Top 10 Hindi Moral Stories For Class 5th हिंदी नैतिक कहानियां

Hindi Moral Stories For Class 5th:- Here I'm sharing the top 10 Hindi Moral Stories For Class 5th For Kids which is very valuable and teaches your kids life lessons, which help your children to understand the people & world that's why I'm sharing with you.
Top 10 Hindi Moral Stories For Class 5th

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक के लिए शीर्ष कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत मूल्यवान हैं और अपने बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने में मदद करते हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।

Top 10 Hindi Moral Stories For Class 5th

1. शेर और लोमड़ी Hindi Moral Stories For Class 5th 



शेर और लोमड़ी Hindi Moral Stories For Class 5th


प्रारम्भ में लोमड़ी ने शेर के बारे में सिर्फ सुना था लेकिन उसे कभी देखा नहीं था। घोडा ने उसे बताया, "शेर बहुत बड़ा और शक्तिशाली होता है।" जेबरा ने कहा, "वह हम पर हमला करके हमें मार कर खा जाता है।"

जिराफ ने कहा, "उसकी गर्दन तो ऐसी है कि हम सूखे पत्ते की तरह काँपने लग जाते हैं।" ये सब बातें सुनकर लोमड़ी बहुत डर गई। एक दिन लोमड़ी ने मुड़कर देखा तो सामने से शेर आ रहा था।

वह डर गई और खड़ी हो गई। शेर ने उसे सूंघा और हल्का सा गरजा, फिर वह चुपचाप चला गया। लोमड़ी ने तब कहीं जाकर राहत की साँस ली। दूसरे दिन वह नदी के दूसरे किनारे पर खड़ा था।

उसे देखते ही लोमड़ी फिर डर गई लेकिन इस बार उसका डर पहले से कुछ कम था। तीसरे दिन लोमडी अपने दोस्तों के साथ खेलते-खेलते शेर से टकरा गई। उसने थोड़ा-सा साहस इकट्ठा किया और थोड़ा झिझकते हुए कहा,

"मुझे माफ कर दीजिए, श्रीमान्।" शेर मुस्कुराकर बोला, "कोई बात नहीं।" जल्द ही लोमड़ी का डर गायब हो गया और अब वह उससे बिना डरे बात करने लगी।



Moral Stories For Class 5th In Hindi शिक्षा: स्वयं परखे बिना कोई भी बात नहीं माननी चाहिए।
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2. ईमानदार लकड़हारा New Hindi Moral Stories For Class 5th 



ईमानदार लकड़हारा New Hindi Moral Stories For Class 5th


रामू एक ईमानदार लकड़हारा था। एक दिन पेड़ की एक शाखा काटते काटते उसकी कुल्हाड़ी अचानक नदी में गिर गई। नदी के किनारे खड़ा होकर वह फूट-फूटकर रोने लगा।

जल्दी ही एक देवी नदी में से प्रकट हुईं और उन्होंने पहले उसे सोने की कुल्हाड़ी और उसके बाद चांदी की कुल्हाड़ी देने को कहा। रामू ने दोनों कुल्हाड़ियाँ लेने से इंकार कर दिया।

अब उसे देवी ने असली कुल्हाड़ी दी और रामू ने वह कुल्हाड़ी खुशी-खुशी ले ली। उसकी ईमानदारी से खुश होकर उस देवी ने उसकी कुल्हाड़ी के साथ बाकी दोनों कुल्हाड़ियाँ भी दे दी।

उसने यह सारी घटना अपने पड़ोसियों को बताई। उनमें से एक के मन में लालच आ गया। वह भी नदी के पास गया तथा उसने अपनी कुल्हाड़ी नदी में फेंक दी और रोने का नाटक करने लगा।

तब देवी ने प्रकट होकर उसे जब सोने की कुल्हाड़ी दो तो उसने लपककर वह कुल्हाड़ी लेने की कोशिश की। देवी को गुस्सा आ गया और वह गायब हो गईं। इस प्रकार वह अपनी असली कुल्हाड़ी भा। गँवा बैठा।


