Top 10 Short Moral Story In Hindi For Class 1 नैतिक कहानी

Short Moral Story In Hindi For Class 1:- Hello guys here I'm sharing top 10 short moral stories in Hindi for class 1 नैतिक कहानी हिंदी में कक्षा 1 के लिए which helps you to understand the society which is very important for today's society if you like this then share these top 10 story to your children.  
Top 10 Short Moral Story In Hindi For Class 1 नैतिक कहानी हिंदी में कक्षा 1 के लिए

Top 10 Short Moral Story In Hindi For Class 1

झूठी शपथ Short Moral Story In Hindi For Class 1

झूठी शपथ short moral story in hindi for class 1

एक दिन शाम को एक चरवाहा अपने पशुओं को घर वापस ले जाने के लिए इकट्ठा कर रहा था। उसने जब पशुओं की गिनती की तो एक बैल कम निकला। उसने आसपास उसे काफी ढूँढा मगर वह नहीं मिला।

हारकर उसने भगवान से प्रार्थना की, "हे भगवान् ! यदि मेरा बैल और उसे चुराने वाला मिल गया तो मैं एक बछड़े की बलि दूंगा। मैं यह बात शपथ लेकर कहता हूँ। बस, मेरा बैल मिल जाए।"


फिर चरवाहा अपने पशुओं को लेकर आगे बढ़ गया। थोड़ी दूर जाने पर ही उसे अपना बैल मिल गया। उसके बैल को चुराने वाला कोई और नहीं, बल्कि एक शेर था।

शेर को अपने सामने देखकर डरपोक चरवाहा थर-थर काँपने लगा और उसने शपथ ली, "हे भगवान! यदि आप मुझे इस शेर के पंजों से बचा लेंगे तो मैं एक बैल की बलि दूंगा।"

इस तरह उस चरवाहे ने सिद्ध कर दिया कि वह झूठा है और झूठी शपथ लेता है।

शिक्षा: व्यक्ति को अपनी बात से नहीं पलटना चाहिए।

अंधे व्यक्ति की सूझ-बूझ Short Moral Story In Hindi For Class 1

अंधे व्यक्ति की सूझ-बूझ Short moral story in hindi for class 1

एक नगर में एक अंधा व्यक्ति रहता था। वह स्पर्श मात्र से ही किसी भी चीज को पहचान लेता था। उसका एक बेटा था। एक दिन उसका बेटा जंगल से एक भेड़िए का एक बच्चा पकड़ लाया और उसे अपने पिता की गोद में डालते हुए बोला,

"पिताजी! बताइए, यह क्या है? " अंधे ने भेड़िए के बच्चे के शरीर पर हाथ फेरा और बोला, "मुझे पूरी तरह तो नहीं मालूम, पर फिर भी कह सकता हूँ कि यह जानवर लोमड़ी या उसी की प्रजाति का है।

साथ ही, यह बात तो मैं दावे से कह सकता हूँ कि यह भेड़ से अलग है।" इस तरह उस अंधे व्यक्ति ने अपनी बुद्धिमानी से बिना देखे ही दिए गए जानवर को पहचान लिया और सिद्ध कर दिया कि आँखों के न होने पर भी व्यक्ति को सामान्य काम करने में बाधाएँ नहीं आती।

शिक्षा: सूझ-बूझ व समझदारी से हर काम किया जा सकता है।

 झूठा आदमी Short Moral Story In Hindi For Class 1

झूठा आदमी short moral story in hindi for class 1

एक बार एक व्यक्ति बहुत बीमार पड़ गया। उसके बचने की कोई आशा नहीं थी। लेकिन मरते-मरते भी उस आदमी ने भगवान से प्रार्थना की,

"हे भगवान! यदि आप मुझे थोड़ी उम्र और दे दें तो मैं आपको सौ बैलों की बलि चढ़ाऊंगा।" भगवान ने उसकी प्रार्थना सुन ली और उसे स्वस्थ कर दिया।

परंतु स्वस्थ होने पर उस आदमी की नीयत बदल गई और उसने सौ बैलों की मिट्टी की मूर्तियाँ बनाईं और उन्हें हवनकुंड में डाल कर बोला, "है भगवान!

मैं तुम्हें अपनी शपथ के अनुसार सौ बैलों की बलि दे रहा हूं। कृपया इसे स्वीकार करें।%" उस व्यक्ति की बेईमानी पर भगवान बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने उसे स्वप्न में आकर कहा,"बेटा!

