुए मोनू से बोला, “तुम्हारे पास जो कुछ भी है,

चुपचाप निकालकर हमें दे दो।” लेकिन मोनू निडर होकर बोला, “मैं तुम्हें एक भी पैसा नहीं दूंगा। तुमसे जो बन पड़े, कर लो।” सरदार ने मोनू की तरफ चाकू बढ़ाते हुए कहा, “हमारा कहा मान लो, वरना हम तुम्हें मार डालेंगे।”

लेकिन मोनू जरा भी नहीं डरा। मोनू ने बहादुरी से डाकुओं का मुकाबला करना चाहा, परन्तु कहाँ वह अकेला और कहाँ वे कई सारे। डाकू उसे पकड़कर उसके कपड़ों की तलाशी लेने लगे।

तलाशी लेने पर उन्हें उसकी जेब में सिर्फ एक रुपया ही मिला। यह देखकर उनका सरदार बोला, “यह युवक सिर्फ एक रुपए के लिए हमसे भिड़ पड़ा।

मैं आश्चर्यचकित हूँ कि यह अधिक धन के बचाव के लिए क्या करता। मैं इसके साहस का सम्मान करता हूँ। इस तरह के निडर लोग बहुत कम होते हैं।” यह कहकर सरदार ने मोनू को छोड़ दिया।

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6. तीन प्रश्न #6 Amazing Stories With Moral Values In Hindi

Amazing Stories With Moral Values In Hindi

  राजा मानसिंह अक्सर अपने दरबार में पहेलियाँ पूछा करते थे। जो कोई भी उनके प्रश्न का जवाब नहीं दे पाता था, वह उसे सजा देते थे। एक दिन एक आदमी राजदरबार में आया और मानसिंह को चुनौती देते हुए बोला,

“यदि आपने मेरे तीन प्रश्नों के सही उत्तर नहीं दिए तो आपको मुझे अपना सिंहासन देना होगा।” राजा मानसिंह ने उसकी बात मान ली। उस व्यक्ति ने तीन प्रश्न पूछे, “हवा से भी अधिक तेज कौन है?

परेशानी के समय सहायता कौन करता है? विश्व की सबसे मीठी वस्तु कौन-सी है?” राजा ने बहुत सोचा। लेकिन वह उसके प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाए। अब राजा को सिंहासन खोने का डर लगने लगा।

उस व्यक्ति ने कहा, “यदि आप मुझसे ये वादा करें कि अब आप कभी लोगों से प्रश्न पूछकर उन्हें सजा नहीं देंगे तो मैं सिंहासन पर दावा छोड़ दूंगा।” राजा ने उससे वादा किया और तीनों प्रश्नों के उत्तर जानने चाहे।

वह व्यक्ति बोला, “हवा से भी अधिक तेज मन की इच्छाएँ हैं। परेशानी के समय किसी का सहारा मदद करता है और मिठाई से भी मीठी वाणी है।” यह कहकर वह व्यक्ति वहाँ से चला गया।  

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7. बड़ा बेवकूफ #7 Stories In Hindi With Moral Values

Stories In Hindi With Moral Values

  एक दिन सेठ रामलाल शहर गया। उसे एक जौहरी की दुकान में बहुत ही बढ़िया किस्म के हीरे दिखाई दिए। उसने दुकान के अन्दर जाकर दुकानदार से पूछा, “इन हीरों की कीमत क्या है?” जौहरी ने जवाब दिया,

“दो हजार रुपये।” रामलाल बड़ा कंजूस था। वह बोला, “मैं इन हीरों के सिर्फ एक हजार रुपये दूंगा।” लेकिन जौहरी ने एक हजार रुपये में हीरे बेचने से मना कर दिया। रामलाल ने सोचा, ‘मैं एक बार फिर शाम को आऊँगा।

हो सकता है तब यह मुझे हीरे एक हजार रुपये में दे दे।” शाम के समय रामलाल फिर उस जौहरी के पास गया और बोला, “क्या तुम वे मुझे हीरे एक हजार रुपये में देना चाहोगे?” जौहरी बोला,

“नहीं, मुझे माफ कीजिए, मैं नहीं दे सकता। मैं उन्हें पहले ही पाँच हजार रुपये में बेच चुका हूँ।” रामलाल बोला, “तुम तो बड़े बेवकूफ हो। उन हीरों की वास्तविक कीमत पचास हजार रुपये थी।”

जौहरी बोला,”श्रीमान्, तो फिर सुबह ही आपने वे हीरे दो हजार रुपये में क्यों नहीं खरीद लिए? आप तो मुझसे भी बड़े बेवकूफ हैं।”     Related:-

8. ओखली-मूसल #8 Unique In Hindi Story With Moral Values

Unique In Hindi Story With Moral Values

  कान्हा बहुत गरीब था, परन्तु फिर भी वह आए दिन लोगों को अपने घर खाने पर बुला लेता। एक दिन उसने अपने तीन दोस्तों को अपने घर भोजन पर आमंत्रित किया। उसके घर में पकाने के लिए कुछ नहीं था।

