New 20+ Short Moral Story In Hindi For Class 1 नैतिक कहानी

Short Moral Story In Hindi For Class 1:- Hello guys here I'm sharing top 20 short moral stories in Hindi for class 1 नैतिक कहानी हिंदी में कक्षा 1 के लिए which helps you to understand the society which is very important for today's society if you like this then share these top stories to your children.  

Short Moral Story In Hindi For Class 1


New 20+  Short Moral Story In Hindi For Class 1

  • बंदर के पूर्वज
  • लोमड़ी और लकड़हारा
  • मुखिया की सलाह
  • न्याय-अन्याय
  • पूँछकटी लोमड़ी
  • भगवान की दूत
  • धनी व्यापारी
  • सही समय
  • किसान और उसके आलसी बेटे
  • कौआ और चील
  • झूठी शपथ
  • अंधे व्यक्ति की सूझ-बूझ
  •  झूठा आदमी 
  • बिल्ली की मूर्खता
  • डरपोक शिकारी
  • छोटू की सीख
  • उपदेशक और आलोचक
  • शेर की गुफा में हिरण
  • घोड़े की जीत 
  • शेर और व्हेल की मित्रता



बंदर के पूर्वज Amazing Short Moral Story in Hindi for class 1


Amazing short moral story in Hindi for class 1


एक बंदर और लोमड़ी में अच्छी दोस्ती थी। वे दोनों अपना अधिकतर समय एक-दूसरे के साथ बिताते थे।


वे साथ-साथ खाना तलाशते, खेलते, घूमते और खूब सारी बातें करते।


एक दिन वे दोनों घूमते-घूमते कब्रिस्तान जा पहुँचे। बंदर वहाँ पर रुक गया तो लोमड़ी ने पूछा,


"दोस्त! तुम रुक क्यों गए?" बंदर बोला, "दोस्त ! मुझे रोना आ रहा है।


न जाने इन कब्रों के नीचे दफनाए गए कितने ही आदमियों ने मेरे पूर्वजों की सेवा की थी।"


लोमड़ी ने तुरंत कहा, "अच्छा ! वैसे भी तुम मुझे इन कब्रों के बारे में कोई भी कहानी सुनाओगे तो मुझे मानना ही पड़ेगा।


अब बेचारे मरे हुए लोग तो उठकर सच्चाई नहीं बताने वाले हैं । हैं न!" यह सुनकर बंदर चुप रह गया।


शिक्षा: हाजिरजवाबी एक अच्छा गुण है।


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लोमड़ी और लकड़हारा Latest Short Moral Story in Hindi for Class 1

Latest Short Moral Story in Hindi for Class 1

एक बार एक लोमड़ी शिकारी से बचते-बचाते एक लकड़हारे के पास जा पहुँची। उसने लकड़हारे से विनती की,

"कृपा करके मुझे शिकारी से बचा लो। मैं तुम्हारी एहसानमंद रहूंगी।"

लकड़हारे ने लोमड़ी से अपनी झोपड़ी में छिप जाने को कहा। कुछ देर बाद शिकारी वहाँ आया और उसने लकड़हारे से लोमड़ी के बारे में पूछा तो लकड़हारे ने मुँह से तो 'न' कह दिया,


लेकिन उंगली से अपनी झोंपड़ी की तरफ इशारा कर दिया। शिकारी की समझ में कुछ नहीं आया और वह वहाँ से चला गया।


शिकारी के जाने के बाद लोमड़ी झोंपड़ी से बाहर आई और जाने लगी तो लकड़हारा बोला,


"मैंने तुम्हारी जान बचाई। कम से कम शुक्रिया तो अदा करती जाओ।" अच्छा! तुम तो विश्वासघाती हो।


मैंने तुम्हें झोंपड़ी की तरफ इशारा करते हुए देख लिया था। तुम जैसे व्यक्ति को धन्यवाद क्यों कहूँ?" यह कहकर लोमड़ी वहाँ से चली गई।


शिक्षा : हमें कभी भी दूसरों का विश्वास नहीं तोड़ना चाहिए।


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मुखिया की सलाह Kids Short Moral Stories for Class 1 in Hindi


Kids Short Moral Stories for Class 1 in Hindi


उन्होंने तुरंत जाल खींचा। जाल में मछली नहीं, बल्कि पत्थर और कूड़ा-करकट फँसा था।


यह देखकर मछुआरे निराश हो गए। उन्हें निराश देखकर उनका मुखिया बोला, "इस तरह निराश मत हो।