Hindi Moral Stories For Class 5th शिक्षा: भगवान हमेशा ईमानदार लोगों को ही पसन्द करते हैं तथा उनकी ही मदद करते हैं।

3. बहेलिया और साँप Latest Hindi Moral Stories For Class 5th



बहेलिया और साँप Latest Hindi Moral Stories For Class 5th


एक बार एक बहेलिया जाल लेकर जंगल में गया। उसे पेड़ के सबसे ऊपर की शाखाओं से पक्षियों के चहचहाने की आवाज़ सुनाई दी।

उसने तुरंत सभी शाखाओं पर गोंद लगा दी ताकि पक्षियों के पाँव उन पर चिपक जाएँ और वह उन्हें आसानी से पकड़ सके। शिकारी का पूरा ध्यान ऊपर था।

जब वह पक्षियों के फँसने का इंतजार कर रहा था तब अनजाने में उसका पॉव एक सोए साँप पर पड़ गया। साँप ने गुस्से में आकर उसके पाँव पर डस लिया। बहेलिया दर्द से चिल्लाने लगा।

वह जान गया कि उसके पाँव का ज़ख्म उसे मृत्यु की ओर ले जा रहा है। उसने स्वयं से कहा, "कितना बदकिस्मत हूँ में कि शिकार करने आया था लेकिन अपनी लापरवाही के कारण स्वयं ही शिकार हो गया।"


Unique Hindi Moral Stories For Class 5th शिक्षा: किसी भी काम में लापरवाही के कारण लेने के देने पड़ जाते हैं।

4. ऊँट व मनुष्य Amazing Hindi Moral Stories For Class 5th



ऊँट व मनुष्य Amazing Hindi Moral Stories For Class 5th


इस धरती और जीव जन्तुओं के रचयिता स्वयं ईश्वर हैं। जब मनुष्यों ने रेगिस्तान में पहली बार ऊँट देखा तो वे उसके बड़े आकार को देखकर डर गए और भाग गए। धीरे-धीरे उन्होंने उसे हरे-भरे स्थानों में भी देखा।

उन्होंने पाया कि वह काफी शांत जानवर है। उन्होंने धीरे-धीरे उसे घास डालना शुरू किया और साफ पानी पीने को दिया। अब वह मनुष्यों की मदद करने लगा। वह बोझा ढोने लगा था गाड़ियाँ खींचने लगा।

अब वह मनुष्यों के लिए पालतू पशु बन गया है। उसकी पीठ पर बच्चे तथा बड़े भी सवार होकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने लगे हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो मनुष्य अब उसका मालिक बन गया है।


For Class 5th Hindi Moral Stories शिक्षाः बुद्धिमान लोग डरावनी चीजों का भी प्रयोग कर लेते हैं।

5. बिल्ली व बुलबुल For Class 5th Hindi Moral Stories


बिल्ली व बुलबुल For Class 5th Hindi Moral Stories

एक छोटे से गाँव में एक बेकर (केक बनाने वाला) रहता था उसके पास एक पालतू बिल्ली थी। वह उस बिल्ली को बहुत प्यार करता था।

लेकिन जब वह म्याऊँ-म्याऊँ की आवाज करती थी तो वह उसे मारकर दरवाजे से बाहर निकाल देता था। एक बार उसने एक बुलबुल खरीदी। वह बड़ी आजादी से पूरे घर में गाना गाती हुई घूम रही थी।

तभी बिल्ली ने उससे पूछा, "तुम कहाँ से आई हो?' बुलबुल ने उत्तर दिया, “गांव के मेले से।" बिल्ली चिल्लाकर बोली, "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई शोर मचाने की? इसी घर में जन्म लेने के बावजूद मालिक ने मुझे कभी गाने नहीं दिया।

मैं अगर गाती हूँ तो वे मुझे सजा देते हैं।" बुलबुल ने व्यंग्यपूर्ण स्वर में कहा, "एक बिल्ली और एक बुलबुल में कोई मुकाबला नहीं है।

मेरी आवाज़ मधुर है और तुम्हारी आवाज दूसरों को परेशान करने वाली है। इसलिए तुम मेरे साथ मत लड़ो।" बिल्ली ने खिसियाकर अपनी पूँछ हिलाई और चली गई।