समुद्र तट पर कल तुम्हें सोने की सौ मोहरें मिलेंगी।" वह व्यक्ति लालची तो था ही, इसलिए रात में ही समुद्र की ओर चल पड़ा। वहाँ पहुँचने पर समुद्री डाकुओं ने उस पर जमकर कोड़े बरसाए और दास बनाकर अपने साथ ले गए।

शिक्षा: झूठ बोलना पाप है।

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बिल्ली की मूर्खता Short Moral Story In Hindi For Class 1

बिल्ली की मूर्खता short moral story in hindi for class 1

एक घर में एक बिल्ली रहती थी। उसका नाम नैन्सी था। नैन्सी घर में रहकर ही चूहों का शिकार करती और सोती रहती। एक दिन वह घर पर बोर हो रही थी तो उसके मन में विचार आया कि किसी दूसरे घर में घूमकर आया जाए।

यह विचार आते ही वह घर से निकल पड़ी और अपने घर से थोड़ी ही दूरी पर रहने वाले लोहार के घर में घुस गई। उसने लोहार का सारा घर छान मारा, पर उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला।

फिर वह लोहार के कमरे में जाकर चीजें उलटने-पलटने लगी। उसने औजारों का एक बक्सा खोल लिया। उसमें उसे एक चाकू दिखाई दिया। चाकू निकालकर उसे जीभ से चाटने लगी।

इससे उसकी जीभ एक-दो जगह से कट गई और उसने सोचा कि इससे कोई पीने वाली चीज निकली है। वह दोबारा चाकू को चाटने लगी जिससे उसकी जीभ कटकर नीचे गिर गई।

शिक्षा : बिना जाने किसी चीज का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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डरपोक शिकारी Short Moral Story In Hindi For Class 1

डरपोक शिकारी`short moral story in hindi for class 1

एक दिन जंगल में एक लकड़हारा लकड़ियाँ काट रहा था कि तभी वहाँ पर एक शिकारी हाँफता हुआ आया। उसने लकड़हारे से पूछा, "महाशय! क्या आपने शेर के पैरों के निशान देखे हैं?

क्या आप मुझे शेर की गुफा दिखा सकते हैं?" लकड़हारे ने सोचा, लगता है कि यह शिकारी काफी बहादुर है, इसीलिए शेर का पीछा कर रहा है। मुझे इसकी मदद अवश्य करनी चाहिए।" यह सोचकर वह शिकारी से बोला, "मेरे साथ चलिए।

मैं आपको शेर की गुफा तक ले चलता हूँ।" यह सुनते ही शिकारी डर के मारे काँपने लगा। फिर थोड़ा साहस करके बोला, "बस ठीक है। मुझे सिर्फ शेर के पैरों के निशान देखने थे।

उसकी गुफा में जाकर मैं क्या करूंगा?' उसकी बात सुनकर लकड़हारा सोचने लगा कि यह शिकारी उन लोगों में से है जो बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं पर काम कुछ नहीं करते।

शिक्षा: व्यक्ति को बातें ही नहीं, बल्कि काम भी बड़े करने चाहिए।
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छोटू की सीख For Class 1 Short Moral Story In Hindi

छोटू की सीख short moral storyin hindi for class 1

किसी समय एक समुद्र में डॉल्फिन, व्हेल और कुछ छोटी मछलियाँ साथ-साथ रहती थीं। एक बार उनमें किसी बात पर मन-मुटाव हो गया। डॉल्फिन और व्हेल में भयंकर लड़ाई होने लगी।

समुद्र के छोटे जीव-जंतु इस अशांत माहौल से काफी डर गए थे। एक नन्ही मछली ने सोचा कि वह दोनों मछलियों को समझाने का प्रयास करेगी कि इस तरह लड़ाई-झगड़े का क्या फायदा; दोनों मिल-जुलकर रहो।

एक दिन डॉल्फिन और व्हेल मछली लड़ने के लिए आमने-सामने खड़ी थीं कि वह नन्ही मछली वहाँ पहुँच गई। वह दोनों को संबोधित करके बोली, "बहनो! मुझे बताओ कि तुम दोनों क्यों लड़ रही हो?

मैं तुम्हारा झगड़ा सुलझाती हूँ।" यह सुनकर दोनों बड़ी मछलियाँ उसका मजाक उड़ाते हुए बोली, "तुम्हारे जैसी छोटी मछली से सलाह लेने से तो अच्छा है कि हम दोनों मछलियाँ लड़ते-लड़ते ही मर जाएँ।"

शिक्षा: किसी के झगड़े में नहीं पड़ना चाहिए।
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उपदेशक और आलोचक New Short Moral Story In Hindi For Class 1

उपदेशक और आलोचक short moral story in hindi for class 1

एक दिन एक महात्मा किसी सभा में उपदेश दे रहे थे। उनके उपदेश सुनने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा थी। इस सभा में सभी लोग शांतिपूर्वक बैठकर उसे सुन रहे थे

परंतु उनके बीच बैठा एक आदमी बार-बार बीच में उन्हें टोक रहा था। पहले तो उन्होंने उसे शांत करने की कोशिश की लेकिन जब वह व्यर्थ के तर्क देने से बाज नहीं आया और उनका अपमान करने लगा तो उन्होंने उसे फटकारना जरूरी समझा।

वह बोले, "तुम्हें इस तरह मेरी बात काटकर मेरा अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि तुम्हें मेरी बात नहीं सुननी तो यहाँ से चले जाओ। कम से कम बीच में विघ्न तो मत डालो।

