Top 10 Stories In Hindi With Moral For Class 7 हिंदी में 2020

Stories In Hindi With Moral For Class 7:- Here I'm sharing the top 10 Stories In Hindi With Moral For Class 7 which are very valuable and teach your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that's why I'm sharing with you.

Top 10 Stories In Hindi With Moral For Class 7

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

Top 10 In Hindi Stories With Moral For Class 7

  • गधे का भाग्य
  • कुएँ के मेंढक
  • बच्चा
  • मालिक और नौकर
  • बच्चे की धमकी
  • किसान और उसके चार बेटे
  • दुष्टों का स्वभाव
  • भगवान हर्मिज तथा एक इंसान
  • डरपोक व्यक्ति
  • लोमड़ी और साँप

1. गधे का भाग्य (Stories In Hindi With Moral For Class 7)



गधे का भाग्य (Stories In Hindi With Moral For Class 7)


काफी समय पहले की बात है। एक माली के पास एक गधा था। माली गधे पर फूल लादकर शहर ले जाता था। एक दिन गधे ने सोचा, 'यह माली मुझसे बहुत मेहनत कराता है।

क्यों न मैं विधाता के पास जाकर अपने लिए किसी नए मालिक की मांग करूँ!' यह सोचकर वह विधाता के पास पहुँच गया और उनसे बोला, "माली सारा दिन मुझसे बहुत मेहनत कराता है।

मैं उसके साथ खुश नहीं हूँ। कृपा करके आप मुझे कोई और मालिक दे दीजिए।' विधाता ने उसे एक कुम्हार के पास भेज दिया। यहाँ उसकी हालत और भी खराब थी।

कुम्हार सारा दिन उस पर ढेर सारे बर्तन रखकर बेचने जाता। थोड़े दिनों बाद गधा फिर विधाता के पास गया और बोला, "मुझे कोई और मालिक दे दीजिए।"

विधाता को गधे पर बहुत गुस्सा आया। उन्होंने उसे एक कसाई के हाथ बिकवा दिया। उसे देखते ही कसाई बोला, "इस गधे की खाल से तो अच्छा चमड़ा बनेगा।" यह सुनकर गधा अपनी मूर्खता पर आँसू बहाने लगा।


शिक्षा: संतोषी व्यक्ति कभी सुखी नहीं रहता।

2. कुएँ के मेंढक (Stories In Hindi With Moral For Class 7)



कुएँ के मेंढक (Stories In Hindi With Moral For Class 7)


एक बार भीषण गर्मी पड़ी। महीनों तक वर्षा नहीं हुई। बारिश न होने से सभी नदी-नाले, तालाब आदि सूख गए। पानी में रहने वाले जीव-जन्तु पानी की तलाश में जहाँ-तहाँ मारे-मारे भटकने लगे।

पानी की खोज में बेहाल दो मेंढक एक कुएँ के पास आए। आगे चलने वाले मेंढक ने दूसरे मेंढक से हैरानी से पूछा, "देखो! यह कैसा गड्ढा है?" दूसरे मेंढक ने पास आकर देखा तो खुशी से बोला,

"अरे ! यह तो कुआँ है। देखो, इसके अंदर कितना पानी है। चलो, इसके अंदर चलते हैं।" दूसरा मेंढक थोड़ा समझदार था। वह बोला, "मित्र! पानी के लालच में जल्दबाजी न करो।

जरा सोचो कि हम लोग कुएँ में चले तो जाएंगे पर बाहर कैसे निकलेंगे। हमें हमेशा कुएँ में ही रहना पड़ेगा।" पहले मेंढक को दूसरे मेंढक की बात सही लगी। इसलिए उसने कुएँ में कूदने का विचार छोड़ दिया और दोनों वहाँ से चल पड़े।



शिक्षा : कोई भी काम करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना चाहिए।
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3. बच्चा (Stories In Hindi With Moral For Class 7)



बच्चा (Stories In Hindi With Moral For Class 7)


