Top 10 Story For Moral In Hindi | हिंदी में नैतिक 10 कहानी

  Story For Moral In Hindi:-I'm sharing the top 10 stories for morals in Hindi for kids which are very valuable and teach your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that's why I'm sharing with you.

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

Top 10 In Hindi Moral Story

1. चींटी की सूझ-बूझ ( Story For Moral In Hindi )चींटी की सूझ-बूझ ( Story For Moral In Hindi )


गर्मियों के दिन थे। लोग गर्मी से बचने के लिए अपने घरों में दुबके बैठे थे। पक्षियों ने घने पेड़ों पर शरण ली हुई थी। टिड्डा भी झाड़ियों के बीच छिपा बैठा था, पर एक चींटी गर्म दोपहरी में भी अपने लिए भोजन इकट्ठा कर रही थी।

टिड्डा चींटी का मजाक उड़ाते हुए बोला, "इतनी तेज धूप में भी तुम चैन से बैठने की बजाय खाना इकट्ठा कर रही हो, जैसे कि अकाल पड़ने वाला हो।आराम से किसी ठंडी जगह पर बैठो और मौज-मस्ती करो।



" चींटी बोली, "मेरे पास मौज-मस्ती करने के लिए बिलकुल भी समय नहीं है। सर्दियाँ आने वाली हैं और मुझे ढेर सारा भोजन इकट्ठा करना है।" टिड्डे को जवाब देकर चींटी फिर अपने काम में जुट गई। गर्मियों के बाद कड़ाके की सर्दी पड़ी।

चारों ओर बर्फ ही बर्फ थी। टिड्डे को बहुत जोर की भूख लगी थी, पर उसे कहीं कुछ खाने को नहीं मिल रहा था। अंत में वह चोटी के घर गया और उससे कुछ खाने को मांगा।

चींटी बोली, "जब मैं भोजन इकट्ठा कर रही थी तब तुम मेरा मजाक उड़ा रहे थे। अब जाओ यहाँ से, तुम्हें देने को मेरे पास कुछ नहीं है।



शिक्षा: हमें वर्तमान का आनंद लेते हुए भविष्य की चिंता भी करनी चाहिए।

2. मूर्ख कौआ ( Story For Moral In Hindi )


मूर्ख कौआ ( Story For Moral In Hindi )



एक पेड़ पर एक कौआ रहता था। उसे अपने काले पंख जरा भी अच्छे नहीं लगते थे। वह जब मोरों के सुंदर पंख देखता तो उसे अपने आप से नफरत होने लगती। वह सोचता, 'काश, मैं भी इनकी तरह सुंदर होता।'

एक दिन उसे जंगल में कुछ मोरपंख बिखरे दिखाई दिए। उसने उन पंखों को उठाकर अपने पंखों के ऊपर लगा लिया। फिर वह कौओं के झुंड में पहुँचकर बोला, "तुम लोग कितने गंदे हो। मैं तो तुमसे बात भी नहीं कर सकता।"



और वह वहाँ से उड़कर मोरों के झुंड में जाकर बैठ गया। मोरों ने जब मोर पंख लगाए हुए कौए को देखा तो उसकी हँसी उड़ाते हुए बोले, "इस कौए को देखो! बेचारा मोर बनना चाहता है। इसे सबक सिखाना चाहिए।"

यह कहकर उन्होंने कौए के सारे मोरपंख नोच लिए और उसे वहाँ से भगा दिया। वहाँ से कौआ अपने पुराने मित्रों के पास गया। पर उन्होंने भी उसे वहाँ से यह कहकर भगा दिया,"जाए, हमें तुम्हारी दोस्ती की जरूरत नहीं है।"



शिक्षा : अपनी कमियों को स्वीकार कर अपने गुणों को पहचानो ।
Related:-


3. अंगूर खट्टे हैं ( Story For Moral In Hindi )


अंगूर खट्टे हैं  ( Story For Moral In Hindi )