तुम्हारे बार-बार बीच में टोकने से मुझे ही नहीं बल्कि औरों को भी परेशानी हो रही है। आखिर तुम यहाँ आए ही क्यों थे? जाओ, अब यहाँ से चले जाओ और कारण विघ्न पैदा न करो।" वह व्यक्ति चुपचाप वहाँ से उठकर चला गया।।

शिक्षा: अज्ञात व्यक्ति को ज्ञान की बात नहीं सुनती।।
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शेर की गुफा में हिरण Latest Short Moral Story In Hindi For Class 1

शेर की गुफा में हिरण short moral story in hindi for class 1

एक दिन जंगल में एक हिरण खाने की तलाश में घूम रहा था। तभी वहाँ पर शिकार करने आए कुछ शिकारियों की नजर उस पर पड़ गई। शिकारियों से बचता हुआ वह इधर-उधर छिपने की जगह ढूँढने लगा।

भागते-भागते उसे एक बड़ी-सी गुफा दिखाई दी और वह बिना सोचे-समझे उसमें घुस गया। यह गुफा शेर की थी। उस समय शेर कहीं गया हुआ था। बहरहाल,

वहाँ आकर हिरण की जान में जान आई कि अब शिकारी उसे पकड़ नहीं पाएंगे। लेकिन वह बैठकर अभी चैन की साँस भी नहीं ले पाया था कि शेर गुफा में लौट आया।

हिरण को अपनी गुफा में देखकर शेर की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने झपटकर हिरण को पकड़ लिया और उसका काम तमाम कर दिया।

शेर ने हिरण को खाकर मजे से अपना पेट भरा। बेचारा हिरण परेशानी में पड़कर अच्छा-बुरा न समझ सका और अपनी जान गँवा बैठा।

शिक्षा: हमें मुसीबत के समय धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए।
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घोड़े की जीत Short Moral Story In Hindi For Class 1

घोड़े की जीत short moral story in hindi for class 1

एक दिन एक घोड़े और एक हिरण में इस बात पर बहस शुरू हो गई कि दोनों में कौन अधिक तेज दौड़ सकता है। घोड़ा कह रहा था कि मैं सबसे तेज दौड़ सकता हूँ। दूसरी ओर हिरण भी अपनी जिद पर अड़ा हुआ था।

उसका भी यही कहना था कि वह सबसे अधिक तेज दौड़ सकता है। आखिरकार घोड़ा एक व्यक्ति के पास जाकर बोला, "क्या, आप मेरी मदद कीजिए, ताकि मैं हिरण को हरा सकूँ।

" वह आदमी बोला, "ठीक है ! मैं तुम्हारी मदद करने को तैयार हूँ लेकिन सबसे पहले मैं तुम्हारी पीठ पर काठी डाल कर बैठना चाहूंगा।" घोड़ा इस बात के लिए राजी हो गया। आदमी तुरंत उसकी पीठ पर काठी डाल कर बैठ गया।

फिर दोनों ने हिरण को हरा दिया। हिरण को हराने के बाद घोड़ा आदमी से बोला,"अब आप मेरी पीठ से उतर जाओ।" आदमी बोला,

"मैं नहीं उतरूंगा क्योंकि अब तुम पर मेरा अधिकार हो गया है और तुम्हें अब वही करना पड़ेगा, जो मैं चाहूंगा।"

शिक्षा : में अनजान व्यक्ति पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
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शेर और व्हेल की मित्रता Amazing Short Moral Story In Hindi For Class 1

शेर और व्हेल की मित्रता short moral story in hindi for class 1

एक दिन एक शेर समुद्र के किनारे खड़ा होकर लहरों को तट से टकराते हुए देख रहा था। तभी उसकी नजर पानी की सतह पर आई व्हेल पर पड़ी। वह बोला, "व्हेल! तुम कितनी सुंदर और बड़ी हो।

जिस तरह मैं जंगल के जानवरों का राजा हूँ, उसी तरह तुम समुद्र के सभी जीवों की रानी हो। क्यों न हम दोनों दोस्त बन जाएँ, ताकि मुसीबत के वक्त एक दूसरे के काम आ सकें?" "विचार तो अच्छा है," कहकर व्हेल समुद्र के अंदर चली गई।

कुछ दिनों बाद अचानक व्हेल ने देखा कि एक बैल शेर के पीछे पड़ा है। समुद्र तट पर आकर शेर ने व्हेल को मदद के लिए पुकारा, पर जैसे ही व्हेल समुद्र से बाहर निकलने लगी, उसका दम घुटने लगा।वह दोबारा समुद्र में चली गई।

यह देखकर शेर को बहुत बुरा लगा। बाद में शेर ने व्हेल से पूछा कि वह मुसीबत के समय उसकी मदद के लिए क्यो नहीं आई तो वह बोली,

"इसमें मेरी कोई गलती नहीं है, क्योंकि भगवान ने मुझे सिर्फ पानी में ही शक्तिशाली बनाया है। पानी से बाहर आकर मैं जीवित नहीं रह सकती।"

शिक्षा: दोस्ती बराबर वालों में ही अच्छी होती है।
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