एक चरवाहे के पास काफी सारी बकरियाँ थीं। उसने बकरियों की रखवाली के लिए कुत्ते पाले हुए थे। उनमें एक नन्हा बकरी का बच्चा भी था। उसकी माँ उसे हमेशा अपने पास रखती।

एक दिन जब चरवाहा उन्हें चराने के लिए जंगलले गया तो नन्हा बकरी का बच्चा अपने झुंड से अलग होने की कोशिश करने लगा। उसकी माँ ने उसे समझाया, " अपने झुंड के साथ रहो। वरना भेड़िए तुम्हें अकेले पाकर खा जाएंगे।

कहीं मत जाना, मेरे साथ ही रहना।" । बच्चे ने सिर हिला दिया, लेकिन वह सबसे नजर बचाता हुआ दूर निकल गया।

एक भेड़िया उस पर नजर गड़ाए बैठा था। भेड़िया तुरंत बकरी के बच्चे को खाने के लिए आगे बढ़ा।

बकरी का बच्चा डर से कांपने लगा। वह पछता रहा था कि उसने अपनी माँ का कहना क्यों नहीं माना। बचने का उपाय सोचकर वह बोला,

"भेड़िए भाई! मैंने सुना है कि तुम बहुत अच्छा गाते हो। मेरी इच्छा है कि मरने से पहले तुम्हारा गाना सुनूँ।" भेड़िया जोर-जोर से चिल्लाने लगा।

उसकी आवाज सुनकर कुत्ते वहाँ आ गए और वह भाग खड़ा हुआ।बकरी के बच्चे की जान बच गई और उसने उस दिन से सदा अपनी माँ की बात मानने की शपथ ली।



शिक्षा: हमें हमेशा अपने से बड़ों की बात माननी चाहिए।


4. मालिक और नौकर (Stories In Hindi With Moral For Class 7)



मालिक और नौकर  (Stories In Hindi With Moral For Class 7)


एक बार एक हिरन शिकारियों से बचते-बचाते घोड़ों के अस्तबल में जाकर छिप गया। अस्तबल के नौकर ने उसे नहीं देखा। जब शिकारियों ने उससे हिरन के बारे में पूछा तो नौकर ने मना कर दिया।

शिकारी चले गए। नौकर ने अस्तबल में जाकर देखा तो उसे हिरन दिखाई नहीं दिया। वह घास के पीछे छिपा था। कुछ समय बाद मालिक आया। उसने नौकर से पूछा, "यहाँ पर सब ठीक है न?" नौकर ने हामी भर दी।



तब मालिक स्वयं अस्तबल में गया और अच्छी तरह से अस्तबल का निरीक्षण करने लगा। उसे देखकर हिरन डर के मारे काँपने लगा, जिससे घास हिलने लगी।

मालिक ने उसे देख लिया और नौकर को बुलाकर पूछा, “क्या यहाँ कोई आया था?" "हाँ मालिक ! एक हिरन को ढूँढते हुए शिकारी आए थे।" नौकर ने बताया। "वहाँ देखो।" मालिक ने इशारा किया।

अस्तबल में घास के पीछे छिपे हिरन को देखकर नौकर हैरान रह गया कि वह कब आया। हिरन ने आव देखा न ताव और वहाँ से तेजी से भाग निकला।



शिक्षा: हमें हर काम पूरी सावधानी व लगन के साथ करना चाहिए।
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5. बच्चे की धमकी (Stories In Hindi With Moral For Class 7)



बच्चे की धमकी (Stories In Hindi With Moral For Class 7)


एक किसान ने अपने फार्म हाउस में बकरियाँ, मुर्गियाँ, गाएँ आदि पाली हुई थीं। सभी के लिए वहाँ पर अलग-अलग जगह थी। एक दिन किसान गलती से एक बकरी के बच्चे को बाड़े में बंद करना भूल गया।


किसान उस दिन घर पर नहीं था। किसान की अनुपस्थिति में बकरी का बच्चा आजादी का पूरा मजा लेने लगा। वह फार्म हाउस की छत पर जा चढ़ा और खूब धमा-चौकड़ी मचाने लगा।


तभी उसने देखा कि एक भेड़िया उधर ही चला आ रहा है। वह चिल्लाकर बोला, "दुष्ट भेड़िए! तुम्हारी यहाँ आने की हिम्मत कैसे हुई?


