5 Best Motivational story in Hindi सफलता की कहानियां

The motivational story in Hindi:- If you're searching for a motivational story in Hindi then you are at the right place. Here I'm sharing with you the top 5 motivational stories in Hindi which is really amazing and mind-blowing, these Hindi motivational Stories help you to grow in your life and whatever currier you choose. these motivational stories are for everyone. 

Motivational story in Hindi

Top 05  Motivational story in Hindi सोच बदलने वाली 


  • जब खुद की जान पर बन आती है
  • ज़िन्दगी में अगर आपको भी लक्ष्य मालूम नहीं है
  • ये कहानी उनके लिए जो भीड़ में चल रहे हैं
  • अगर बुरा वक़्त चल रहा है तो सब्र करो
  • अगर आपको बात बात में गुस्सा आता है

1. जब खुद की जान पर बन आती है Best Motivational story in Hindi

Best Motivational Story in Hindi

ये कहानी है एक बादशाह की जिसे अपने कुत्ते से बहुत प्यार था  वो शाही अंदाज में रहता था उस राज्य में  लोग कहते थे की कास हम बादशाह के कुत्ते होते तो हमरी जिंदगी थोड़ी ठीक होती। बादशाह अपनी प्रजा पर कम ध्यान देता था


वो अपना सारा ध्यान अपना सारा खर्चा अपने कुत्ते पे करता था।  इतनी महोबत अपने कुत्ते से थी कुछ लोग  मिसाल दिया करते थे जानवरो से प्रेम करना हो तो बादशाह से शिखिये। बादशाह जहा भी जाते थे


जिस भी मीटिंग  में जाते थे पोलिटिकल मीटिंग हो या प्रजा  के सामने मीटिंग हो हर जगह अपने कुत्ते को साथ में रखते थे दरबार  में भी वो बैठा करता था। एक बार उन्हें किसी दूसरे राज्य के राजा से मिलने के  लिए जाना था समुंदरी रास्ता था


राजा जब  नाव में सवार हुए तो बादशाह के साथ कुछ सैनिक थे कुछ मंत्री थे और उनके अलावा कुछ यात्री भी उस नाव में बैठे हुए थे।  अब बादशाह जहा जाते थे वो कुत्ता भी जाता था तो वो कुत्ता भी नावँ में बैठा था।


  ये उस कुत्ते के लिए पहला सफर था जब वो समुंदरी रास्ता तै कर रहा रहा था  नावं में बैठा था।  वो कुत्ता बादशाह के साथ था जैसे ही नावं रवाना हुई तो पानी में जब नाव चलती है


तो उसे जो हलचल होती है उसे कुत्ता बेचैनी महसूस करेने लगा वो असहज महसूस कर इधर से उधर उछाले मार रहा था उछाल कूद कर रहा था


इधर से उधर जा रहा था तो जो बाकि यात्री थे उनको भी डर  लग रहा था।  हर कोई कुत्तो के साथ कम्फर्टेबले नहीं होता तो उनको  लग रहा था की कहा बादशाह इसे अपने साथ लेके आगये,


और उस कुत्ते के उछाल कूद करने की वजह से नावं में बरी चिंता हो रही थी की कही नावं पलट न जाए कही कोई यात्री पलट न जाए कही कोई दीकत न हो जाए। 


हर कोई ये चाह रहा था की खास ये बात बादशाह समझले लेकिन बादशाह को सुरु सुरु में बहुत अच्छा लग रहे था की वाह हमारा कुत्ता कितना प्यारा हैं  खेल कूद रहा है। 


थोड़ी देर के बाद में ये चीजे उन्हें भी परेसान करने लगी उन्हें लगने लगा की कही कोई खतरा न हो जाए। 


इस कुत्ते के बार बार उछलने कूदने की वजह से कही नावं न पलट जाए लेकिन वो कैसे समझाए उस कुत्ते को वो तो उनके दिल  के बहुत करीब था।


  वो जो यात्री  बैठे हुए थे उन में से एक दार्शनिक  बैठा हुआ था उस दार्शनिक ने सोचा और  हिमत कर के बादशाह के पास गए और बोलै गुश्ताकी माफ़  हुजूर


लेकिन हमें कुछ न कुछ करना होगा वरना ये जो आपका प्यारा कुत्ता है हम सब को मुसीबत में दाल देगा ये नावं पलट जाएगी।


  बादशाह ने कहा ठीक है आप क्या करना चाहते है आपको जो समझ में आ रहा है वो कर लीजिये मेरी तरफ से आपको इजाज़त है।