थोडा हिम्मत व धैर्य रखो। देखना, हम लोग मछली पकड़ने में जरूर सफल होंगे। तुम लोग जाल को भारी जानकर अति उत्साहित हो गए थे।


हमें हमेशा सफलता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। लेकिन जब तक सफलता न मिल जाए, तब तक प्रयास करते रहना चाहिए।"


मुखिया की बातें सुनकर मछुआरों की हिम्मत बंधी और वे फिर से जाल फेंकने के लिए तैयार हो गए।


शिक्षा : हमें असफलता से निराश नहीं होना चाहिए।


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न्याय-अन्याय In Hindi Short Story For Class 1


In Hindi Short Story For Class 1

उस समय की बात है, जब ईश्वर ने सृष्टि का निर्माण किया था। मानव ने शक्तिशाली जानवरों और उड़ते पक्षियों को देखकर सोचा कि भगवान ने उसके साथ अन्याय किया है।

एक दिन वह भगवान से बोला, "हे भगवान! तुमने किसी जीव को शक्ति दी है, किसी को गति तो किसी को पंख|


लेकिन मुझे ऐसी कोई शक्ति नहीं दी। आपने मेरे साथ अन्याय किया है।


मुझे भी ऐसा ही कोई अच्छा तोहफा दीजिए।" भगवान ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैंने सबसे अच्छा तोहफा तुम्हें ही तो दिया है।

वह है, 'बोलने की शक्ति'।


इसी के कारण तुम अपनी इच्छा और नाखुशी मुझे बता पा रहे हो, जबकि बाकी जीव अपनी बात मुझ तक नहीं पहुँचा सकते।


तुम्हें अपनी शक्ति को पहचानना चाहिए।" भगवान की बातों से आश्वस्त होकर मानव ने उन्हें अनमोल तोहफा देने के लिए धन्यवाद दिया और लौट आया।


शिक्षा: हमें अपनी विशेषताओं का आकलन करना आना चाहिए।


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पूँछकटी लोमड़ी Animals Short Moral Story in Hindi for Class 1


Animals Short Moral Story in Hindi for Class 1


एक बार एक लोमड़ी जंगल में खाने की तलाश में भटक रही थी। दुर्भाग्यवश वह शिकारियों द्वारा बिछाए गए जाल में फंस गई।


खुद को जाल से छुड़ाने के चक्कर में उसकी पूँछ जाल में फँसकर कट गई।


लोमड़ी दर्द के मारे कराहने लगी। दर्द से ज्यादा उसे पूँछ कटने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही थी।


उसने तुरंत एक योजना बनाई। अगले दिन उसने सभी लड़कियों की एक सभा बुलाकर कहा,


"दोस्तों! जैसा कि तुम देख रहे हो कि मेरी पूँछ कटने से छोटी और सुंदर हो गई है तो मेरी सलाह है कि तुम लोग भी अपनी पूँछ कटवा लो। लंबी पूँछ से बेवजह वजन बढ़ता है और यह भद्दी भी लगती है।"


एक लोमड़ी बोली, “तुम बड़ी चालाक हो। तुम्हारी पूँछ कट गई तो तुम हमारी पूँछ भी कटवाना चाहती हो।


तुम सिर्फ अपना भला सोच रही हो, न कि हमारा। अपनी सलाह अपने पास रखो।" यह सुनकर पूँछकटी लोमड़ी चुपचाप वहाँ से चली गई।


शिक्षा : हमें अपने स्वार्थ के लिए दूसरों का बुरा नहीं सोचना चाहिए।


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भगवान की दूत God Short Moral Story in Hindi for Class 1


God Short Moral Story in Hindi for Class 1


एक दिन लड़कियों का एक दल पानी पीने के लिए नदी किनारे पहुँचा। नदी उस समय अपने पूरे उफान पर थी।


उन्हें पानी पीने के लिए आगे बढ़ने में डर लग रहा था। तब उनमें से एक लोमड़ी शेखी बघारते हुए बोली,


"कायरों! मुझे तुम्हें अपना साथी कहते हुए शर्म आती है। मैं तुम्हें दिखाती हूँ कि मैं कितनी निडर व साहसी हूँ।"


यह कहकर वह लोमड़ी छपाक से नदी में कूद गई। जल्दी ही वह नदी के बहाव के साथ बहने लगी।


यह देखकर नदी किनारे खड़ी हुईं लोमड़ियों ने मजाक करते हुए पूछा, "अरे! तुम कहाँ जा रही हो? क्या तुम हमें पानी पीकर नहीं दिखाओगी?"


