Hard work, honesty, and kindness shape a child’s character. This is a story of a young boy named Ravi, who proved that true success comes from dedication and determination.
रवि की मेहनत

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में रवि नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ईमानदार, मेहनती और दयालु था। उसके माता-पिता गरीब थे और खेतों में काम करते थे।
रवि का सपना था कि वह बड़ा होकर अपने माता-पिता की गरीबी दूर करे और गाँव को खुशहाल बनाए। लेकिन उसके पास पढ़ाई के लिए ज्यादा साधन नहीं थे।
वह हर दिन स्कूल जाता और पढ़ाई में बहुत मेहनत करता। उसे विश्वास था कि मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
पहली परीक्षा – ईमानदारी का इनाम
एक दिन, जब रवि स्कूल से घर लौट रहा था, तो उसे रास्ते में एक पर्स मिला।
उस पर्स में बहुत सारे पैसे थे। रवि सोचने लगा, “अगर मैं ये पैसे अपने पास रख लूँ, तो मेरी कई मुश्किलें हल हो सकती हैं।”
लेकिन फिर उसने सोचा, “यह मेरी मेहनत की कमाई नहीं है, मुझे इसे इसके असली मालिक को लौटाना चाहिए।”
वह गाँव में गया और सभी से पूछा, “क्या किसी का पर्स खो गया है?”
कुछ देर बाद, एक बुजुर्ग आदमी रोते हुए उसके पास आया और बोला, “बेटा, मेरा पर्स खो गया था, उसमें मेरी जिंदगी की सारी बचत थी।”
रवि ने बिना किसी लालच के पर्स लौटा दिया।
बुजुर्ग आदमी ने कहा, “तू बहुत नेकदिल है बेटा, ईमानदारी का इनाम हमेशा मिलता है।”
गाँव के मुखिया को जब यह बात पता चली, तो उन्होंने रवि को सम्मानित किया और उसकी शिक्षा के लिए मदद देने का वादा किया।
सीख: ईमानदारी हमेशा सम्मान और सफलता दिलाती है।
दूसरी परीक्षा – मेहनत का फल
रवि की माँ बीमार पड़ गई और उसके पिता अकेले खेत में काम करने लगे।
रवि ने सोचा, “अगर मैं भी खेत में मदद करूँ, तो हमारे घर में भूखमरी नहीं आएगी।”
उसने स्कूल के बाद खेतों में काम करना शुरू कर दिया।
वह सुबह पढ़ाई करता और शाम को खेतों में काम करता। गाँव के लोग उसे देखकर कहते, “इतना छोटा लड़का होकर भी इतना मेहनती है!”
एक दिन, गाँव में एक बड़ा तूफान आया और रवि का खेत पूरी तरह से नष्ट हो गया।
रवि बहुत दुखी हुआ, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
उसने गाँव के बड़े किसानों से सलाह ली, नए बीज उगाने का तरीका सीखा, और फिर से खेत को उपजाऊ बनाया।
कुछ ही महीनों में उसकी फसल पहले से भी अच्छी हो गई।
गाँव के मुखिया ने उसे बुलाकर कहा, “तुमने साबित कर दिया कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।”
सीख: मेहनत से हर मुश्किल को हराया जा सकता है।
तीसरी परीक्षा – दोस्ती की सच्ची परख
रवि का एक अच्छा दोस्त था – अर्जुन।
दोनों साथ पढ़ते, खेलते और एक-दूसरे की हर मुश्किल में मदद करते थे।
एक दिन, गाँव में एक व्यापारी आया और उसने घोषणा की, “जो भी मेरे पास सबसे अनमोल चीज़ लाएगा, उसे बड़ा इनाम मिलेगा।”
