Top 10 Hindi short Kahani for children 2020 हिंदी में

Hindi short Kahani:- Here I'm sharing with you the top 10Hindi short Kahani which is really amazing and awesome these Hindi short Kahaniwill teach you lots of things and gives you an awesome experience. You can share with your friends and family and these short stories will be very useful for your children or younger siblings.

Top 10 Hindi short Kahani  for children

Hindi short Kahani 2020 हिंदी में

जैकी और उसका सपना latest Hindi short Kahani




latest Hindi short Kahani
एक बार जैकी नाम का एक लड़का था। वह हमेशा साइकिल चलाने का सपना देखता था। उसके सपनों में उसकी साइकिल का रंग सुनहरा और साइकिल की सीट का रंग लाल होता था।

उसके हेन्डिल पर एक चमकीली घंटी लगी होती थी। उसे घंटी की आवाज़ बहुत अच्छी लगती थी। उसके पैरों के नीचे सफेद बादल होते थे। सपने में जहाँ भी वो साइकिल चलाता, उसके आगे तितलियाँ उड़ती रहती थीं।

साइकिल चलाते हुए वह कई परियों और हज़ारों तारों से मिला। एक बार उसने सांता क्लॉज़ को भी अपनी साइकिल की सैर कराई। जिसके बदले में उन्होंने उसे बहुत सारी मिठाईयाँ दी।

लेकिन दुख की बात यह थी कि वास्तव में, वह अभी तक साइकिल नहीं चला पाया था। परंतु उसे कभी इस बात का दुख नहीं हुआ, लेकिन वह सपनों में देखी हुई साइकिल की सैर को हमेशा याद रखना चाहता था।

मिकी और उसके बड़े सपने New Hindi short Kahani


New Hindi short Kahani

मिकी के जन्मदिन का बड़ा उत्सव था। मिकी अपने नए कपड़ों में बहुत खश दिखाई दे रहा था। उस समय उसकी मौसी उसे मिलने आयीं। वह बोलीं-"मिकी, तुम बड़े हो कर क्या बनना चाहते हो?"

मिकी ने कहा-"मैं अपने भाई की तरह जानवरों का डॉक्टर बनकर जानवरों की देखभाल करना चाहूँगा। नहीं तो, अपने पिता की तरह वैज्ञानिक बनकर संकटग्रस्त जीवों की मदद करना चाहूँगा।

इसके अलावा, मैं अपनी माँ की तरह कुत्तों की देखभाल करने वाला बनूंगा। या फिर मैं अपनी बहन की तरह डॉलफिन को ट्रेनिंग देने वाला बनूंगा। वास्तव में मौसी, मैं जानवरों से बहुत प्यार करता हूँ।

मैं उनके लिए ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहता हूँ।" उसकी मौसी यह सुनकर बहुत खुश हुई। उन्होंने उसे कहा- "कोई बात नहीं, मिकी। अभी तो तुम केवल सात साल के हो। तुम्हारे पास अभी बहुत समय। है। भगवान तुम्हारी इच्छा पूरी करे।"

फरिश्तों का प्यार Amazing Hindi short Kahani


Amazing Hindi short Kahani

बच्चो, क्या तुम जानते हो जब तुम पैदा होते हो, तो बहुत बड़ा उत्सव होता है? फरिश्ते गाते, बजाते और नाचते हैं? सभी खुशी मनाते हैं। तुमने सपने में भी कभी यह सोचा है कि सबसे बड़ा फरिश्ता कौन है?

सबसे बड़ा फरिश्ता लम्बी, सफेद दाढ़ी वाला एग्नेलियस है। जब तुम पैदा होते हो तो वह दूसरे फरिश्तों से पूछता है-“बताओ, तुम क्या सोचते हो? यह बच्चा बड़ा होकर क्या बनेगा?"

कोई कहता है-"यह टीचर बनेगा।" कोई कहता है-"यह बहुत बड़ा डॉक्टर बनेगा।" और कोई कहता है-“यह तो एक डांसर बनेगा।" एग्नेलियस सबके जवाबों को मुस्कराकर सुनते हैं।

तभी कोई कहता है-"क्या होगा अगर यह ठीक से बोल या चल नहीं पाया तो?" तब एग्नेलियस मुस्कराते हुए कहते हैं-"कहने दो सब को जो वे कहना चाहते हैं। हम तो इस बच्चे को ऐसे ही प्यार करेंगे।"

गलत फैसला Hindi short Kahani for children


Hindi short Kahani for children

एक शहर में, बाज़ार के पास घोड़ों का अस्तबल था। एक दिन, एक घोड़े का बच्चा बाज़ार के शोरगुल से घबराकर पागलों की तरह दौड़ने लगा। उसने दो बैलों को देखा तो उनके पीछे जा छुपा।