"अभी नहीं, साथियो! मैं भगवान की भेजी हुई दूत हूँ। बस उसी से मिलने जा रही हूँ।"लोमड़ी बमुश्किल कह सकी।


देखते ही देखते वह दूर बह गई।


शिक्षा : कभी-कभी हमारा बड़बोलापन हमारे लिए घातक साबित होता है। इसलिए हमें शेखी नहीं बघारनी चाहिए।


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धनी व्यापारी Rich Short Moral Story in Hindi for Class 1


Rich Short Moral Story in Hindi for Class 1


एक बार एक धनी व्यापारी जहाज द्वारा यात्रा कर रहा था। जहाज पर और भी यात्री सवार थे।


रास्ते में समुद्र में तूफान आ गया, जिससे जहाज डूबने लगा। समुद्र में सवार यात्री एक-एक करके समुद्र में कूद गए,


ताकि वे तैरकर समुद्र के किनारे तक पहुँच सके। लेकिन धनी व्यापारी नहीं कूदा। उसे लोगों ने समुद्र में कूदने को कहा तो वह


कूदने की बजाए जोर से चिल्लाकर बोला, "हे भगवान! मुझे बचा लो। मैं अभी मरना नहीं चाहता।


यदि मैं बच गया तो मैं आपको सौ बैलों की बलि के साथ कीमती रत्न भेंट करूंगा। आप बस मेरी रक्षा कीजिए।"


व्यापारी की बात सुनकर एक यात्री बोला, " भगवान तुम्हारी जरूर सुनेंगे, लेकिन तभी,


जब तुम समुद्र में कूदकर तैरने की कोशिश कर स्वयं को बचाओगे। भगवान उन्हीं की मदद करते हैं जो स्वयं अपनी मदद करते हैं। इसलिए कोरी बातें मत बनाओ और तैरकर समुद्र पार करो ।"


शिक्षा : हमें कर्म करना चाहिए और फल की चिंता छोड़ देनी चाहिए।


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सही समय Interesting Short Story in Hindi for Class 1 with Moral


Interesting Short Story in Hindi for Class 1 with Moral


एक बार एक पिंजरे में बंद बुलबुल रात के समय गा रही थी, उसका पिंजरा खिड़की के पास लटक रहा था।


उसका गाना सुनकर एक चमगादड़ वहाँ आया और उसने पूछा, "प्रिय बुलबुल!


तुम बहुत मीठा गाती हो। तुम्हारा गाना सुनकर मन आनंदित हो गया है। लेकिन तुम दिन के बजाए रात में क्यों गा रही हो?


बाकी सब बुलबुलें तो दिन में गाती हैं।" "मैं भी पहले दिन के समय गाती थी।


लेकिन मेरे गाने के कारण मैं पिंजरे में कैद कर ली गई। इसलिए अब मैं सावधानी बरतते हुए रात के समय गाती हूँ,


ताकि फिर कोई मुझे कैद न कर सके।"

"तुम कितनी बेवकूफ हो! अरे ! अब तो तुम कैद कर ली गई हो। अब सावधान। होने से क्या फायदा!"


यह कहकर चमगादड़ वहाँ से उड़ गया।


शिक्षा : हर काम सही समय पर करना चाहिए, तभी उसकी महत्ता होती है।


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किसान और उसके आलसी बेटे Sons Short Moral Story in Hindi for Class 1


Sons Short Moral Story in Hindi for Class 1


एक गाँव में एक किसान रहता था। उसके दो बेटे थे और दोनों पहले दर्जे के आलसी थे। किसान दिन भर खेतों में मेहनत करता और दोनों बेटों का भरण पोषण करता। एक दिन किसान बीमार पड़ गया।


हर तरह के इलाज के बाद भी उसकी बीमारी ठीक होने का नाम नहीं ले रही थी। वह समझ गया था कि अब वह ज्यादा दिन तक जीवित नहीं रहेगा। उसे अपने दोनों बेटों की चिंता थी कि उसके मरने के बाद उनका क्या होगा।