तुम्हारी भलाई इसी में है कि तुम यहाँ से चले जाओ। हमारे फार्म हाउस की तरफ फिर कभी नजर उठाकर भी मत देखना।" यह सुनकर भेड़िया बोला,


"वाह! अभी तो बड़े बहादुर बन रहे हो। यह बहादुरी तुम छत पर खड़े होकर दिखा रहे हो? हिम्मत है तो सामने आओ।" बकरी का बच्चा चुप हो गया।

शिक्षा : अनुकूल परिस्थितियां निर्बल में भी ताकत भर देते हैं।
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6. किसान और उसके चार बेटे (Stories In Hindi With Moral For Class 7)


किसान और उसके चार बेटे (Stories In Hindi With Moral For Class 7)

एक किसान था। उसके चार बेटे थे। वे चारों हर समय आपस में लड़ते रहते थे। किसान उनके इस व्यवहार से बड़ा दुखी था। एक दिन उसने उन्हें समझाने का एक उपाय सोचा।

उसने चारों को अपने कमरे में बुलाया और उन्हें एक-एक लकड़ी की छड़ तोड़ने को दी। चारों ने झट से तोड़ दी। फिर किसान ने उन्हें एक-एक कर लकड़ी का गट्ठर तोड़ने के लिए दिया।

चारों ने उसे तोड़ने की बहुत कोशिश की, लेकिन नहीं तोड़ पाए। तब किसान उन्हें समझाते हुए बोला, "देखा तुमने? तुमने एक-एक लकड़ी कितनी आसानी से तोड़ दी, जबकि लकड़ी के गट्ठर को हिला भी नहीं पाए।

इसी तरह यदि तुम चारों एक साथ रहोगे तो कोई तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा। लेकिन यदि तुम आपस में ही लड़ते रहोगे तो कोई भी बाहर वाला तुम्हें आसानी से हरा सकता है।" किसान के बेटे समझ गए कि एकता में ही शक्ति है।

शिक्षा: हमें मिल-जुलकर रहना चाहिए।

7. दुष्टों का स्वभाव (Stories In Hindi With Moral For Class 7)


दुष्टों का स्वभाव (Stories In Hindi With Moral For Class 7)

सर्दियों की बात है। खूब कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। ठंड से बचने के लिए जीव-जंतु सूरज के छिपते ही अपने-अपने घरों में आश्रय ले लेते थे। एक दिन एक लकड़हारा शाम को अपने घर लौट रहा था।

रास्ते में उसे एक साँप बेहोशी की हालत में मिला। वह ठंड के कारण बेहोश हो गया था। लकड़हारे को साँप पर दया आ गई। उसने साँप को उठा लिया और अपनी कमीज के अंदर रख लिया।

फिर वह अपने घर की ओर चल पड़ा। कुछ देर बाद बदन की गर्मी पाकर जब साँप की ठंड दूर हुई तो वह होश में आया। उसने जब स्वयं को कमीज के अंदर पाया तो उसे लगा कि कोई शत्र उसे मारने के लिए ले जा रहा है।

अतः होश में आते ही उसने लकड़हारे को डस लिया। लकड़हारे की तुरंत मौत हो गई। बेचारे लकड़हारे को बेवजह अपनी जान गंवानी पड़ी।

शिक्षा : दुष्ट कभी भी अपनी दुष्टता नहीं छोड़ते। हमें उनसे सावधान रहना चाहिए।

8. भगवान हर्मिज तथा एक इंसान (In Hindi Stories With Moral For Class 7)


भगवान हर्मिज तथा एक इंसान (In Hindi Stories With Moral For Class 7)

एक आदमी समुद्र तट पर खड़े होकर प्रकृति की सुंदरता को निहार रहा था। समुद्र, उसमें चल रहे पोत, पहाड़ और ठंडी हवाएँ उसके मन में खुशियाँ भर रही थीं।