एक भूखी लोमड़ी जंगल से होकर गुजर रही थी। रास्ते में अंगूर के लटकते हुए गुच्छों को देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी आ गया। वह बोली,"ये अंगूर अवश्य ही मीठे और रसीले होंगे।"

लोमड़ी ने अंगूर पाने के लिए कई बार ऊँची छलांग लगाई, पर अंगूर उसके हाथ नहीं आए। वह सोच रही थी कि काश! अंगूरों की वेल थोड़ी नीचे होती तो वह आसानी से अंगूर तोड़ लेती या फिर उसका कोई दोस्त ही मिल जाता तो वह उसकी मदद से अंगूर तोड़ पाती।

उसने दूर-दूर तक नजर दौड़ाई, लेकिन कहीं कोई नजर नहीं आ रहा था। हमेशा पेड़ों पर ही उछल-कूद करने वाला बंदर भी कहीं नहीं दिख रहा था।लोमड़ी ने थोड़ा आराम करके फिर छलांग लगाई।

इस बार वह पहले से ज्यादा ऊँचा कूदी थी पर फिर भी अंगूर उसके हाथ नहीं लगे। वह बुरी तरह थक चुकी थी। हारकर उसने अंगूर तोड़ने का इरादा यह कहते हुए छोड़ दिया,"अंगूर खट्टे हैं। मैं खट्टे अंगूर नहीं खाती।"



शिक्षा : लभ्य वस्तुओं का ही लालच करना ठीक है।

4. लालची चरवाहा ( In Hindi Moral Story )


लालची चरवाहा ( In Hindi Moral Story )



एक दिन एक चरवाहा अपनी बकरियों को लेकर पास के जंगल में चराने गया । अचानक तेज बारिश होने लगी और वह अपनी बकरियों को हाँककर पास की एक गुफा में ले गया।

चरवाहे ने जब देखा कि वहाँ पहले से कुछ जंगली बकरियाँ शरण लिये हुए हैं तो वह बहुत खुश हुआ। उसने सोचा, 'इन बकरियों को भी अपनी बकरियों के झुंड में मिला लूंगा।' यह सोचकर चरवाहा जंगली बकरियों की खूब देखभाल करता।



उन्हें हरे पत्ते और घास खिलाता और अपनी बकरियों पर जरा भी ध्यान नहीं देता था। इसलिए वे दिनोंदिन कमजोर होती जा रही थीं। कई दिनों के बाद बरसात रुकी और बरसात रुकते ही जंगली बकरियाँ जंगल में भाग गईं।

चरवाहे ने सोचा, 'चलो कोई बात नहीं। अपनी बकरियाँ तो हैं ही। किंतु उस वक्त उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा, जब उसने देखा कि सब बकरियाँ भूख से मरी पड़ी हैं। चरवाहा बोला,

"मेरे जैसा मूर्ख व्यक्ति दूसरा नहीं होगा जो कि जंगली बकरियों के लालच में अपनी बकरियों से भी हाथ धो बैठा।" फिर पछतावे से हाथ मलता वह अपने घर लौट गया।



शिक्षा : हमें संतोषी प्रवृत्ति अपनानी चाहिए।


5. मधुमक्खी का डंक ( Story For Moral In Hindi )


मधुमक्खी का डंक ( Story For Moral In Hindi )



एक मधुमक्खी थी। वह दिनभर बड़े परिश्रम पूर्वक एक फूल से दूसरे फूल पर जाती और उनका रस चूसती। फिर वह अपने छत्ते पर जाकर उस रस से शहद बनाती। एक दिन उसने सोचा,

'मैं दिनभर मेहनत करती हूँ और फूलों के रस से शहद बनाने के बाद हर समय डर लगा रहता है कि कहीं कोई मेरा शहद न चुरा ले।' एक दिन मधुमक्खी गुरु बृहस्पति के पास जा पहुँची। उन्हें थोड़ा-सा शहद भेंट करके वह बोली,


"गुरुवर! कोई भी आकर कड़ी मेहनत से तैयार किया गया मेरा शहद चुराकर ले जाता है। इसलिए कृपा करके आप मुझे एक डंक दे दें, ताकि मैं शहद चुराने वालों को डंक मार सकूँ।"