एक दिन लेटे-लेटे उसे एक तरकीब सूझी। उसने दोनों बेटों को बुलाकर कहा, "मैंने अंगूरों के बाग में बहुत नीचे तुम्हारे लिए खजाना दबाया हुआ है। मेरे मरने के बाद उसे खोदकर निकाल लेना।"


किसान के मरने के बाद किसान के बेटे अंगूरों के बाग में गए। उन्होंने मिलकर पूरा खेत खोद डाला पर कुछ हाथ न लगा। वे अपने पिता को कोसने लगे।


कुछ दिनों बाद बरसात हुई और उनकी अंगूरों की बेलें लहलहाने लगी। बेलें अंगूरों से लद गई थीं। अंगूर पकने पर उन्होंने उन्हें महंगे भाव से बेचा और अमीर बन गए।अब उन्हें समझ आया कि उनके पिता ने इसी खजाने के बारे में कहा था।


शिक्षा: परिश्रम से ही सफलता मिलती है।


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कौआ और चील Birds Short Moral Story in Hindi for Class 1

Birds Short Moral Story in  Hindi for Class 1


एक दिन एक मादा भेड़ अपने मेमने के साथ खेत में चर रही थी। अचानक एक चील मेमने पर झपटी और उसे अपने मजबूत पंजों में पकड़कर ले उड़ी। समीप ही एक पेड़ पर बैठा कौआ यह दृश्य देख रहा था।


उसने सोचा कि जब चील मेमने को उठाकर ले जा सकती है तो मैं क्यों नहीं? मैं तो उससे ज्यादा चालाक हूँ और मेरे पंजे भी उसकी तरह ही मजबूत हैं।


यह विचार आते ही वह तेजी से भेड़ पर झपटा और उसे पंजों से उठाने की कोशिश करने लगा। उसके पंजे भेड़ के शरीर पर उगी ऊन में फँस गए। वह निकालने की जितनी कोशिश करता, पंजे और ज्यादा उलझ जाते।


एक राहगीर ने जब भेड़ की ऊन में फंसे कौए को देखा तो सोचने लगा,'इस कौए को छुड़ाकर पिंजरे में डालकर अपने घर ले जाऊंगा।


इसे देखकर मेरे बच्चे खुश होंगे।' उसने ऐसा ही किया। अब पिंजरे में बंद होकर कौआ अपनी मूर्खता पर आँसू बहाने लगा।


शिक्षा : अपनी क्षमताओं का आकलन करके ही कोई काम करें।


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झूठी शपथ Short Moral Story In Hindi For Class 1


झूठी शपथ  Short Moral Story In Hindi For Class 1


एक दिन शाम को एक चरवाहा अपने पशुओं को घर वापस ले जाने के लिए इकट्ठा कर रहा था।


उसने जब पशुओं की गिनती की तो एक बैल कम निकला। उसने आसपास उसे काफी ढूँढा मगर वह नहीं मिला।


हारकर उसने भगवान से प्रार्थना की, "हे भगवान् ! यदि मेरा बैल और उसे चुराने वाला मिल गया तो मैं एक बछड़े की बलि दूंगा। मैं यह बात शपथ लेकर कहता हूँ। बस, मेरा बैल मिल जाए।"


फिर चरवाहा अपने पशुओं को लेकर आगे बढ़ गया। थोड़ी दूर जाने पर ही उसे अपना बैल मिल गया।


उसके बैल को चुराने वाला कोई और नहीं, बल्कि एक शेर था।


शेर को अपने सामने देखकर डरपोक चरवाहा थर-थर काँपने लगा और उसने शपथ ली, "हे भगवान! यदि आप मुझे इस शेर के पंजों से बचा लेंगे तो मैं एक बैल की बलि दूंगा।"


इस तरह उस चरवाहे ने सिद्ध कर दिया कि वह झूठा है और झूठी शपथ लेता है।


शिक्षा: व्यक्ति को अपनी बात से नहीं पलटना चाहिए।


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अंधे व्यक्ति की सूझ-बूझ Short Moral Story In Hindi For Class 1



अंधे व्यक्ति की सूझ-बूझ Short moral story in hindi for class 1

एक नगर में एक अंधा व्यक्ति रहता था। वह स्पर्श मात्र से ही किसी भी चीज को पहचान लेता था। उसका एक बेटा था।