उसे ढूंढते हुए उसका मालिक वहाँ आया और उसने किसान से अपना घोड़ा वापस मांगा। लेकिन किसान ने कहा-"घोड़े ने बैलों को चुना है। बैल मेरे हैं, तो घोड़ा भी मेरा हुआ।"

यह मामला राजा के दरबार में पहुँचा। राजा ने फैसला सुनाया “घोड़ा अब किसान के पास ही रहेगा और बैल ही उसके माता-पिता होंगे।" अगली सुबह, राजा एक गली से गुज़र रहा था।

उसने देखा, घोड़े का मालिक मछली पकड़ने का जाल बिछा रहा था। राजा ने उससे पूछा-"यह क्या कर रहे हो?" उसने जवाब दिया-"जब बैल घोड़े के माता-पिता हो सकते हैं, तो मैं गली में मछली क्यों नहीं पकड़ सकता?"

इतना सुनते ही राजा को अपनी गलती का एहसास हो गया। इस तरह से घोड़े के मालिक को उसका घोड़ा वापस मिल गया।

चालाक सोमू Unique Hindi short Kahani


Unique Hindi short Kahani

एक बार सीमा नाम का एक गरीब युवक था। उसके पास एक लंगड़ा घोड़ा और एक फटा हुआ कोट था। एक दिन, चारों ओर बर्फ पड़ रही थी। सोमू अपने लंगड़े घोड़े पर उदास बैठा था।

तभी उसने गर्म कपड़े पहने, घोड़े पर सवार एक आदमी को आते देखा। उसे देख सोमू अपने घोड़े पर अकड़कर बैठ गया और गाना गाने लगा। आदमी उसे देखकर बहुत हैरान हुआ।

उसने सोमू से पूछा-"क्या तुम्हें ठंड नहीं लगती?" सोमू ने जवाब दिया-"इन छेदों से हवा बाहर निकल जाती है, इसलिए यह कोट काफी गर्म है। परंतु लगता है, तुम्हें ठंड लग रही है।"

सीमा ने कहा-“तुम ठीक कह रहे हो। कृप्या, अपना कोट मुझे बेच दो।" "नहीं, इसके अलावा मेरे पास इस ठंड में पहनने को कुछ नहीं है।-सोनू ने कहा।

"मैं तुम्हें अपना कोट दे दूंगा और हम अपने घोड़े भी बदल लेंगे।" वह गिड़गिड़ाया। "ठीक है।"-सोनू ने कहा। उसने जल्दी से उस आदमी का कोट और घोड़ा लिया और वहाँ से भाग गया।

मोहन और उसकी सलाह for kids Hindi short Kahani

for kids Hindi short Kahani

एक बार, एक बुद्धिमान किसान था। उसका मोहन नाम का बेटा था जो अपने आप को सबसे होशियार समझता था। उसे दूसरों को सलाह देना बहुत अच्छा लगता था।

वह अपने पिता को भी खेती के बारे में सलाह देता था। लेकिन उसके पिता उस पर ध्यान नहीं देते थे। उनको, मोहन जैसे छोटे बच्चे का सलाह देना अभी सही नहीं लगता था।

वह हमेशा मोहन को समझाते हुए कहते-"जब तुम्हें मेरा जूता आने लगेगा, तब मैं तुम्हारी बात माना करूंगा। तब तुम मुझे बता सकोगे कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं।"

कुछ साल बाद मोहन जवान हो गया। लेकिन उसकी दूसरों को सलाह देने की आदत नहीं बदली। एक दिन उसके पिता ने देखा, उनके जूते और मोहन के जूते एक नाप के हो गए है।

अब उन्होंने मोहन को घर और खेत की सारी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला कर लिया। अब मोहन जो तरीके दूसरों को बताया था, उस तरीके से वह खुद काम करने लगा था। मोहन के पिताजी अब खुश थे क्योंकि वह समझदार हो गया था।

दानव short story In Hindi


short story In Hindi

एक घाटी में, एक दानव अकेला रहता था। एक दिन वह घूमने निकला और उसने मदन नाम के एक लड़के को देखा। दानव ने उसे बुलाया और पूछा- “क्या तुम किसी को जानते हो जो मेरे साथ शतरंज खेल सके?"