इसलिए वह सामान खरीदने के लिए बाजार चला गया। जब उसके मित्र उसके घर पहुंचे, वह उस वक्त तक वापिस नहीं लौटा था। कान्हा की पत्नी ने उनका स्वागत किया। उन्होंने उसके घर में एक ओखली एवं मूसल देखी।

जब उन्होंने उसके बारे में कान्हा की पत्नी से पूछा तो वह बोली, “मेरे पति ओखली और मूसल की भगवान की तरह पूजा करते हैं। प्रार्थना के बाद वह इनसे मेहमानों को मारते हैं।” यह सुनकर वे तीनों वहाँ से भाग गए।

रास्ते में कान्हा ने उन्हें भागते हुए देखा। उसने अपनी पत्नी से कारण पूछा तो उसकी पत्नी बोली, “वे ओखली माँग रहे थे जब मैंने देने से मना कर दिया तो वे गुस्से में यहाँ से चले गए।”

कान्हा ने ओखली-मूसल उठाया और उन्हें देने के लिए उनके पीछे गया। लेकिन उसके दोस्त और तेजी से भागकर आँखों से ओझल हो गए।  

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9. रामू की योजना #9 Short Story For Kids With Moral Value

Short Story For Kids With Moral Value

  रामू एक गरीब किसान था। एक दिन शहर जाते समय जब वह जंगल से गुजर रहा था, तभी अचानक तीन चोर उसका रास्ता रोककर खड़े हो गए। वे उसे लूटना चाहते थे।

उन्होंने उसके सारे पैसे ले लिये और उसे मारने की कोशिश की। लेकिन राम बड़ा चतुर था। उसने अपने दिमाग में एक योजना बनाई और जोर-जोर से हँसने लगा। वह बोला,

“तुम मुझे मारने की जितनी भी कोशिश कर लो, तुम मुझे मार नहीं सकते हो। एक ज्योतिषी ने मुझसे कहा है कि मुझे सिर्फ तीन अधे व्यक्ति ही मार सकते हैं।” डाकू बेवकूफ थे।

इसलिए उन्होंने अंधे बनने के लिए अपनी-अपनी आँखों पर कपड़ा बाँध लिया। रामू की योजना कार्य कर गई थी। वह वहाँ से भाग खड़ा हुआ। जैसे ही डाकुओं को उसके भागने का अहसास हुआ तो उन्होंने उसका पीछा किया।

रामू उन्हें दौड़ाते-दौड़ाते मुख्य सड़क तक ले आया। वहाँ से पुलिस की गाड़ी गुजर रही थी। उसने पुलिस की गाड़ी रुकवाई और उन्हें सब कुछ बता दिया। पुलिस ने डाकुओं को पकड़कर जेल में बंद कर दिया।

रामू को अपना पैसा वापस मिल गया और पुरस्कार स्वरूप एक हजार रुपये भी मिले। उस पैसे से उसने अपनी जरूरत का सामान खरीदा।  

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10. चतुराईपूर्ण जवाब #10 King Stories In Hindi With Moral Values 

King Stories In Hindi With Moral Values

  एक बार एक गरीब ब्राह्मण की पत्नी राजा के पास गयी और बोली, “महाराज. मैंने स्वप्न में देखा कि आपको सम्राट की उपाधि मिल गयी है और चारों तरफ आपकी जय-जयकार हो रही है।” राजा यह सुनकर बहुत खुश हुआ।

इसलिए उसने ब्राह्मण की पत्नी को पाँच सौ स्वर्ण मुद्राएँ दीं। ब्राह्मण की पत्नी ने वह भेंट ली और खुशी-खुशी अपने घर की ओर चल दी। उसके घर के रास्ते में एक छोटा जंगल पड़ता था।

वह मुद्राएँ गिनने में व्यस्त थी कि तभी एक मुद्रा झाडी में गिर गयी। मद्रा को ढंढते-ढंढते उसे शाम हो गई। तभी राजा भी किसी कार्यवश उसी मार्ग से होकर गुजरा। राजा ने देखा कि ब्राह्मण की पत्नी सुबह से एक मुद्रा को ढूँढ रही है।

क्रोधित राजा ने उससे स्वर्णमुद्राएँ वापस लेते हुए कहा, “तुमने अपना पूरा दिन सिर्फ एक मुद्रा के लिए बर्बाद कर दिया। तुम जैसी लालची महिला इस सम्मान के योग्य ही नहीं है।” लेकिन ब्राह्मण की पत्नी भी बड़ी चतुर थी।

उसने तुरंत चतुरतापूर्ण जवाब दिया, “महाराज! शाही उपहार किसी के पैरों में न आए, सिर्फ इसलिए मैं वह स्वर्ण मुद्रा ढूँढ रही थी।” राजा उसके जवाब से बड़ा प्रभावित हुआ और उसे सौ स्वर्णमुद्राएँ और दीं।

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