  वो दार्शनिक गया और जो उसके पास में जो साथी बैठे हुए थे उन में से जो दो साथी बैठे हुए थे उसे बोले आओ मेरे साथ  एक काम करना है


उन तीनो में मिल कर उस कुत्ते को पकड़ा और समुद्र में फैक दिया और जैसे ही वो कुत्ता समुद्र में गिरा उसकी जान पर बन आई उसे समझ नहीं आया क्या करे वो तड़पता हुआ नावं को पकर लिया


उसने थोड़ी देर वो नावं को पकर के साथ में  चलता रहा  उसके बाद में दार्शनिक जो था उसने अपने साथियो से कहा अब इसे वापस उठा कर के नाव में ले आते हैं


वापस से उन तीनो ने उस कुत्ते को उठा कर के नावं में बैठा दिया वो जा शाही कुत्ता था  बादशाह का जो बहुत प्यारा था जो उछाल कूद रहा था वो चुप चाप से जा कर के एक कोने में बैठा गया


बादशाह को समझ नहीं आया यात्रियों को भी समझ नहीं आया ये क्या हो गया अचानक से इसकी उछाल खुद बंद हो गयी तो बादशाह पूछा उस दार्शनिक से  ये क्या किया जो इतना उछल कूद रहा था अचानक से पालतू बकरी बन गया है


तो दार्शनिक ने कहा बादशाह बहुत ही सीधी बात है जिंदगी  में जब तक खुद पे कोई विपत्ति नहीं आती  तब तक हमें दूसरे की परेशानिया दूसरे की परिस्थिति समझ नहीं आती जब खुद की जान पर बन आती है


तो  दूसरे की परिस्तिति अपने आप समझ जाते हैं। सामने वाले की  जिंदगी में क्या चल रहा है किन वजहों से चल रहा है  आप और हम कुछ नहीं जानते सामने वाले की जिंदगी पे कमेंट करने से पहले 10 बार 12 बार सोचियेगा ये कहना बारे आसान होता है


की लास्ट बॉल पे सिक्स लग सकता लेकिन मैदान में जा करके उस गेंद का सामना करना जो 140km/h की  गति से आती है वो एक अलग कहानी होती है इसलिए आप कोशिश कीजियेगा दुवारो पे कुछ कहने से बचें अपनी इस्तिति अपनी जिंदगी अच्छी  करें। 


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ज़िन्दगी में अगर आपको भी लक्ष्य मालूम नहीं है New Motivational story in Hindi

New  Motivational story in Hindi

ये कहानी है एक ऐसे व्यक्ति की जो ट्रैन से सफर किया करते थे  अपने दफ़्दर ये आते थे और जाते थे और ट्रैन की सफर से कुछ न कुछ  सीखते थे


और घर जा कर के dairy  में लिखते थे की आज मैंने ट्रैन की सफर में ये सीखा रोजाना का ये उनका रूटीन था


एक दिन वो अपने ऑफिस के लिए निखले ट्रैन में जा कर के बैठे ट्रैन रवाना हुए उनके  ठीक सामने वाली सीट पे एक फॅमिली बैठी हुई थी बच्चे खिल खिला रहे थे बाते वाते चल रही थी,


तभी वहा से एक पानी बेचने वाला लड़का निकला  पानी बेचते हुए लड़का निकल   रहा था ज़ोर ज़ोर से आवाजे दे रहा था इनके सामने वाली सीट पे जो फॅमिली बैठी हुई थी


उसमे एक भाई साहब थे उन्हों पूछा बेटा पानी की बॉटल कितने की दी तो उस लड़के ने बोला भैया 20 rs की बोतल है तो इन्होने बोला की ये 15  की बोतल दो ये 20 rs में क्या बेच रहे हो 15rs में दो


तो बताओ वो जो पानी बेच रहा था लड़का वो सिर्फ मुस्कुराया कुछ नहीं बोला चुप चाप आगे बढ़ गया ये जो भाई साहब सामने की सीट पे बैठे हुए थे


जो की रोजाना लिखते थे की आज क्या सीखा इनको लगा अंदर से  जिज्ञासा हुई  भाई क्या मतब आज सीखा है ? ये फटा फट उस लड़के के पीछे गए की


ये आज मुझे ये कुछ बढ़िया सा सिख दे देगा की क्या करना चाहिए लाइफ में मुस्कुरा के  कैसे चलागया ज़िद बहस नहीं की। 