डर से काँपते हुए मदन ने अपनी मालकिन माया के दानव की इच्छा बताई। माया, दानव के पास अपने दोस्त जीवन को लेकर गई जो शतरंज का कमज़ोर खिलाड़ी था। वह दानव को नाराज़ नहीं करना चाहती थी।

उस दिन से वे दानव के अच्छे दोस्त बन गए और अक्सर वहां के पास आने लगा। माया और उसके कुछ दोस्तों ने मिल कर दानव के लिए एक स्वेटर बुनना। स्वेटर देखकर दानव बहुत खुश हुआ।

उसने उन्हे धन्यवाद किया और कहा कि, "मैं पहाड़ों पर अपने दानव मित्रों के पास जा रहा हूँ। मैं अपने साथ स्वेटर भी ले जा रहा हूँ।" इसके बाद वह दानव कभी भी वहाँ पर दिखाई नहीं दिया।

दोस्तों की कमी Hindi short Kahani for students


Hindi short Kahani for students

एक बार, टीटू नाम का लड़का था। वह सारा दिन खेतों में अपनी फसल की देखभाल में लगा रहता था। उसके पास किसी से बात करने का भी समय नहीं था। वह बहुत अकेलापन महसूस करता था।

वह जब खेतों से लौटता तो अपनी बहन से कहता-"बहन, मेरा कोई दोस्त नहीं है। मैं सारा दिन मेहनत करता हूँ और किसी से भी बात नहीं करता।" उसकी बहन ने कहा-"मेरा भी कोई दोस्त नहीं है।"

"तुम्हारे पास है। तुम बकरियों की देखभाल करती हो। वे तुम्हारी दोस्त की तरह हैं। कम से कम तुम उनसे तो बात कर सकती हो।" -टीटू ने चिढ़कर कहा। "ओह! तुम ऐसा कैसे कह सकते हो?

बकरियों से बात कैसे की जा सकती है। बकरियाँ न ही हमारी भावना समझ सकती हैं और न ही हमार भाषा।" ऐसा कहकर वह रसोई में रोटियाँ बनाने चली गई और बहस खत्म हो गई।

टीटू को भी यह बात समझ में आ गई कि हम इन्सानों से ही बात कर सकते हैं, जानवरों से नहीं।

खर्चीली लड़की Hindi short Kahani of a girl


Hindi short Kahani of a girl

अंजली एक बहुत सुंदर और अमीर लड़की थी। वह स्वभाव से बहुत फिजूल खर्च करने वाली थी। वह अपने कपड़े एक या दो बार पहनने के बाद ही फेंक दिया करती थी।

उसकी एक बहुत मेहनती रोमा नाम की नौकरानी थी। वह बहुत ही नम्र स्वभाव की थी। जो भी कपड़े अंजली फेंकती थी, वह उनको सम्भाल कर रखती थी। एक दिन एक सुंदर और अमीर युवक ने अंजली का हाथ मांगा।

अंजली मान गई और उसने अपनी शादी में अपनी सभी सहेलियों को बुलाया। रोमा भी वहाँ अपनी मालकिन की फेंकी हुई, सुंदर पोशाक पहन कर आई। जिसे देखकर अंजली को जलन महसूस हुई और वह रोमा का अपमान करने लगी।

यह देखकर युवक अंजली का स्वभाव समझ गया। उसे रोमा की सादगी बहुत अच्छी लगी। अंजली को छोड़कर उसने रोमा से शादी कर ली। अंजली को उसका सबक मिल गया था।

राजकुमार का कुत्ता Nursery Kids Hindi short Kahani


Nursery Kids Hindi short Kahani

एक बार एक बहादुर राजकुमार था। वह अपने कुत्ते से बहुत प्यार करता था। उसने कई लड़ाईयाँ जीतीं और कई देशों पर राज किया। एक दिन उसके दुश्मनों ने योजना बना कर उसे पकड़ लिया।

राजकुमार को एक अनजान जगह पर रखा गया, जहाँ चारों ओर जंगल था। उसके दुश्मनों ने उसे आजाद करने की बहुत बड़ी कीमत मांगी थी।

राजकुमार चालाक था। वह अपने कुत्ते वीर के साथ उस जगह से भाग निकला। लेकिन अपने देश जाने का उसको रास्ता नहीं पता था। अनजान देश में वह किसी से रास्ता पूछ भी नहीं सकता था।

अचानक, उसे याद आया कि कुत्ते कई मील दूर से भी अपना घर ढूंढ सकते हैं। उसने अपने कुत्ते से कहा- "वीर, हमारे घर का रास्ता ढूंढो और देश को बचाओ।"

वीर ने हवा को सूंघा और अपने देश की दिशा की ओर चल पड़ा। कई दिन चलने के बाद वे अपने देश पहुंचे। केवल वीर की वजह से ही राजकुमार अपने घर वापस आ सका।
Also Read:-

Thank you for reading Top 10 Hindi short Kahani which really helps you to learn many things of life which are important for nowadays these Hindi short Kahani are very helping full for children those who are under 13. If you want more stories then you click on the below links which are also very interesting.


Post a Comment

0 Comments