अचानक उसे दिखाई दिया कि सवारियों से भरा एक पोत समुद्र में डूब गया। उस आदमी को बेहद दुख हुआ। उसने मन-ही-मन कहा कि भगवान का बर्ताव अन्यायपूर्ण है,

क्योंकि उन्होंने किसी एक अपराधी को सजा देने के लिए इतने सारे निर्दोष लोगों को मार दिया है। जिस स्थान पर वह खड़ा था वहाँ चीटियाँ भरी हुई थीं। जब वह भगवान को कोस रहा था तब एक चींटी ने उसे काट लिया।

उसे मारने के लिए वह आगे बढ़ा तो उसके पैर बहुत सारी चींटियों पर पड़ गए जिससे वे सभी कुचलकर मर गईं। तभी भगवान हर्मिज प्रकट हुए और बोले,

"मुझे आशा है कि अब तुम समझ चुके हो कि भगवान इंसानों को ठीक उसी तरह से आँकता है जिस तरह से तुमने चींटियों को आँका है।"

शिक्षाः दूसरों को दोष मत दीजिए, बल्कि अपनी कमियों पर ध्यान दीजिए।

9. डरपोक व्यक्ति In Hindi Stories For Class 7 With Moral


डरपोक व्यक्ति In Hindi Stories For Class 7 With Moral

एक बार एक राजा ने पड़ोसी राजा से युद्ध की घोषणा कर दी। वह युद्ध के लिए अपनी सेना को सशक्त बनाना चाहता था। इसलिए उसने युवकों से सेना में भर्ती होने को कहा। गाँव,

नगर, शहर से युवा सेना में भर्ती होने के लिए आने लगे। एक गाँव में एक डरपोक व्यक्ति रहता था। राजा के आह्वान पर वह भी सेना में भर्ती होने चल दिया।

वह रास्ते में इसी उधेड़बुन में था कि सेना में भर्ती हो या लौट जाए। तभी उसे कौओं का शोर सुनाई दिया। वह डर के मारे रुक गया और इधर-उधर देखने लगा। उसने देखा कि एक पेड़ पर बहुत सारे कौए बैठे हुए हैं।

वह डर के मारे चिल्लाकर बोला,"अरे दुष्टों! चुप करो। तुम मुझे मारकर खाना चाहते हो। पर मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।" कौए और जोर-जोर से काँव-काँव करने लगे। कौओं का बढ़ता शोर सुनकर वह डरपोक व्यक्ति उल्टे पाँव लौट गया।

शिक्षा: हमें अपने डर पर विजय प्राप्त करनी चाहिए न की उससे डर कर भागना चाहिए।

10. लोमड़ी और साँप For Class 7 Stories In Hindi With Moral Stories


लोमड़ी और साँप For Class 7 Stories In Hindi With Moral Stories

एक दिन एक लोमड़ी जंगल में घूम रही थी। घूमते-घूमते उसे एक पेड़ के नीचे एक सांप लेटा हुआ मिला। साँप अपना पूरा शरीर लंबा करके लेटा हुआ था। यह एक लंबा साँप था। लोमड़ी वहीं रुक गई और उसे ध्यान से देखा।

फिर वह सोचने लगी, 'इसका शरीर कितना लंबा है। क्यों न मैं भी अपने शरीर को खींचकर साँप जितना लंबा कर लूँ!' यह सोचकर लोमड़ी झटपट से साँप की बगल में लेट गई और अपने शरीर को खींचकर लंबा करने लगी।

उसने अपने शरीर को पूरी ताकत से खींचा। साँप ने उसे देखा तो बोला, "अरे! यह तुम क्या कर रही हो? शरीर को इस प्रकार खींचने से तुम्हें नुकसान होगा।"

"चुप करो! तुम्हें जलन हो रही है कि कहीं मैं भी तुम्हारी जितनी लंबी हो गई तो तुम्हें कौन पूछेगा!" कहकर लोमड़ी ने अपना शरीर इतना खींचा कि उसका पेट ही फट गया और तत्काल उसकी मौत हो गई।

शिक्षा: हमें अनावश्यक रूप से दूसरों की नकल नहीं करनी चाहिए।
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