एक दिन उसका बेटा जंगल से एक भेड़िए का एक बच्चा पकड़ लाया और उसे अपने पिता की गोद में डालते हुए बोला,


"पिताजी! बताइए, यह क्या है? " अंधे ने भेड़िए के बच्चे के शरीर पर हाथ फेरा और बोला, "मुझे पूरी तरह तो नहीं मालूम,


पर फिर भी कह सकता हूँ कि यह जानवर लोमड़ी या उसी की प्रजाति का है।


साथ ही, यह बात तो मैं दावे से कह सकता हूँ कि यह भेड़ से अलग है।"


इस तरह उस अंधे व्यक्ति ने अपनी बुद्धिमानी से बिना देखे ही दिए गए जानवर को पहचान लिया और सिद्ध कर दिया कि आँखों के न होने पर भी व्यक्ति को सामान्य काम करने में बाधाएँ नहीं आती।


शिक्षा: सूझ-बूझ व समझदारी से हर काम किया जा सकता है।


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 झूठा आदमी Short Moral Story In Hindi For Class 1


झूठा आदमी Short Moral Story In Hindi For Class 1


एक बार एक व्यक्ति बहुत बीमार पड़ गया। उसके बचने की कोई आशा नहीं थी। लेकिन मरते-मरते भी उस आदमी ने भगवान से प्रार्थना की,


"हे भगवान! यदि आप मुझे थोड़ी उम्र और दे दें तो मैं आपको सौ बैलों की बलि चढ़ाऊंगा।" भगवान ने उसकी प्रार्थना सुन ली और उसे स्वस्थ कर दिया।


परंतु स्वस्थ होने पर उस आदमी की नीयत बदल गई और उसने सौ बैलों की मिट्टी की मूर्तियाँ बनाईं और उन्हें हवनकुंड में डाल कर बोला, "है भगवान!


मैं तुम्हें अपनी शपथ के अनुसार सौ बैलों की बलि दे रहा हूं। कृपया इसे स्वीकार करें।%" उस व्यक्ति की बेईमानी पर भगवान बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने उसे स्वप्न में आकर कहा,"बेटा!


समुद्र तट पर कल तुम्हें सोने की सौ मोहरें मिलेंगी।" वह व्यक्ति लालची तो था ही, इसलिए रात में ही समुद्र की ओर चल पड़ा।


वहाँ पहुँचने पर समुद्री डाकुओं ने उस पर जमकर कोड़े बरसाए और दास बनाकर अपने साथ ले गए।


शिक्षा: झूठ बोलना पाप है।


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बिल्ली की मूर्खता Short Moral Story In Hindi For Class 1


बिल्ली की मूर्खता short moral story in hindi for class 1


एक घर में एक बिल्ली रहती थी। उसका नाम नैन्सी था। नैन्सी घर में रहकर ही चूहों का शिकार करती और सोती रहती।


एक दिन वह घर पर बोर हो रही थी तो उसके मन में विचार आया कि किसी दूसरे घर में घूमकर आया जाए।


यह विचार आते ही वह घर से निकल पड़ी और अपने घर से थोड़ी ही दूरी पर रहने वाले लोहार के घर में घुस गई।


उसने लोहार का सारा घर छान मारा, पर उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला।


फिर वह लोहार के कमरे में जाकर चीजें उलटने-पलटने लगी। उसने औजारों का एक बक्सा खोल लिया।


उसमें उसे एक चाकू दिखाई दिया। चाकू निकालकर उसे जीभ से चाटने लगी।


इससे उसकी जीभ एक-दो जगह से कट गई और उसने सोचा कि इससे कोई पीने वाली चीज निकली है।


वह दोबारा चाकू को चाटने लगी जिससे उसकी जीभ कटकर नीचे गिर गई।


शिक्षा : बिना जाने किसी चीज का प्रयोग नहीं करना चाहिए।


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डरपोक शिकारी Short Moral Story In Hindi For Class 1


डरपोक शिकारी`short moral story in hindi for class 1


एक दिन जंगल में एक लकड़हारा लकड़ियाँ काट रहा था कि तभी वहाँ पर एक शिकारी हाँफता हुआ आया।


उसने लकड़हारे से पूछा, "महाशय! क्या आपने शेर के पैरों के निशान देखे हैं?


