Top 10 Old Stories In Hindi हिंदी में पुरानी कहानियाँ 2020

Old Stories In Hindi:- Here I'm sharing the top ten Old Stories In Hindi For Kids which is very valuable and teaches your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that's why I'm sharing with you.

Top 10 Old Stories In Hindi हिंदी

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

Top 10 Old Stories In Hindi For Kids

1. जादुई छड़ी Old Stories In Hindi


Old Stories In Hindi



बहुत समय पहले, एक बहुत मेहनती आदमी था, जो एक जादूगर के लिए काम करता था। एक दिन जब वह नौकरी छोड़कर अपने देश जाने लगा, तब जादूगर ने उसे एक जादुई छड़ी दी।

वह छड़ी बुरे लोगों को सबक सिखाती थी। जादूगर नहीं चाहता था कि कोई भी उस आदमी की अच्छाई का अनुचित लाभ उठाएं। एक दिन वह आदमी जिस सराय में ठहरा हुआ था, वहाँ डाकुओं ।

ने हमला कर दिया। परन्तु जादुई छड़ी ने उन्हें अच्छा सबक सिखाया। यह देख सराय के दुष्ट मालिक ने उसकी छड़ी चुरानी चाही, तब छड़ी ने उसकी अच्छी पिटाई की। जब वह आदमी अपने देश पहुँचा,

उस समय उसके देश पर दुश्मनों का हमला हो रहा था। उसने तुरन्त छड़ी को दुश्मनों पर हमला करने का आदेश दिया। जादुई छड़ी ने दुश्मनों को पीट-पीट कर भगा दिया। यह देख राजा बहुत खुश हुआ और उसके साथ राजकुमारी का विवाह कर दिया।


2. बुद्धिमान बुलबुल In Hindi Village Old Stories



In Hindi Village Old Stories


एक बुलबुल मक्कई के खेत में रहती थी। वह हमेशा चिंतित रहती थी क्योंकि फसल काटने का समय हो गया था और उसके बच्चे अभी उड़ नहीं सकते थे।

हमेशा बाहर जाने से पहले वह बच्चों को समझाती-"जो कुछ तुम्हारे आस-पास घटित हो, उसे ध्यान से देखो और सुनो।" एक शाम जब वह लौटी, उसने देखा उसके बच्चे घबराये हुए थे।

बच्चों ने कहा-“किसान ने फसल काटने के लिए अपने बच्चों से अपने दोस्तों को बुलाने को कहा है।" यह सुन बुलबुल बिना घबराए अपने बच्चों से बोली-"डरो नहीं, कल खेत में कोई भी नहीं आएगा।"

अगले दिन वास्तव में कोई नहीं आया। ऐसे ही कई दिन गुज़र गए। एक दिन किसान ने अपने बच्चों से कहा-"अब हम और इंतज़ार नहीं कर सकते। यह हमारा काम है, इसलिए इसे हम अपने दोस्तों पर नहीं छोड़ सकते।

कल हम अपनी फसल खुद काटेंगे।" यह सुनते ही बुलबुल समझ गई, किसान कल फसल काटने ज़रूर आएगा। इसलिए वह अपने बच्चों के साथ उड़कर दूर चली गई।

3. चतुर बुढ़िया  Stories In Hindi Old


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एक गाँव में एक बुढ़िया रहती थी। एक दुर्घटना में उसकी आँखें सूज गईं। उसने गाँव के एक वैद्य को बुलाया। वैद्य ने, उसकी आँखें जाँचने के बाद कहा-"तुम्हारी आँखें बिल्कुल ठीक हो जाएगी।

लेकिन, जब तक मैं तुम्हारा इलाज - करूँगा, तब तक तुम्हारी आँखें बंद रहनी चाहिएं। इसके अलावा, फीस भी ज्यादा लूंगा।" बुढ़िया मान गई। इलाज के दौरान उसने अपनी आँखें बंद रखीं।

इसी बीच, उस वैद्य ने बुढ़िया के घर का सारा सामान चुरा लिया। इलाज के बाद बुढ़िया ने आँखें खोलीं, तो अपने घर का सारा सामान गायब पाया। उसने वैद्य को फीस देने से मना कर दिया।

तब वे दोनों कोर्ट गए और सारी कहानी जज को सुनाई। बुढ़िया ने जज से कहा-"मैं इसे फीस क्यों दूं? इलाज से पहले मैं अपने घर का सारा सामान देख सकती थी,

पर अब मुझे कोई सामान नहीं दिखाई देता।" जज ने बुढ़िया के पक्ष में ही फैसला किया। वैद्य ने चुपचाप इस फेसले को मान लिया, क्योंकि उसने बुढ़िया के साथ धोखा किया था।