वो उस लड़के के पीछे पीछे निकल लिए वो लड़का इस कोच से दूसरे कोच आगे बढ़ चूका था पानी बेचते बेचते उसे जा कर के रोका और पूछा भाई एक बात बताओ मैं  तुमसे कुछ पूछना चाह  रहा हु तुम अभी मेरे कोच में थे वहा पे एक फॅमिली थी


याद आया ये बाँदा तुमसे बोल रहा था की 15  की बोतल दो 20 की क्यों दे रहे हो तुमने कुछ नहीं  बोला उसे तुम चुप चाप आगे बढ़ गए मतलब ऐसा क्यों तुम्हे गुसा नहीं आया की कहा 2 - 5 रूपये के लिए ज़िद कर रहा है


एक गरीब आदमी  से तुम कुछ तो बोलते फिर उस लड़के ने कहा वो जो भाई साहब बैठे हुए थे


उनको पानी पीना ही नहीं था उनको प्यास ही नहीं लगी थी तो ये जो बांदा था जो रोज लिखता था उसने पूछा अरे तुम्हे कैसे पता चल गया की उनको प्यास नहीं लगी थी


तुम क्या अंतर यामी हो तुम्हे पता चल गया की उन्हें पानी नहीं पीनी है हो सकता है की उनको प्यास लगी हो,


तो फिर से लड़के ने बोला  उन्हें प्यास नहीं लगी है जिसको प्यास लगी रहती है वो पहले  पानी की बोतल लेता है उसको पिता  है  उसके बाद में दाम  पूछता है  और पैसे दे देता है वो फालतू की ज़िद बहस नहीं करता है। 


उस लड़के ने जब ये  जवाब दिया तो उन्होंने उसे सुना और घर जा कर के dairy में बहुत कुछ लिख डाला इन्होने लिखा ज़िन्दगी में अगर हमने गोल बना लिया है अगर हमारे  माइंड में बात  फिक्स है


तो हम फालतू के वाद  विवाद में नहीं पड़ेगे लेकिन हमारा गोल फिक्स नहीं है अगर हमें पता ही नहीं है की हमें क्या करना है


तो हम बहुत साडी कमिया उस गोल में ज़िन्दगी के गाल में भी निकालते रहेंगे और बस इसी चाकर में टाइम खत्म कर देंगे।  खास कर के जो  भी स्टूडेंट्स इस कहानी को बढ़ रहें है


मैं उनको बोलना चाहता हु कीअपने  गोल को फिक्स कीजिये क्यों की अगर आपके माइंड में फिक्स नहीं होगा की आपको क्या करना है


तो आप वो तीन चार ऑप्शंस में उलझ कर के रह जाएंगे  साल पर साल निकलते चले जाएंगे और उसके बाद में आपको महसूस होगा की क्या टाइम तो तब था


तब तो कुछ क्या ही नहीं लाइफ में अपने गोल को फिक्स कीजिये और फिर  वाद विवाद में परने वाली बात आएगी ही  नहीं। 


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3. ये कहानी उनके लिए जो भीड़ में चल रहे हैं Latest Motivational story in Hindi

Latest Motivational story in Hindi

ये कहानी है अकबर और बीरबल की एक बार जहाँ पनाह ने बीरबल से कहा बीरबल बताओ अविदया क्या है बीरबल ने कहा महाराज इस सवाल का जवाब देने के लिए मुझे चार दिन की छुटियाँ चाहिए


तो अबार ने पूछा की छुटिया क्यों चाहिए तो बिरल  ने कहा महाराज मैं परेशान हो गया हु


आपके सवाल का जवाब देते देते दिमाग थक गया है दिमाग को थोड़ा आराम चाहिए चार दिन के बाद जब वापस आऊंगा तो पके से बताऊंगा की अविदया क्या है अकबर ने कहा जैसे तुम्हें मंजूर है। 


बीरबल को चार दिन की छुटिया मिल गई वो घर गया घर जाने के बाद सीधा मोची के पास गया और मोची के पास जा कर के बोला एक ऐसी शानदार जूतियां बनाओ जिसे जो देखे देखता रह जाए  तो मोची ने बोला  कैसी बनानी है


थोड़ी नाप वाप बताओ तो बीरबल ने बोला नाप वाप कुछ नहीं एक बीती चोरी बना दो,  दो बीती लम्बी बना दो आराम से शानदार वाली बना दो तुम्हे जितना वक्त लेना है ले लो लेकिन उनमे हिरे जैवरात जरने है और सोने चांदी से सिलाई करनी है