क्या आप मुझे शेर की गुफा दिखा सकते हैं?" लकड़हारे ने सोचा, लगता है कि यह शिकारी काफी बहादुर है,


इसीलिए शेर का पीछा कर रहा है। मुझे इसकी मदद अवश्य करनी चाहिए।" यह सोचकर वह शिकारी से बोला, "मेरे साथ चलिए।


मैं आपको शेर की गुफा तक ले चलता हूँ।" यह सुनते ही शिकारी डर के मारे काँपने लगा। फिर थोड़ा साहस करके बोला, "बस ठीक है। मुझे सिर्फ शेर के पैरों के निशान देखने थे।


उसकी गुफा में जाकर मैं क्या करूंगा?' उसकी बात सुनकर लकड़हारा सोचने लगा कि यह शिकारी उन लोगों में से है जो बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं पर काम कुछ नहीं करते।


शिक्षा: व्यक्ति को बातें ही नहीं, बल्कि काम भी बड़े करने चाहिए।


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छोटू की सीख For Class 1 Short Moral Story In Hindi


छोटू की सीख short moral storyin hindi for class 1


किसी समय एक समुद्र में डॉल्फिन, व्हेल और कुछ छोटी मछलियाँ साथ-साथ रहती थीं।


एक बार उनमें किसी बात पर मन-मुटाव हो गया। डॉल्फिन और व्हेल में भयंकर लड़ाई होने लगी।


समुद्र के छोटे जीव-जंतु इस अशांत माहौल से काफी डर गए थे। एक नन्ही मछली ने सोचा कि वह दोनों मछलियों को समझाने का प्रयास करेगी कि इस तरह लड़ाई-झगड़े का क्या फायदा; दोनों मिल-जुलकर रहो।


एक दिन डॉल्फिन और व्हेल मछली लड़ने के लिए आमने-सामने खड़ी थीं कि वह नन्ही मछली वहाँ पहुँच गई।


वह दोनों को संबोधित करके बोली, "बहनो! मुझे बताओ कि तुम दोनों क्यों लड़ रही हो?


मैं तुम्हारा झगड़ा सुलझाती हूँ।" यह सुनकर दोनों बड़ी मछलियाँ उसका मजाक उड़ाते हुए बोली,


"तुम्हारे जैसी छोटी मछली से सलाह लेने से तो अच्छा है कि हम दोनों मछलियाँ लड़ते-लड़ते ही मर जाएँ।"


शिक्षा: किसी के झगड़े में नहीं पड़ना चाहिए।


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उपदेशक और आलोचक New Short Moral Story In Hindi For Class 1


उपदेशक और आलोचक short moral story in hindi for class 1


एक दिन एक महात्मा किसी सभा में उपदेश दे रहे थे। उनके उपदेश सुनने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा थी। इस सभा में सभी लोग शांतिपूर्वक बैठकर उसे सुन रहे थे


परंतु उनके बीच बैठा एक आदमी बार-बार बीच में उन्हें टोक रहा था। पहले तो उन्होंने उसे शांत करने की कोशिश की लेकिन जब वह व्यर्थ के तर्क देने से बाज नहीं आया और उनका अपमान करने लगा तो उन्होंने उसे फटकारना जरूरी समझा।


वह बोले, "तुम्हें इस तरह मेरी बात काटकर मेरा अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि तुम्हें मेरी बात नहीं सुननी तो यहाँ से चले जाओ। कम से कम बीच में विघ्न तो मत डालो।


तुम्हारे बार-बार बीच में टोकने से मुझे ही नहीं बल्कि औरों को भी परेशानी हो रही है। आखिर तुम यहाँ आए ही क्यों थे? जाओ,


अब यहाँ से चले जाओ और कारण विघ्न पैदा न करो।" वह व्यक्ति चुपचाप वहाँ से उठकर चला गया।।


शिक्षा: अज्ञात व्यक्ति को ज्ञान की बात नहीं सुनती।


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शेर की गुफा में हिरण Latest Short Moral Story In Hindi For Class 1


शेर की गुफा में हिरण short moral story in hindi for class 1


एक दिन जंगल में एक हिरण खाने की तलाश में घूम रहा था। तभी वहाँ पर शिकार करने आए कुछ शिकारियों की नजर उस पर पड़ गई। शिकारियों से बचता हुआ वह इधर-उधर छिपने की जगह ढूँढने लगा।


