Top 10 Child Story in Hindi Free Download हिंदी में 2020

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Child Story in Hindi Free Download

Top 10 Child Story in Hindi Free Download हिंदी में


लकड़हारा और बाज New Child Story in Hindi Free Download




New Child Story in Hindi Free Download

एक दिन एक लकड़हारा जंगल से गुजर रहा था। एक स्थान पर उसने देखा कि एक बाज किसी बहेलिए द्वारा बिछाए गए जाल में फँस गया है। लकड़हारे को बाज पर दया आ गई।

उसने दौड़कर बाज को जाल से आजाद कर दिया। बाज ने लकड़हारे का शुक्रिया अदा किया और वहाँ से उड़ गया। एक दिन लकड़हारा एक टीले पर बैठकर खाना खा रहा था।

अचानक कहीं से वही बाज आया और झपट्टा मारकर उसका खाना लेकर उड़ गया। फिर वह पास के पेड़ पर बैठ गया। अपना खाना बचाने के चक्कर में लकड़हारे का संतुलन बिगड़ गया था।

वह टीले से गिर पड़ा। लकड़हारे ने बाज को गौर से देखा और उसे तुरंत पहचान गया। उसे उस एहसानफरामोश बाज के ऊपर बहुत गुस्सा आया।
लेकिन बाज बोला,"श्रीमान्, आपके पीछे एक जहरीला साँप आपको डसने के लिए बैठा था। मैंने आपके खाने पर झपट्टा मारकर आपको उस स्थान से हटा दिया, ताकि वह साँप आपको न डस सके।"

लकड़हारे ने पीछे मुड़कर साँप को देखा तो उसे बाज की बात का विश्वास हुआ। उसने बाज को अपनी जिंदगी बचाने के लिए धन्यवाद दिया।

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कच्चा भोजन Latest Story in Hindi Free Download for Child


Latest Story in Hindi Free Download for Child

एक दिन एक खरगोश जंगल में कुलाँचे भर-भरकर दौड़ रहा था। अचानक उसने देखा कि एक लोमड़ी उसकी तरफ आ रही है। यह देख खरगोश घबराकर तेजी से भागने लगा।

लोमड़ी को लगा कि वह खरगोश को पकड पाने में असमर्थ रहेगी। इसलिए उसने एक योजना बनाई। वह बोली, "मेरे प्यारे दोस्त, तुम्हें मुझसे डरने की कोई जरूरत नहीं है।

मैं तुम्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचाऊँगी। मैं तो सिर्फ तुम्हारी दोस्त बनना चाहती हूँ।" खरगोश लोमड़ी के शब्दजाल में फंस गया। वे दोनों दोस्त बन गए।

फिर एक दिन लोमड़ी ने खरगोश को अपने घर भोजन पर आमंत्रित किया। खरगोश खुशी-खुशी लोमड़ी के घर गया। लोमड़ी ने उसे पीने के लिए मूली के जूस का एक कटोरा दिया।

मूली का जूस पीने के बाद खरगोश बोला, "दोस्त, तुमने भोजन में क्या बनाया है?" लोमड़ी मुस्कराते हुए बोली, "आज तो मेरे पास कच्चा भोजन है। उसे ही खाकर अपनी खूब मिटाऊँगी।" इतना कहकर लोमड़ी खरगोश पर झपटी और उसे मारकर खा गई।

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जगदीश का भोलापन Amazing Kids Story in Hindi Free Download

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जगदीश एक भोला भाला लड़का था, जो सबकी मदद किया करता था। एक दिन उसके मित्र ने उसे खाने पर बुलाया। खाना खाकर जब वह घर पहुँचा तो उसने देखा उसके माता, पिता और दोनों भाई पेट के दर्द से बेहाल थे।

उसके पिता बोले-"दवा की दुकान में जाओ और पेट के दर्द की दवा, चार लोगों के लिए एक-एक खुराक ले लो।" यह सुनकर जगदीश दुकान की तरफ तेज़ी से भागा परंतु उतनी तेज़ी से लौटा नहीं।

उसका परिवार इंतज़ार करता रहा। उसके पिताजी अब थोड़ा बेहतर महसूस कर रहे थे, इसलिए वह उसको ढूंढने निकले। अचानक, उसके पिता ने उसे सड़क के किनारे बैठे हुए देखा।

उसके पेट में भी दर्द हो रहा था। उन्होंने जगदीश से पूछा-"बेटा! क्या हुआ?" जगदीश ने जवाब दिया-"मैं दवाई की दुकान पर गया। मैंने दवाई की चार खुराक ली और खा ली।"

यह जानकर जगदीश के पिता बहुत हैरान हुए परंतु उसके भोलेपन पर हंसे बिना न रह सके।

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भोला चूहा Animals Child Story in Hindi Free Download