यह सुनकर गुरु बृहस्पति को बुरा लगा, लेकिन उन्हें मधुमक्खी को वर देना ही पड़ा।वैसे उन्होंने एक शर्त रख दी, "तुम किसी भी व्यक्ति को डंक मारकर जान से नहीं मारोगी, वरना डंक तुम्हें ही मार देगा।"

शिक्षा: दूसरों का बुरा करना पाप है।

6. बाज और सियार ( Story For Moral In Hindi )

बाज और सियार  ( Story For Moral In Hindi )

एक पेड़ की ऊँची शाखा पर एक बाज घोंसला बनाकर रहता था। उसी पेड़ के नीचे एक सियार का घर था। एक दिन जब सियार शिकार के लिए गया हुआ था,

तभी बाज पेड़ से उतरकर नीचे आया और सियार के छोटे से बच्चे को उठाकर ले गया। जब सियार लौटकर आया तो उसको अपना बच्चा दिखाई नहीं दिया।

उसने पेड़ पर बैठे हुए बाज से पूछा, "क्या तुमने मेरा बच्चा उठाकर कहीं छिपाया है। कृपा करके मेरा बच्चा मुझे लौटा दो।" सियार काफी देर तक गिड़गिड़ाता रहा,

पर जब बाज ने कोई उत्तर नहीं दिया तो सियार कहीं से जलती हुई लकड़ी ले आया। उसने चेतावनी दी, "मेरा बच्चा लौटा दो, वरना इस सूखे पेड़ को आग लगा दूंगा। तुम्हारे बच्चे भी इसी आग में जलकर मर जाएंगे।" बाज ने डरकर उसका बच्चा लौटा दिया।

शिक्षा : दूसरों से वैसा ही व्यवहार करो, जैसा कि अपने लिए चाहते हो।

7. दो पत्नियां ( Story For Moral In Hindi )

दो पत्नियां ( Story For Moral In Hindi )

एक व्यक्ति की दो पलियाँ थीं। पहली पत्नी थोड़ी बूढ़ी थी, जबकि दूसरी पत्नी अभी जवान थी। एक दिन दूसरी पत्नी को पति के सिर में कंघी फेरते हुए कुछ सफेद बाल दिखाई दिए।

उसने सोचा कि यदि लोगों ने मेरे पति के सिर में सफेद बाल देखे तो समझेंगे कि वे बूढ़े हो चले हैं। यह सोचकर उसने पति के सिर से सभी सफेद बाल निकाल दिए।

दो-चार दिन बाद जब पहली पत्नी ने पति के सिर में सारे बाल काले देखे तो उसे अच्छा नहीं लगा। वह सोचने लगी, 'इस तरह तो लोग मेरे पति को मेरा बेटा समझेंगे।'

यह सोचकर उसने पति के सिर से काले बाल निकाल दिए। यह क्रम दो हफ्तों तक चला। एक दिन अचानक पति ने शीशे में अपना चेहरा। देखा तो वह डर गया। दोनों पत्नियों की जिद्द में वह गंजा हो गया था।

शिक्षा : सबको खुश करने की चाह में इंसान अपना नुकसान ही करता है।

8. मुर्गे की बांग ( Story For Moral In Hindi )

मुर्गे की बांग ( Story For Moral In Hindi )

एक औरत ने घर के काम-काज के लिए दो नौकरानियाँ रखी हुई थीं। वह उनसे दिन भर कड़ी मेहनत कराती। उस औरत के पास एक मुर्गा था, जो हर सुबह चार बजे बांग देकर उन्हें उठा देता था।

नौकरानियों को सुबह जल्दी उठना बिल्कुल पसंद नहीं था, इसलिए उन्हें उस मुर्गे से ही नफरत हो गई थी। एक दिन एक नौकरानी दूसरी से बोली, "किसी दिन जब मालकिन कहीं गई होगी, तभी हम इस मुर्गे को खत्म कर देंगे।