भागते-भागते उसे एक बड़ी-सी गुफा दिखाई दी और वह बिना सोचे-समझे उसमें घुस गया। यह गुफा शेर की थी। उस समय शेर कहीं गया हुआ था। बहरहाल,


वहाँ आकर हिरण की जान में जान आई कि अब शिकारी उसे पकड़ नहीं पाएंगे। लेकिन वह बैठकर अभी चैन की साँस भी नहीं ले पाया था कि शेर गुफा में लौट आया।


हिरण को अपनी गुफा में देखकर शेर की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने झपटकर हिरण को पकड़ लिया और उसका काम तमाम कर दिया।


शेर ने हिरण को खाकर मजे से अपना पेट भरा। बेचारा हिरण परेशानी में पड़कर अच्छा-बुरा न समझ सका और अपनी जान गँवा बैठा।


शिक्षा: हमें मुसीबत के समय धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए।


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घोड़े की जीत Short Moral Story In Hindi For Class 1


घोड़े की जीत short moral story in hindi for class 1


एक दिन एक घोड़े और एक हिरण में इस बात पर बहस शुरू हो गई कि दोनों में कौन अधिक तेज दौड़ सकता है।


घोड़ा कह रहा था कि मैं सबसे तेज दौड़ सकता हूँ। दूसरी ओर हिरण भी अपनी जिद पर अड़ा हुआ था।


उसका भी यही कहना था कि वह सबसे अधिक तेज दौड़ सकता है। आखिरकार घोड़ा एक व्यक्ति के पास जाकर बोला,


"क्या, आप मेरी मदद कीजिए, ताकि मैं हिरण को हरा सकूँ।


" वह आदमी बोला, "ठीक है ! मैं तुम्हारी मदद करने को तैयार हूँ लेकिन सबसे पहले मैं तुम्हारी पीठ पर काठी डाल कर बैठना चाहूंगा।"


घोड़ा इस बात के लिए राजी हो गया। आदमी तुरंत उसकी पीठ पर काठी डाल कर बैठ गया।


फिर दोनों ने हिरण को हरा दिया। हिरण को हराने के बाद घोड़ा आदमी से बोला,"अब आप मेरी पीठ से उतर जाओ।" आदमी बोला,


"मैं नहीं उतरूंगा क्योंकि अब तुम पर मेरा अधिकार हो गया है और तुम्हें अब वही करना पड़ेगा, जो मैं चाहूंगा।"


शिक्षा : में अनजान व्यक्ति पर विश्वास नहीं करना चाहिए।


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शेर और व्हेल की मित्रता Amazing Short Moral Story In Hindi For Class 1


शेर और व्हेल की मित्रता short moral story in hindi for class 1


एक दिन एक शेर समुद्र के किनारे खड़ा होकर लहरों को तट से टकराते हुए देख रहा था। तभी उसकी नजर पानी की सतह पर आई व्हेल पर पड़ी। वह बोला, "व्हेल! तुम कितनी सुंदर और बड़ी हो।


जिस तरह मैं जंगल के जानवरों का राजा हूँ, उसी तरह तुम समुद्र के सभी जीवों की रानी हो। क्यों न हम दोनों दोस्त बन जाएँ,


ताकि मुसीबत के वक्त एक दूसरे के काम आ सकें?" "विचार तो अच्छा है," कहकर व्हेल समुद्र के अंदर चली गई।


कुछ दिनों बाद अचानक व्हेल ने देखा कि एक बैल शेर के पीछे पड़ा है। समुद्र तट पर आकर शेर ने व्हेल को मदद के लिए पुकारा, पर जैसे ही व्हेल समुद्र से बाहर निकलने लगी, उसका दम घुटने लगा।वह दोबारा समुद्र में चली गई।


यह देखकर शेर को बहुत बुरा लगा। बाद में शेर ने व्हेल से पूछा कि वह मुसीबत के समय उसकी मदद के लिए क्यो नहीं आई तो वह बोली,


"इसमें मेरी कोई गलती नहीं है, क्योंकि भगवान ने मुझे सिर्फ पानी में ही शक्तिशाली बनाया है। पानी से बाहर आकर मैं जीवित नहीं रह सकती।"


शिक्षा: दोस्ती बराबर वालों में ही अच्छी होती है।


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