Animals Child Story in Hindi Free Download


एक बार एक गाँव में एक चूहे का परिवार रहता था। एक दिन सबसे छोटा चूहा खेलने के लिए बाहर निकला। अचानक उसने एक मुर्गे को देखा।

उसकी बड़ी चोंच, पंख और उसके सिर के ऊपर लाल कलगी को देखकर वह डर गया। आगे उसे एक बहुत सुंदर बिल्ली दिखी। उसे आकर्षक आँखें और नर्म बाल उसे बहुत अच्छे लगे।

घर जाकर उसने सारी बात अपनी माँ को बताई। उसकी माँ बहुत हैरान हुई। उसकी माँ ने कहा-"तुम बहुत भोले हो, कभी भी किसी के बाहरी दिखावे पर नहीं जाना चाहिए।

जिस जानवर को तुम भयानक कह रहे हो, वह एक मासूम मुर्गा था, जबकि जो तुम्हें भली लगी वह एक खतरनाक बिल्ली थी। अगर वह तुम्हें देख लेती तो खा जाती।"

छोटा चूहा अब सही और गलत समझ चुका था। उसने अपनी माँ से वादा किया कि वह कभी भी अकेले बाहर नहीं जाएगा।

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मैरी की भूल Interesting Child Story in Hindi Free Download


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जब संसार बनाया जा रहा था, तब देवताओं ने एक उत्तम रचना बनाने की सोची। इसलिए उन्होंने मैरी नाम की एक लड़की बनाई जो बुद्धिमान और कुशल थी।

पृथ्वी पर भेजने से पहले वे उसे अपने राजा बृहस्पति के पास ले गए। राजा ने उसे एक संदेश दिया और कहा-"इसे कभी मत खोलना।"

परंतु एक दिन मैरी को इतनी उत्सुकता हुई, कि उसने भूल से संदूक खोल दिया। अचानक उसने देखा, संदूक में से सारी बुराइयाँ- बुढ़ापा, बीमारियाँ, लालच आदि बाहर आने लगी थीं।

यह देखकर उसने संदूक को बंद करने की बहुत कोशिश की, परंतु वह बंद नहीं हुआ। वह सारी बुराइयाँ सारे संसार में फैल गई और तब से पूरी मानव जाति को दुख भोगना पड़ रहा है।

मैरी को अपनी भूल का बहुत दुख हुआ। भाग्य से, उस संदूक में आशा भी थी। वही आशा, मानवता की बुराइयों से हमारी रक्षा करती है।

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रानी और किसान Awesome Story in Hindi Free Download


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एक रानी ने शादी के लिए एक शर्त रखी। शर्त थी- "रानी उससे शादी करेगी, जिसकी तीन पहेलियों के उत्तर रानी न दे पाये।" कई लोग आए परंतु कोई कामयाब नहीं हुआ।

एक दिन ईशान नामक किसान ने रानी से पूछा-"मैंने एक अच्छी चीज़ में एक अच्छी चीज़ को देखा। मैंने पहली अच्छी चीज़ में से दूसरी अच्छी चीज़ को निकाल दिया।"

रानी उत्तर नहीं जानती थी। इसलिए उसने कहा कि उसकी तबियत ख़राब है, और चली गई। उसने अपनी नौकरानी को उत्तर का पता लगाने को भेजा। नौकरानी कामयाब हुई।

अगले दिन रानी ने उत्तर दिया-"तुमने घोड़े को खेत में देखा और उसे खेत से निकाला।" उसने दूसरी पहेली पूछी-"मैंने सड़क पर एक बुरी चीज़ को एक बुरी चीज़ से मार डाला।"

रानी ने फिर वही बहाना बनाया और नौकरानी से उत्तर का पता लगाया। उत्तर था-"तुमने सड़क पर सांप को पत्थर से मार डाला।" अब ईशान ने तीसरी पहेली पूछी-"तुमने मेरी दोनों पहेलियों के उत्तर कैसे दिए।"

रानी के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं थी। रानी अब अपनी शर्त हार चुकी थी। इसलिए रानी को अब ईरान से शादी करनी पड़ी।

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बच्चे और उनके दादाजी in Hindi Unique Child Story Free Download


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एक गाँव में दो चतुर बच्चे अपने माता-पिता के साथ रहते थे। एक दिन उनके दादाजी उनके साथ रहने के लिए आए। वह एक नाविक रह चुके थे। बच्चों को उनसे कहानियाँ सुनना अच्छा लगता था।

वह उन्हें बताते, कैसे वह समुद्री डाकुओं से लड़े। धीरे-धीरे दादाजी कहानियाँ सुनाकर ऊब गए। वह अपने हमउम्र लोगों से बातें करना चाहते थे। गाँव के पास 'नाविक की वापसी' नामक एक सराय थी।