उसके बाद कोई हमें सुबह जल्दी नहीं उठायेगा और हम जी भरकर सो सकेंगी।" दूसरी नौकरानी को भी उसकी । योजना पसंद आ गई। एक दिन मौका देखकर उन्होंने मुर्गे को मार दिया और आरोप किसी और पर लगा दिया।

मालकिन को उन दोनों की चाल समझ में आ गई थी। इसलिए अगले दिन उसन। उन्हें आधी रात को ही उठा दिया। जब उन्होंने कहा कि अभी 4 नहीं बजे हें तो मालकिन बोली,

"तुम काम करना शुरू करो और 4 बजे मुझे जगा देना। नौकरानियाँ पछताने लगीं कि उन्होंने बेकार में ही मुर्गे को मारा।

शिक्षा : कुटिलता से अपना ही नुकसान होता है।

9. दो मित्र ( Story For Moral In Hindi )

दो मित्र ( Story For Moral In Hindi )

एक बार दो मित्रों को किसी काम से दूसरे गाँव जाना था। मार्ग में एक मित्र ने पेड़ पर तलवार लटकती हुई देखी। उसने आगे बढ़कर वह तलवार पकड़ ली और खुशी से चिल्लाया,"मुझे कितनी बढ़िया तलवार मिली है।"

दूसरे मित्र ने उसे टोकते हुए कहा, "हम दोनों साथ सफर कर रहे हैं, इसलिए 'मुझे' मत कहो। तुम्हें कहना चाहिए कि हमें तलवार मिली है।" "अरे नहीं। तलवार को मैंने देखा है, इसलिए यह मेरी है।"

कहकर उसने तलवार बगल में दबा ली। दोनों साथ-साथ आगे बढ़ने लगे कि तभी सामने से कुछ लोगों का झुंड आता दिखाई दिया। पास आकर उन्होंने तलवार वाले मित्र को यह कहते हुए पकड़ लिया कि "यही खूनी है।

इसे छोड़ना मत। इसे पकड़कर जेल में डाल दो ।" यह सुनकर वह बोला, "लगता है, हम किसी मुसीबत में पड़ गए हैं।" दूसरा मित्र बोला, "हम नहीं सिर्फ 'तुम' मुसीबत में फंस गए हो।"

शिक्षा: हमें अपने दुःख-परेशानी ही नहीं, बल्कि खुशियाँ भी मित्रों के साथ बॉटनी चाहिए।

10. मुर्गे का घमं( Story For Moral In Hindi )

मुर्गे का घमंड ( Story For Moral In Hindi )

दो मुर्गे अन्य जानवरों के साथ एक फार्म पर रहते थे। एक मुर्गा बोला, "मैं सब जानवरों का राजा हूँ।" दूसरा मुर्गा उसकी बात काटते हुए बोला, "तुम नहीं, बल्कि मैं यहाँ का राजा हूँ।"

पहला मुर्गा थोड़ा समझदार था। इसलिए वह बोला, "हम दोनों लड़ाई की प्रतियोगिता रखते हैं जो इस लड़ाई में जीतेगा वही राजा बनेगा।"

दूसरा मुर्गा सहमत हो गया। फिर लड़ाई में पहला मुर्गा जीत गया। जीतने के बाद पहले मुर्गे ने अपने पंख फड़फड़ा के कहा, "आप सबने देखा हा होगा कि में कितनी बहादुरी से लड़ा हूँ।

मैं तो पहले से ही जानता था कि मे दुनिया का सबसे बलवान मुर्गा हूँ।" एक चील ने उड़ते उड़ते उस घमंडी मुर्गे की बात सुनी और नीचे आकर उस दबोचकर अपने घोंसले में ले गई।

 शिक्षा: घमंडी का सिर सदा नीचा होता है.
Also Read:-
Thank you for reading Top 11 Kids Story For Moral In Hindi which really helps you to learn many things of life which are important for nowadays these Story For Moral In Hindi are very helping full for children who are under 13. If you want more stories then you click on the above links which are also very interesting.

Post a Comment

0 Comments