ऐसी जुतिया बनानी है जिसे देखने के बाद लोगो के मुँह से बस वाह निकले तो मोची कहा जनाब बनवा किसके लिए रहे हो तो बिलबाल ने कहा ज्यादा सवाल जवाब मत कर और बनाने  के बाद तुम भूल जाना की तुमने बनाई है यही शर्त है। 


मोची ने कहा मंजूर है तीन दिन के बाद में मोची ने जुतिया बनादि बीरबल गए  पैसे दे दिए और फिर से बोल दिया की किसी से बोलना नहीं की तुमने बनाई है। 


फिर बीरबल ने क्या किया की एक जूते को अपने घर में जा के रख दी और दूसरी जो जूती थी उस जोड़े की उसको ले जा कर के महजिद में फेंक दिया।


  सुबह सुबह मौलवी साहब वाला पहुंचे नवाज़ पढ़ने के लिए वहा उन्हें वो जूती दिखाई दी हिरे जैवरात जरे हुए थे सोने चांदी की तारो से सिलाई की हुई थी। 


मौलवी साहब को लगा ये किसे आम इंसान की जूती तो हो ही नहीं  सकती उन्हें लगा की जरूर ऊपर वाले आए होंगे निचे नवाज पढ़ने के लिए और उनकी जूती  यहाँ छूट गयी होगी। 


मौलवी साहब ने उसे उठाया अपने आँखों से लगाया माथे से चूमा सर पर लगाया उसके बाद वहा  पे जितने लोग नवाज़ पढ़ने के लिए आ रहे थे उन सबको बताया की देखो भाइये ये जो जूती  छूट गयी है


मुझे तो लगता है की किसी आम आदमी की नहीं है ऊपर वाले की है लोगो ने बोला बिलकुल सही बोल रहे है जनाब बिलकुल ऊपर वाले की है


हर किसी ने वही किया सबने चूमा माथे पर रख  लिया उसके बाद ये बात जंगल में आग की तरह पुरे राज्य में फ़ैल गयी अकबर तक बात पहुंची जहा पनाह अकबर ने बोला की उस जूती को हमें ला कर दिखाई जाए जूती ले


  जाई गयी तो अकबर ने देखा तो बोला बिलकुल सही बोल रहे हो ये किसे आप इंसान की तो हो ही नहीं सकती ये जरूर ऊपर वाले की है।  ऊपर वाला निचे आया होगा नवाज पढ़ी होगी और जूती छूट गयी होगी उन्होंने भी


वही किया माथे से लगा लिया आखो से चुम लिया सर पर रख लिए उसके बाद अकबर ने कहा ये बहुत ही नायाब जूती है इसको ले जा कर के अच्छे से अस्थान पे रखदो और पूजा करो।  इसकी पूजा होनी चाहिए अच्छे से ध्यान  रखना है यही


आपको करना है अकबर का आदेश माना गया।  इधर चार दिन की छुटिया बीरबल की ख़त्म हो गयी बीरबल वापस आया उसका चेहरा उतरा हुआ था मुँह उदाश था अकबर ने पूछा क्या हुआ तुम तो ऐसे लग रहे हो जैसे की घर किसी की मौत हो गई हो 


तो बीरबल ने कहा क्या बताऊं जहा पनाह हमारे पर दादा की जूतियां थी चोर आएं एक जूती ले गए एक जूती छोर   गए अब हम परेशान चल रहे है वो हमारे दिल की इतनी करीब थी की आज तक हमने उसे बेचा नहीं था


बस अपने घर में रखा हुआ था तो अकबर ने कहा तुम्हारे पास वो जूती है बीरबल ने कहा हा जी हा है


अभी आपको देखता हु तो बीरबल ने जूती दिखाई अकबर का माथा ठनक गया अकबर ने कहा वो जो जूती रखवाई है उसको मंगवाओ वो जूती जहा पे रखवाई गई थी उसे मंगवाई गयी   जोड़ा जूतियो का बन गया बीरबल को  दिया गया


बीरबल ने कहा  महाराज यही अविदया है न आपको कुछ पता था ना उनको कुछ पता था न जिसको मिली उसको कुछ पता था सब बस भेड़ चाल में चले जा रहे थे इसे ही अविदया कहा गया है। 


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4. अगर बुरा वक़्त चल रहा है तो सब्र करो Motivational story in Hindi for Students