4. लोमड़ी की पूँछ Latest Stories In Hindi


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एक बार ऐसा हुआ कि एक लोमड़ी गलती से अपनी पूँछ खो बैठी। इस बात से वह इतनी शर्मिंदा थी कि वह अपने आप को मार देना चाहती थी। वह शर्मिंदगी से बचने के उपाय ढूंढने लगी। कई घंटे सोचने के बाद उसे एक उपाय सूझा।

उसने सोचा, अगर वह सभी लड़कियों को, पूँछ कटवाने के लिए मना ले, तो उसे किसी के आगे शर्मिंदा नहीं होना पड़ेगा। ऐसा सोच कर, एक दिन उसने जंगल की सभी लड़कियों की एक बैठक बुलाई।

एक बहुत बड़े मैदान में सभी लड़कियाँ जमा हुईं। तब लोमड़ी ने कहना शुरु किया- "बहनों, मुझे यह विचार आया है कि तुम सबको अपनी पूँछ कटवा देनी चाहिए। पूँछ बहुत भारी हैं और देखने में भी बुरी हैं।

तुम इसके बिना ही अच्छी लगेगी।" लड़कियों ने जवाब दिया- “अच्छा! अगर ऐसा है, तो तुम अपनी पूँछ के बिना इतनी उदास क्यों हो?" लोमड़ी अब कुछ न बोल सकी और वहाँ से चुपचाप चली गई।

5. बेईमान लकड़हारा हिंदी में पुरानी कहानियाँ


हिंदी में पुरानी कहानियाँ

एक बार कुछ शिकारी एक लोमड़ी का पीछा कर रहे थे। लोमड़ी बहुत तेज़ दौड़ी और शिकारियों की नज़रों से ओझल हो गई। तभी लोमड़ी ने एक घर देखा। उसने जल्दी से उस घर का दरवाज़ा खटखटाया।

वह एक लक्कड़हारे का घर था। लक्कड़हारे से लोमड़ी ने अपनी जान बचाने की विनती की। वह मान गया और उसे अपने घर में छुपा लिया। जल्दी ही शिकारी वहाँ आ गए और लोमड़ी के बारे में पूछने लगे।

हालांकि लक्कड़हारे ने उन्हें मुँह से कुछ नहीं कहा, परंतु उसने इशारे से उन्हें लोमड़ी के बारे में बताने की कोशिश की। लेकिन शिकारी उसका इशारा नहीं समझ पाये और वहाँ से चले गए।

जब लोमड़ी वहाँ से जाने लगी तो लक्कड़हारा बोला-" मुझे धन्यवाद नहीं करोगी?" लोमड़ी ने जवाब दिया- "किस लिए तुम्हारा धन्यवाद कर? उन शब्दों के लिए जो तुमने नहीं कहे या उन शब्दों के लिए जो वो लोग समझ नहीं पाए?"

6. बेचारा माली पुरानी कहानियाँ

पुरानी कहानियाँ


एक राज्य में एक माली रहता था, जिसका बहुत बड़ा बगीचा था। वह अपने बगीचे की बहुत अच्छी देखभाल किया करता था। उसके फल व सब्जियाँ बहुत स्वादिष्ट थे, और फूल व पौधे बहुत सुंदर थे। राजा भी उससे बहुत प्रभावित था।

एक दिन एक खरगोश उसके बगीचे में आया और उसने कई फल और सब्जियां खाई और बगीचे को तहस-नहस कर दिया। माली अपने बगीचे की ऐसी हालत देखकर बहुत दुखी हुआ।

खरगोश को बगीचे से बाहर निकालने की उसकी सारी कोशिश बेकार हुई। तब वह राजा के पास मदद मांगने गया। अगले दिन, राजा अपने सैनिकों के साथ उसके बगीचे में आया।

उसने अपने सैनिकों को बगीचे में जाकर खरगोश को भगाने का आदेश दिया। वे सारे सैनिक खरगोश को पकड़ने के लिए बगीचे में इधर-उधर भागने लगे।

जितना नुकसान उन सैनिकों ने किया उसके सामने खरगोश के द्वारा किया गया नुकसान कुछ भी नहीं था। अपने बगीचे की ऐसी हालत देखकर माली और भी दुखी हो गया।

7. संत सैनिक Latest Old Stories In Hindi


Latest Old Stories In Hindi

एक दिन नवंबर की ठंडी शाम में, एक युवा सैनिक, घोड़े पर सवार होकर जा रहा था। बरसात हो रही थी और मौसम बहुत ठंडा था। तभी, उस सैनिक ने देखा, एक बूढ़ा आदमी फटे कपड़ों में सड़क के किनारे बैठा हुआ था।

उसने अपनी बरसाती के दो हिस्से किए और एक हिस्सा उस बूढ़े को देकर वह आगे बढ़ा। रास्ते में, उसे फिर से एक ऐसा आदमी मिला, जिसके पास कपड़े नहीं थे। उसने बाकी बची आधी बरसाती उसे दे दी।