With Images Hindi Moral Stories For Class 5th शिक्षाः दूसरों को कभी नीचा नहीं दिखाना चाहिए।

6. ग्रामीण चूहा और शहरी चूहा Moral Stories In Hindi For Class 5th


ग्रामीण चूहा और शहरी चूहा Moral Stories In Hindi For Class 5th

एक बार की बात है। एक गाँव में रहने वाले चूहे की दोस्ती शहर के एक चूहे से हो गई। एक दिन ग्रामीण चूहे ने शहरी चूहे को खाने पर बुलाया। उसने उसे जौ और मकई के दाने परोसे जो वह खेतों से लाया था।

जब वे दोनों शहर आए तो शहरी चूहे ने अपने दोस्त के सामने शहद, फल, पनीर और बिस्किट रखे। जैसे ही उन्होंने खाना शुरू किया वैसे ही एक आदमी ने दरवाजा खोला और दोनों चूहे डर के मारे अपने बिल में भागकर छुप गए।

बहुत इंतजार के बाद जब उन्होंने दोबारा खाना शुरू किया तो अचानक एक औरत ने प्रवेश किया और कुछ ढूँढना शुरू कर दिया। दोनों चूहे फिर से भागे और छिप गए। ग्रामीण चूहा परेशान होकर बोला,

"मैं अपने गाँव का सीधा-साधा खाना खाकर ही खुश हूँ। कम से कम वहाँ तुम्हारी तरह हर पल एक खतरा नहीं उठाना पड़ता। मैं जौ और मकई खाकर भी सन्तुष्ट हूँ।

लेकिन तुम इतना अच्छा खाना खाकर भी संतुष्ट नहीं हो क्योंकि इस खाने के लिए तुम हर रोज़ डर और खतरों का सामना करते हो।"

New Moral Stories In Hindi For Class 5th शिक्षाः आजादी और भयहीनता खुशी की अनिवार्य शर्ते हैं।

7. मरता क्या न करता Hindi Moral Stories For Class 5th


मरता क्या न करता Hindi Moral Stories For Class 5th

तेज़ बारिश में मछली पकड़ना खतरनाक होने के बावजूद पॉल मछली पकड़ने के लिए घर से निकल पड़ा क्योंकि वह अपने परिवार को भूख से तड़पता नहीं देख सकता था।

वह नदी पर गया और एक किनारे से दूसरे किनारे तक जाल फैला दिया। पानी का बहाव बहुत तेज था। उसने जाल की रस्सी का एक सिरा पत्थर से बांध दिया ताकि जाल हिला-हिला कर वह मछली पकड़ सके।

जाल में फंसी मछली जब डर से आतंकित होकर बार-बार उछलकर जाल से से छुटकारा पाने की कोशिश कर रही थी तो उसके कारण किनारे पर जाल में लगी मिट्टी पानी में मिल रही थी।

तभी पास से गुज़रता हुआ एक व्यक्ति बोला, "तुम इस नदी को क्यों गंदा कर रहे हो? ऐसा करने से हमारे पीने का पानी भी गंदा हो रहा है।" पॉल ने कहा, "यदि मैं ऐसा नहीं करूँगा तो मेरा परिवार भूख से तड़प-तड़प कर मृत्यु का ग्रास बन जाएगा।"

Latest Hindi Moral Stories For Class 5th शिक्षा: अपने जीवन का मार्ग खुद बनाना पड़ता है।

8. झूठ की सजा In Hindi Moral Stories For Class 5th


झूठ की सजा In Hindi Moral Stories For Class 5th

एक बार एक आदमी अपने पालतू बंदर के साथ समुद्री जहाज़ में यात्रा कर रहा था। अचानक तूफान आ जाने के कारण जहाज़ पलटने लगा। सभी लोगों के साथ-साथ वह बंदर भी पानी में कूद गया।

एक डॉलफिन ने उस बंदर को मनुष्य समझकर बचा लिया। डॉलफिन उसे अपनी पीठ पर बैठाकर किनारे की ओर लेकर जा रही थी। ग्रीस देश की सीमा पार करते ही डॉलफिन ने बंदर से पूछा, "क्या तुम एथेंस के रहने वाले हो?"