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एक बार की बात है एक राजा साहब के पास में बड़ा सुन्दर  विशाल महल था और उस विशाल सी  महल में एक सुंदर सी बगीची थी  उस सुन्दर सी बगीची में एक माली था और अंगूरों की बेल थी माली जो था वो  इस बात से परेशान था


की अंगूरों की बेल पे रोजाना एक चिड़ियाँ आकर के आक्रमण करती थी  और कुछ इस तरीके से वो आक्रमण करती थी जिसे की जो मीठे मीठे अंगूर थे उसे तो खा लेती थी जो अधपके थे  और जो खटे अंगूर थे उसे ज़मीन पर  गिरा देती थी।


  माली इस बात से बड़ा परेशान चल रहा था की इस अंगूरों के बेल को ये चिड़ियाँ एक दिन तबाह कर देगी नस्ट कर देगी उसने बहुत कोसिस की लेकिन उसको कोई उपाय  मिला  नहीं तो वो राजा के पास पंहुचा और कहा


मालिक हुकुम आपही कुछ कीजिये मुझसे कुछ हो नहीं पारहा  है अंगूरों की बेल कभी भी ख़त्म हो सकती है राजाने  कहा माली साहब आप चिंता मत कीजिये आपका काम मैं करूँगा।


  अगले दिन राजा साहब पहुंचे खुद और अंगूरों की बेल के पीछे जाके छुप गए और जैसे ही चिड़ियाँ आई राजा ने फुर्ती दिखाते हु चिड़ियाँ को पाकर लिया। 


जैसे ही चिड़ियाँ को पकड़ा चिड़ियाँ ने राजा के कहा हे राजन मुझे माफ़ करना  मुझे मत मारो मैं  आपको चार ज्ञान की बातें बताउंगी राजा बहुत घुसे में थे राजा ने बोला पहेली बात बताओ चिड़ियाँ ने कहा अपनी हाथ में आए शत्रु को कभी भी जाने न दे


राजा ने कहा दूसरी बात बता चिड़ियाँ ने कहा कभी भी असम्भव बात पर यकीन न करें राजा ने कहा बहुत हो गया डरामा तीसरी बात बताओ  चिड़ियाँ ने कहा बीती बात कर पछतावा न करें


  राजा ने कहा अब चौथी बात बता अब खेल खत्म करता हु बहुत देर से परेशान कर रखा है


चिड़ियाँ ने कहा राजा साहब अपने जिस तरीके से मुझे पाकर रखा है मुझे साँस नहीं आरही आप  मुझे थोड़ी सी ढील देंगें तो शायद मैं  आपको चौथी बात बता पाऊं  राजा ने हलकी सी ढील दी


और  चिड़ियाँ उर कर के डाल पे बैठ गई चिड़ियाँ ने कहा मेरे पेट में दो हिरे हैं ये सुन कर के राजा पश्चाताप करने लगा उदाश हो गया


और राजा की ये शक्ल देख कर के चिड़ियाँ ने ने बोला राजा साहब मैंने जो आपको अभी  चार  ज्ञान की  बात  बताई थी पहली बात बताई थी अपने शत्रु को कभी हाथ में आने के बाद  छोड़ें न


आपने हाथ में आए शत्रु यानि मुझे छोर  दिया दूसरी  बात बताई थी  असबभाव बात पर यकीन  न करें , आपने यकीं कर लिया की मेरे छोटे से पेट में दो हिरे हैं ,


तीसरी बात बताई थी की बीती हुई बात पर पश्चताप न करें आप उदास है आप पश्चाताप कर रहें है जबकि मेरे पेट में हिरे है ही नहीं उसको सोच कर के आप पश्चाताप कर रहें है।


  उस चिड़ियाँ ने राजा को नहीं हम सबको भी बताई हम सब  भी जो बीती चूका होता है उस  पर कई बार पश्चाताप कर रहें होतें हैं हमेशा भूतकाल में  रहतें है और भविस का सोचतें नहीं हैं प्रेजेंट में रहना सुरु की जिए


फ्यूचर की प्लानिंग करना सुरु कीजिये अपने सपनो को फॉलो करना सुरु कीजिये।  जिंदगी में जो हो गया  आपका उसपर कण्ट्रोल नहीं है लेकिन जो होगा उसको आप बदल सकते है।  


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5. अगर आपको बात बात में गुस्सा आता है Motivational story in Hindi