अर्जुन लालच में आ गया और उसने सोचा, “अगर मैं रवि को व्यापारी के पास ले जाऊँ, तो मुझे इनाम मिल सकता है।”
उसने रवि को बहाने से बुलाया और व्यापारी से कहा, “यही इस गाँव की सबसे अनमोल चीज़ है।”
रवि को बहुत दुख हुआ कि उसका सबसे अच्छा दोस्त उसे इनाम के लिए बेच रहा था।
लेकिन व्यापारी ने हँसते हुए कहा, “अनमोल चीज़ सोना-चाँदी नहीं, बल्कि सच्ची दोस्ती होती है। तुमने अपनी दोस्ती को इनाम के लिए बेच दिया, लेकिन रवि ने कभी तुम्हें धोखा नहीं दिया।”
अर्जुन को अपनी गलती का एहसास हुआ, और उसने रवि से माफी माँगी।
रवि ने उसे माफ कर दिया और कहा, “सच्ची दोस्ती में गलतियाँ हो सकती हैं, लेकिन माफ करना दोस्ती को और मजबूत बनाता है।”
सीख: सच्चा दोस्त वही होता है जो किसी भी कीमत पर दोस्ती का साथ न छोड़े।
चौथी परीक्षा – गाँव की सेवा

रवि बड़ा होकर एक सफल किसान बन गया।
उसने गाँव के गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल बनवाया, ताकि सभी को शिक्षा मिल सके।
गाँव के लोग उससे बहुत प्यार करने लगे और उसे गाँव का सबसे बड़ा आदर्श मानने लगे।
राजा को जब रवि की सफलता के बारे में पता चला, तो उन्होंने उसे अपने दरबार में बुलाया।
राजा ने कहा, “तुम जैसे मेहनती और ईमानदार लोग ही असली नायक होते हैं।”
रवि ने सिर झुका कर कहा, “मुझे कोई इनाम नहीं चाहिए, बस अपने गाँव की सेवा करने का मौका चाहिए।”
राजा बहुत खुश हुए और उन्होंने गाँव को और विकसित करने के लिए अनाज और धन दान कर दिया।
रवि का सबसे बड़ा इनाम
गाँव के सभी लोग रवि से बहुत प्रभावित हुए।
एक दिन गाँव के मुखिया ने एक सभा बुलाई और कहा, “रवि ने हमें सिखाया है कि ईमानदारी, मेहनत और सच्ची दोस्ती से हम हर मुश्किल को हरा सकते हैं।”
रवि ने कहा, “अगर हम सब एक साथ मिलकर काम करें, तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती।”
उस दिन के बाद, गाँव के लोग और मेहनत करने लगे, बच्चों को पढ़ाने लगे, और सब मिलकर गाँव को एक आदर्श गाँव बना दिया।
रवि का सपना पूरा हो गया था – उसका गाँव अब खुशहाल था।
कहानी से मिलने वाली सीखें:
- ईमानदारी सबसे बड़ी संपत्ति है।
- मेहनत से हर मुश्किल को जीता जा सकता है।
- सच्ची दोस्ती स्वार्थ से ऊपर होती है।
- समस्या से भागने के बजाय, उसका हल निकालना चाहिए।
- असली इनाम दूसरों की सेवा करने में है।
FAQs
इस कहानी से हमें क्या सिखने को मिलता है?
यह कहानी हमें मेहनत, ईमानदारी, और सच्ची दोस्ती का महत्व सिखाती है।
रवि ने गाँव की मदद कैसे की?
रवि ने मेहनत करके खेती को फिर से उपजाऊ बनाया, गरीब बच्चों के लिए स्कूल बनवाया और गाँव को खुशहाल किया।
राजा ने रवि को क्यों सम्मानित किया?
क्योंकि रवि ईमानदार, मेहनती और परोपकारी था।
कहानी का सबसे बड़ा सबक क्या है?
मेहनत और सच्चाई से हर मुश्किल को जीता जा सकता है।
सच्चा दोस्त कौन होता है?
जो मुश्किल समय में भी साथ खड़ा रहे।