बंदर ने झूठ बोल दिया, "हाँ।" डॉलफिन ने पूछा, "क्या तुम्हें पिराकस पता है?" बंदर बोला, "हाँ, वह मेरा अच्छा मित्र है।" बंदर ने सोचा कि वह एक व्यक्ति का नाम है जबकि पिराकस एक बंदरगाह है।

डॉलफिन यह सुन समझ गई कि बंदर झूठ बाल रहा है। उसने पानी में डूबकी लगाई और बंदर पानी में डूबकर मर गया।

For Class 5th Moral Stories In Hindi शिक्षाः झूठ से केवल क्षणिक लाभ हो सकता है; उससे प्राय: भारी नुकसान होता है।
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9. नासमझी का नतीजा For Class 5th Moral Stories In Hindi


नासमझी का नतीजा For Class 5th Moral Stories In Hindi

एक बार एक जंगल में कुछ शिकारी शिकार करने के लिए आए। वे दिन भर एक हिरण का पीछा करते रहे पर हिरण उनके हाथ नहीं आया। भागते-भागते जब वह कहीं ओझल हो गया तो शिकारी थक-हार कर एक पेड़ के नीचे बैठ गए।

हिरण भी उस पेड़ से थोड़ी-सी दूर घनी झाड़ियों में छिपा हुआ था। सुबह से भागते-भागते उसे भूख लग आई थी, इसलिए जब उसने झाड़ियों के नर्म मुलायम पत्तों को देखा तो उन्हें ही खाने लगा।

शिकारियों ने झाड़ियों में हलचल होती सुनी वे सावधान होकर उधर देखने लगे। उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि हिरण झाड़ियों के पीछे छिपा हुआ है। एक शिकारी ने तुरंत धनुष उठाया और हिरण को निशाना बनाकर बाण छोड़ा।

तीर से हिरण बुरी तरह घायल होकर गिर गया और सोचने लगा,"अपनी मौत के लिए मैं स्वयं जिम्मेदार हूँ। मैं लालच में आकर उन्हीं झाड़ियों को खाने लगा था, जिन्होंने मुझे छिपाकर मेरी जान बचाई थी।"

Moral Stories In Hindi For Class 5th शिक्षा: हमें हर काम सोच-समझकर करना चाहिए।

10. तैरने की चाहत Hindi Moral Stories For Class 5th


तैरने की चाहत Hindi Moral Stories For Class 5th

बसंत का सुहाना मौसम था। सर्दी की ऋतु बीत चुकी थी और गर्मियाँ अभी शुरू नहीं हुई थीं। एक बच्चा नदी किनारे टहल रहा था कि अचानक उसका तैरने का मन हुआ। उसने कपड़े उतारकर किनारे पर रखे और नदी में कूद गया।

पानी में उतरते ही उसे महसूस हुआ कि पानी बहुत ठंडा है। यदि इसमें कुछ देर और रहा तो ठंड लग जाएगी। इसलिए उसने जल्दी से बाहर निकलना चाहा,

लेकिन नदी उस समय अपने उफान पर थी और उसे अपने साथ बहाए लिये जा रही थी। लड़के ने बाहर निकलने की बहुत कोशिश की पर निकल नहीं पा रहा था। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा,"बचाओ, बचाओ !

मैं डूब रहा हूँ।" नदी के पास से एक व्यक्ति गुजर रहा था। वह बोला, "मूर्ख बालक! तुम्हें समझ होनी चाहिए कि यह तैराकी का मौसम नहीं है।

यदि तुम्हारे माता-पिता तुम्हें ऐसे तैरता हुआ देखते तो कितना नाराज होते, इसका तुम्हें अंदाजा भी नहीं है।" बच्चा बोला,"अंकल! पहले मुझे बाहर निकालो, फिर ऐसी गलती नहीं करुंगा।"

Hindi Moral Stories For Class 5th शिक्षा: हर काम का एक सही समय होता है।
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