Motivational story in Hindi

एक बार की बात है एक राज्य में राजा का दरबार लगा था और शर्दियों के दिन थे इसलिए दरबार खुले में धुप में लगा हुआ था सब लोग बैठे हुए थे  दीवान थे मंत्री थे राजा के पंडित थे राजा के परिवार के लोग थे हर कोई बैठा हुआ था।


  राजा साहब के सामने एक मेज रखवा दी गयी थी तभी अचानक से भीड़ में से एक आदमी बहार आता है और कहता है की मुझे राजा साहब से मिलना  है मेरे पास में दो चीजें हैं  जिनकी  मैं परीक्षा लेना चाहता हु राजा साहब तक बात पहुचायी गयी


राजा साहब ने बोला आने दीजिये उस आदमी को दरबार में आने की इजाज़त दी गयी जो की खुले में  लगा हुआ था राजा के सामने में वो व्यक्ति पंहुचा इजाज़त ले कर के राजा साहब ने कहा


बताओ बात क्या है उस इंसान ने कहा मेरे पास में दो चीजें है एक जैसी दिखने वाली  एक जैसे आकर की बिलकुल एक जैसी लेकिन इन मेसे एक हिरा है


और एक कांच है लेकिन मैं कई राज्यों में गया  हु कई राजाओ से मिला हु लेकिन कोई भी ये नहीं बता पाया की कौन सा असली है और कौन सा नकली है आपकी भी परीक्षा लेना चाहता हु और  में जानना चाहतो  हूँ  की आपके दरबार कोई


बुद्धिमान है जो ये बता सके की और अगर आपके राज्य में किसी ने बता दिया तो हिरा आपके राज्य के खजानेमे जमा करवा दूँगा और अगर नहीं बताया तो इस हिरे का जो कीमत है


वो आपको मुझे देनी होगी बस ऐसे ही मैं जीतता चला आ रहा हु राजा साहब  ने कहा ठीक है लाया   जाए  राजा साहब के सामने जो मेज राखी हुई थी उस पर उन दोनों चीजों  


को रखा गया एक एक हिरा था और एक नकली हिरा था।  राजा साहब ने कहा अपने दिवानो से  मंत्रिओं से  सब लोगों से कहा एक एक कर के आइ ये और बताइये कुछ लोगों ने हिमत की और कुछ लोगो ने सोचा की  अगर राजा साहब हर गए तो उल्टा दोष हम पर आ जाएगा तो लोग आगे नहीं आएं। 


राजा साहब को भी समझ में नहीं आ रहा था की यहाँ तो हार उनकी होती जा रही है  तभी भीड़ में से एक अंधे बाबा बहार  निकल कर के आए और उन्हों ने कहा की


मुझे राजा साहब से मिलने दिया जाए मैं एक बार कोशिश करना चाहता हु राजा साहब तक बात पहुँचाई गयी।  की एक अंधे बाबा है वो आना चाहते है


वो भी एक बार कोसिस करना चाहते हैं राजा साहब  ने कहा ठीक है जब कोई  मान नहीं रहा कुछ  हो नहीं रहा है तो इनको भी एक बार मौका दिया जाए वो अंधे बाबा  आगे आए और एक मिनट में उन्हों ने बता दिया की असली हिरा कोन सा है


और नकली हिरा कोन सा है हर कोई चौंक गया हर कोई खुश  हो गया सब बोलने लगें क्या बात है राजा का सम्मान बच गया राजा राज्य में नया  हिरा आ गया


हिरे को तिजोरी में जमा करने की तैयारियाँ होने लगी लेकिन इस सब के बिच में राजा साहब ने पूछा बाबा एक बात तो बताओ अपने पहचना कैसे  बूढ़े बाबा ने कहा बहुत आसान था


हम खुले में बैठें है, धुप में बैठे हैं जो धुप में  गरम हो गया वो कांच  और जो ठंडा रह गया वो हिरा।  इस कहानी से हमें सिखने को मिलता है की जिंदगी में हम छोटी छोटी बातो पर गुसा करते हैं नाराज होतें है


अपनों से नाराज होते हैं और हमरी से  जिंदगी दोस्त काम होते चले जाते है  अपने काम होते चले जाते है रूठते चले जाते हैं।  जिसने जिंदगी में आपा नहीं खोया , विपरीत परिस्तिथियों में भी  खरा रहा ठंडा रहा वही जीता है वही सिकंदर कैहै लाता है।



Thank you for Reading these motivational Story in Hindi I'm sure it will help you to grow in your life and also it will change your mindset these motivational stories come form lots of mindset of successful people.

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