अब उसके पास भी खुद को ढकने के लिए कुछ नहीं था। आगे उसे कई गरीब लोग मिले। लेकिन अब वह उनके लिए प्रार्थना के सिवा कुछ नहीं कर सकता था। उसने सच्चे मन से भगवान से सभी गरीब लोगों के लिए प्रार्थना की।

अचानक, बारिश बंद हो गई और सूरज ऐसे चमकने लगा जैसे गर्मी का मौसम हो। उसके दया-भाव के लिए लोगों ने उसे बहुत आशीर्वाद दिया। बाद में वे उसे संत बुलाने लगे।
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8. भगवान और कंजूस औरत  In Hindi Bird Old Stories


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बहुत समय पहले, एक कंजूस औरत एक गाँव में रहती थी। एक दिन भगवान संसार में घूमने निकले। उन्होंने उस कंजूस औरत के घर का दरवाजा खटखटाया और खाने के लिए कुछ मांगा।

वह औरत उन्हें कुछ देना तो नहीं चाहती थी, पर मना भी नहीं कर सकती थी। इसलिए वह जान-बूझकर धीरे-धीरे काम करने लगी। उसने धीरे-धीरे आटा गूंदा और रोटियाँ बेलने लगी। लेकिन,

हर बार वह गलत तरीके से बेलती और दोबारा कोशिश करती। इस तरह बहुत देर तक वह एक भी रोटी नहीं बना पाई। अंत में उसने भगवान से कहा-"मुझे देर लग रही है, आप चाहें तो कहीं और से रोटी खा सकते हैं।"

यह सुनते ही भगवान को बहुत क्रोध आया और उन्होंने उसे एक कठफोड़वा बना दिया। उस समय उसने लाल रंग की टोपी पहनी हुई थी, इसलिए कठफोड़वे का सिर लाल रंग का होता है। वह संसार का पहला कठफोड़वा था।

9. रोहन और पुच्छल तारा Unique Stories In Hindi


Unique Stories In Hindi

एक समय की बात है, रोहन नाम का एक गरीब लड़का, एक छोटे शहर में रहता था। वह पढ़ाई में बहुत होशियार था एक दिन उसके विज्ञान के टीचर ने उसे पुच्छल तारों के बारे में बताया।

उसने अपने टीचर से कहा कि वह एक पुच्छल तारा देखना चाहता है। टीचर ने उसे कहा- 'खेत में, अंधेरा होने पर जाना और देखना।" अगले दिन उसने रोहन से पूछा- "क्या तुमने पुच्छल तारा देखा?"

रोहन ने जवाब दिया-"नहीं, मैं नहीं देख पाया।" टीचर ने पूछा- "तुमने उसे कहाँ ढूँढा।" रोहन ने जवाब दिया-"हर जगह-पेड़ के नीचे, गोभी की क्यारियों में, मटर की क्यारियों में। सर! वह वहाँ था ही नहीं वरना मुझे ज़रूर नज़र आता।

मैं अपने साथ लालटेन भी ले गया था। हो सकता है, लालटेन बुझ गई हो इसलिए मैं पुच्छल तारा नहीं देख पाया।" टीचर उसके भोलेपन पर मुस्कराया और उसे बताया कि पुच्छल तारा ज़मीन पर नहीं आसमान में दिखाई देता है।

10. बच्चे, परी और चुड़ैल  Old Stories In Hindi


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बहुत समय पहले, एक भाई-बहन पार्क में खेल रहे थे। एक चुडैल ने उन्हें देखा और उनका अपहरण कर लिया। वह उन बच्चों को एक अंधेरे कमरे में बंद करके खाना खाने चली गई। भाग्य से, एक खिड़की खुली हुई थी।

वे बच्चे उसमें से निकल भागे। जल्दी ही चुडैल वापस आ गई। उसने देखा, बच्चे कमरे में नहीं थे। वह उनको घर के बाहर ढूंढने के लिए निकली। उधर, बच्चे अपने घर का रास्ता ढूंढ रहे थे। तभी,

उन्हें एक दयालु परी मिली। उस परी ने उनकी मदद करने का वादा किया। लेकिन, बहुत जल्द चुडैल वहाँ पहुँच गई। परी ने बच्चों के चारों ओर आग का घेरा बना दिया।

चुडैल ने फूंक मार कर आग बुझा दी। तब परी ने बच्चो के चारों ओर काँच की दीवार बना दी। उस दीवार को तोड़ने के लिए, चुड़ैल अपने घर हथौड़ा लेने भागी। लेकिन उसके आने से पहले ही परी ने बच्चों को उनके घर पहुंचा दिया।
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