बच्चों ने दादाजी को उसके बारे में बताते हुए कहा-"आपको वहाँ जाना चाहिए। वह नाविकों से भरा रहता है।" लेकिन दादाजी ने कहा-" अब मैं नए दोस्त नहीं बना सकता।"

बच्चों ने उस सराय के मालिक के बच्चों को बताया-"हमारे दादाजी एक नाविक थे। वह समुद्री डाकुओं और गड़े हुए खजाने की बहुत सी कहानियाँ जानते हैं और यह भी जानते हैं कि डाकुओं ने खज़ाना कहाँ छुपाया था।"

जल्दी ही, दादाजी को सराय से निमंत्रण आने लगे। दादाजी अब अपना समय सराय में बिताने लगे और वह अब यहाँ पर खुश थे। बच्चे भी खुश थे क्योंकि अब दादाजी हमेशा उनके साथ ही रहने वाले थे।

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नकलची कौआ Funny Child Story in Hindi Free Download


Funny Child Story in Hindi Free Download

एक बार एक जंगल में एक मूर्ख कौआ रहता था। एक दिन उसने एक चील को एक कमज़ोर मेमने पर हमला करते हुए देखा। उसके देखते-देखते,

उस चील ने मेमने को अपने ताकतवर पंजों में उठा लिया और फिर वह उसे अपने घोंसले में ले गया। कौआ उस चील से बहुत प्रभावित हुआ। कौए ने सोचा वह भी ऐसा कर सकता है।

उसने भी अपना शिकार ढूंढना शुरु किया। आकाश में उड़ते हुए उसे भी एक मेमना दिखा। वह आकाश से सीधा उस पर जा गिरा। उसने मेमने को अपने पंजों में पकड़ने की कोशिश की, परंतु वह उसके लिए बहुत भारी था।

यही नहीं, वह उसके बालों में बुरी तरह से फंस गया। चरवाहे ने उसे देख लिया और पिंजरे में बंद कर दिया। इस तरह मूर्ख कौआ चील की नकल करने के कारण खुद ही जाल में फंस गया।

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गरीब भक्त Story In Hindi With picture for Child Free Download


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एक गाँव में एक निर्धन व्यक्ति रहता था। वह इतना निर्धन था कि मुश्किल से अपने परिवार के लिए एक वक्त का खाना जुटा पाता था। लेकिन उसने कभी अपनी निर्धनता की शिकायत किसी से नहीं की।


उसके पास जो कुछ था, वह उसी में संतुष्ट था। वह देवी का बहुत बड़ा भक्त था। इसीलिए वह पूजा करने के लिए हमेशा मंदिर जाता था। मंदिर जाने के बाद ही वह अपने कार्य पर जाता था।


एक दिन देवी को अपने इस गरीब भक्त पर दया आ गई। इसलिए एक दिन सुबह-सुबह देवी ने अपनी दिव्य शक्ति से मंदिर के बाहर एक सोने के सिक्कों से भरा थैला रख दिया।


वह भक्त मंदिर आया और आँखें बंद करके मंदिर के चारों ओर देवी का ध्यान करते हुए परिक्रमा करने लगा। आँखें बंद होने के कारण वह सोने के सिक्कों से भरा थैला नहीं देख पाया और यूँ ही चला गया। यह देखकर देवी ने सोचा, 'समय से पहले और भाग्य से अधिक किसी को कुछ नहीं मिलता।'


अपनी मदद आप स्वयं करते हैं Story in Hindi For kids Free Download


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एक बार एक धनी व्यापारी व्यापार के उद्देश्य से पानी के जहाज द्वारा अपने शहर से दूसरे शहर जा रहा था। वह अपने साथ कीमती रत्न एवं सोने के सिक्कों से भरा एक संदूक भी ले जा रहा था।

रास्ते में तूफान आ गया। जहाज इधर-उधर हिलोरें लेने लगा। कुछ घंटों के बाद तूफान तो थम गया, लेकिन जहाज की तली में एक छेद हो गया। अब जहाज में पानी भरने लगा।

यह देखकर कुछ लोग जहाज में ही डूब गए और कुछ सौभाग्यशाली तैरकर किनारे पहुँच गए। यह देखकर व्यापारी ने प्रार्थना करनी शुरू की, "हे भगवान! कृपा करके मेरा जीवन बचा लो।"

एक व्यक्ति व्यापारी के पास गया और बोला, "कूदो और तैरकर समुद्र के किनारे पहुँचो। भगवान उसकी मदद करता है जो अपनी मदद स्वयं करते हैं।" लेकिन व्यापारी ने उसकी एक न सुनी।

वह जहाज में ही रहा। थोड़ी देर में जहाज डूब गया और वह व्यापारी भी जहाज के साथ डूबकर अकाल मृत्यु का ग्रास बना।

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